लगातार प्रकाशित खबरों का आखिरकार अब हुआ असर
देर से आये पर दुरुस्त तो आये वाली कहावत की तर्ज पर,जिला प्रशासन-संघर्ष से सिद्धि की लगातार प्रकाशित खबरों के बाद नींद से जागा
जिले में संचालित अपंजीकृत चिकित्सकीय संस्थानों एवं अपात्र व्यक्तियों,झोलाछाप,फर्जी डॉक्टरों पर कार्यवाही हुई शुरू
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के आदेश ओर आयुक्त चिकित्सा शिक्षा संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मध्यप्रदेश भोपाल की ओर से आदेश 15/07/2024 को जारी किया गया था। यह आदेश फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के साथ अवैध क्लीनिकों पर कार्यवाही हेतु जारी किया गया था।
लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद,अंतत: अपनी कुम्भकर्णीय नींद से जागा तो प्रशासन
उपरोक्त आदेश के बाद से इसी समाचार पत्र में फर्जी और झोलाछाप डॉक्टरों के अवैध क्लीनिकों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु लगातार समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसके बाद कुछ दिनों पहले उपरोक्त अवैध गतिविधियो को प्रशासन ने अपने संज्ञान में लेकर,पहले तो पड़ोसी जिले अलीराजपुर में प्रशासन द्वारा पूरी ईमानदारी से फर्जी डाक्टरों और झोलाछाप डॉक्टरों के अवैध क्लिनिकों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। जब हमने पड़ोसी जिले अलीराजपुर में की गई कार्यवाही के समाचार प्रकाशित किये,तब कही जाकर देर से ही आये पर दुरुस्त तो आये वाली कहावत की तर्ज पर जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी झाबुआ अपनी कुम्भकर्णीय नींद से जागा और संघर्ष से सिद्धि समाचार पत्र में लगातार प्रकाशित खबरों पर,अब जाकर मोहर लग पायी है। अंतत: जिले में शनिवार को मातृ शक्ति कलेक्टर नेहा मीना के आदेश के परिपालन में जिले में संचालित अपंजीकृत चिकित्सकीय संस्थानों एवं अपात्र व्यक्तियों,फर्जी और झोलाछाप चिकित्सको पर कार्यवाही की गई ।
कुछ ऐसी ही कार्यवाही के है दरकार..सीएमओ पेटलावद पर भी
आदेशो का लगातार अपमान ही करना जिनकी फितरत बन गयी हो,तो ऐसी पेटलावाद सीएमओ आशा भंडारी के खिलाफ अब तक कार्यवाही क्यो नही कर पा रहा प्रशासन? जबकि मातृ शक्ति दो आयएएस,एक तो कलेक्टर नेहा मीना और दूसरी पेटलावद एसडीएम तनुश्री मीना जिले में पदस्थ भी है। मजेदार बात तो पहली बार संसदीय क्षेत्र से 3 विधायक भी मंत्री तक है। आखिरकार सीएमओ को किसका संरक्षण मिल रहा है? इसी समाचार पत्र ने पेटलावाद अवैध निर्माण के हादसे के बाद से लगातार सीएमओ के अक्षम्य कृत्यों की लगातार खबरे प्रकाशित कर प्रशासन को अवगत भी करा दिया है। अब लग रहा हैं कि मातृ शक्ति कलेक्टर फर्जी डॉक्टरों पर की गयी कार्यवाही की तरह ही,लगातार प्रकाशित खबरो को संज्ञान में लेकर सीएमओ के खिलाफ भी एक्शन मोड में आ सकती है।
कुछ इस तरह से प्रशासन की छवि को धूमिल कर चुकी है
1-नगर परिषद बड़नगर से इनका स्थानांतरण सीएमओ से उच्च पद डिप्टी कमिश्नर के पद पर नगर निगम उज्जैन हुआ था। उन्होंने आदेश का पालन नही किया,इसे उनकी हठधर्मिता ही कह सकते है क्योंकि उन्होंने उज्जैन नगर निगम में जोइननिग ही नही दी थी। मजेदार बात तो यह है कि इतना कुछ होने के बाद उन्होंने अपना स्थानांतरण नगर पालिका बदनावर में करवा लिया था।
