झाबुआ संजय जैन-जिला ब्यूरो।  जिले में खरीफ मौसम 2025 हेतु प्रस्तावित रकबा 189260 हैक्टेयर के विरूद्ध शतप्रतिशत बुआई कार्य सम्पन होकर फसलो की वानस्पतिक वृद्धि बेहतर होकर दलहनी व तिलहनी फसले पुष्प अवस्था में है। जिले की औसत वर्षा 773.40 मि.मी. के विरूद्ध अद्यतन 530.87 मि.मी. रिकार्ड की जा चुकी है। जिला कलेक्टर द्वारा समय-समय पर आयोजित विभागीय बैठको में समीक्षा के दौरान प्रदत्त निर्देशों के अनुक्रम में 13 अगस्त 2025 को उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास जिला झाबुआ एनएस रावत स्वयं ने जिला स्तरीय डायग्नोस्टिक टीम के साथ विकासखण्ड झाबुआ के ग्राम सजवानी छोटी विकासखण्ड रामा के ग्राम रजला गुलाबपुरा विकासखण्ड राणापुर के ग्राम मोहनपुरा भूरका, ढोल्यावाड, सारसवाट, भोडली, भूतखेडी, मोरडुडिया, अंधारवाड एवं टिकडीजोगी का भ्रमण कर खरीफ फसलें यथा मक्का, सोयाबीन, कपास, तुवर, मुंगफली, मुंग इत्यादि का अवलोकन किया । फसल अवलोकन के दौरान फसले संतोषजनक स्थिति मे पायी गई।

किटनाशक का छिडकाव करने की दी सलाह

ग्राम भुतखेडी के कृषक गोविन्द मडिया के खेत में आंशिक रूप से मक्का फसल में फॉल आर्मीवर्म का प्रकोप दिखाई देने पर मौके पर ही उपस्थित कृषक को किट नियंत्रण हेतु अनुशंषित किटनाशक का छिडकाव करने की उन्हें सलाह दी गई। फील्ड भ्रमण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र झाबुआ के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह, अनुविभागीय कृषि अधिकारी झाबुआ एलएस चारेल, कार्यालयीन सहायक संचालक कृषि एसएस रावत, विकासखण्ड राणापुर के प्रभारी कृषि विकास अधिकारी अमरसिंह खपेड मैदानी अमलो के साथ उपस्थित थे।

किट नियंत्रण हेतु कृषक बंधुओं को दी सलाह

उप संचालक कृषि एनएस रावत ने फसलों में किटव्याधियों के प्रकोप होने पर किट नियंत्रण हेतु कृषक बंधुओं को ये उपाय करने की सलाह दी।खेत फसलों का नियमित देखरेख करे। दलहनी व तिलहनी फसलों में पीला मौजेक का प्रकोप होने पर ग्रसित पौधे को खेत से निकालकर नष्ट करे तथा अधिक प्रकोप होने परथायोमिथोक्सम/ एसिटामिप्रिड/इमिडाक्लोप्रीड 10 मि.ली. प्रति स्प्रेयर पंप के मान से उचिम घोल बनाकर छिड़काव करे। मक्का फसल में फॉल आर्मिवर्म के प्रकोप होने पर अनुशंषित कीटनाशक ईमामेक्टिन बेन्जोएट या थायोमिथोक्सम लैम्बडासायहेलोथ्रिन का उचित घोल बनाकर छिड़काव करे।कपास फसल में रस चुषक कीट एफिड का प्रकोप होने पर एसीटामेप्रिड दवा का 10 मि.ली. प्रति स्प्रेयर पंप के मान से उचिम घोल बनाकर छिड़काव करे। तम्बाकू की इल्ली/पत्ते खाने वाली इल्ली/ रस चुषक के प्रकोप होने पर नियंत्रण हेतु थायोमिथोक्सम+लैम्बडासायहेलोथ्रिन या बीटासायफ्लूथ्रीन +इमिडाक्लोप्रीड का छिड़काव करे।