2-बदनावर में जब वे सीएमओ थी,तब किसी पत्रकार ने नगर परिषद की जो सच्चाई थी,उसे उजागर किया था। तब सीएमओ को पत्रकार का उनके खिलाफ खबर लिखना नागवार गुजरा था और पत्रकार की शिकायत अजजा आयोग भोपाल में कर दी थी।
3-प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन नगरीय प्रशासन विभाग भोपाल और उनके आदेश क्रमांक 3669 दिनांक 25/10/19 प्रातः: 06 बजे से 09 बजे तक अनिवार्यत: प्रात:काल फील्ड में सीएमओ को भ्रमण करना होता है,उस आदेश का भी उन्होंने आज तक अपमान ही किया है।
4-नगर परिषद पेटलावद से इनका स्थानांतरण नगर परिषद पिपलिया मंडी जिला मंदसौर में हुआ था,लेकिन जो प्रशासन का अपमान करना को ही,अपना सम्मान समझती है,इनके द्वारा पुन: उच्च न्यायालय की शरण लेते हुए शासन के आदेश के खिलाफ खड़ी होकर स्थानांतरण को निरस्त करवाया।
5-नगरीय प्रशासन विकास एवं आवास विभाग भोपाल जो कि शासन का अभिन्न अंग है। इसके तहत नियम ओर नगरीय निकायों के संचालन के लिए अधिनियम भी बने है। भवन निर्माण अनुमति के लिए एक धारा 128 है,उसका यदि वर्णन करेंगे तो खबर बहुत बड़ी बन जाएगी। खैर,कहने का मतलब इन्होंने उस धारा के अंतर्गत बने नियमों अनुसार समय पर कार्यवाही नहीं की और पेटलावाद में अवैध निर्माण के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ था,जिसमे दो मजदूरों की मृत्यु हो गयी थी। हादसे के बाद पेटलावद एसडीएम तनुश्री मीणा ने भी इस निर्माण को अवैध निर्माण माना था।
6-सीएमओ के खिलाफ मीडिया द्वारा लगातार समाचार प्रकाशित हो रहे थे। जिसके कारण पत्रकारों को धमकाते हुए उन्होंने 7 मई को ग्रुप में एक मेसेज डाला था कि *नगर परिषद व शासन के खिलाफ असत्य,झूठी व भ्रामक खबर फैलाकर नागरिकों में असंतोष पैदा करने वालों के खिलाफ नगर परिषद करेगी सख्त कार्यवाही व एफआईआर दर्ज करवायेगी ।
7-पेटलावद शहर होलकर स्टेट का अभिन्न अंग है। लोकमाता मां अहिल्या बाई होलकर की 300 वी जन्म जयंती के दिन प्रदेश में तीन दिन तक आयोजन किया गया था। पर नगर परिषद के द्वारा जयंती पर कोई भी कार्यक्रम स्थानीय स्तर आयोजित नहीं किया गया था। उल्लेखनीय है कि सीएमओ को जयंती की जानकारी होने के बावजूद भी उन्होंने लोकमाता मां अहिल्या बाई की अनदेखी और उपेक्षित कर उनका अपमान करने का भी अक्षम्य कृत्य किया।
8-देश की आन-बान और शान तिरंगा,जिसके रंग अलग-अलग संदेश देते है। अभी हाल ही में तिरंगे रंग का दुरुपयोग कर उन्होंने देश के साथ प्रदेश को भी शर्मसार करने का अक्षम्य कृत्य कर दिया। गौरतलब है कि जिस अधिकारी को अपमान करने की आदत ही हो गई है,वह कैसे अपनी आदत अब बदल सकती है?
सतत कार्यवाही जारी रहेगी
हमने कार्यवाही के तहत रामा में 02 और पेटलावद में 01 एफआईआर दर्ज की है। राणापुर तथा झाबुआ में बगैर पंजीयन संचालित 40 क्लीनिक संचालकों को नोटिस जारी कर क्लीनिक का संचालन बंद करवाया है। साथ ही मध्यप्रदेश उपचर्या तथा रूजोपचार संबंधी स्थापना-रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन अधिनियम सन 1973 यथा संशोधित 2022 के अंतर्गत क्लीनिक पंजीयन करवाने के निर्देश जारी किये है। आगे भी सतत कार्यवाही जारी रहेगी।
बीएस बघेल- सीएमएचओ,झाबुआ

