प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक की अजीबो-गरीब दास्तानों पर
संजय जैन सह संपादक की कलम से भैया तो टी शर्ट में घूमता है-वो लाल किताब जरूर पढ़ें-मंत्री निकले और सड़क धंसी-अब वाहन निकाल कर दिखाओ-11 करोड़ की मशीन 22 करोड़ में-फर्जी डॉक्टर पर होगी, एफआईआर-अब सर्पाकार पुल चर्चा में-
229 यूनिट पर बिल आया,71 लाख का-स्मार्ट मीटर के झटके-
ये भैया तो टी शर्ट में घूमता है..
भाजपा महिला मोर्चा की ओर से पिछले दिनों भोपाल में आयोजित मॉक पार्लियामेंट में मुख्यमंत्री ने
छात्राओं से पूछ लिया कि पूरी पार्लियामेंट में भाई या बहन का शुभ वस्त्र क्या है....? एक छात्रा ने कहा- कुर्ता-पजामा और साड़ी। तब सीएम के निशाने पर राहुल गांधी थे, बोले ये भैया तो टीशर्ट में ही घूमता रहता है। पता नहीं कहां से बुद्धि लेकर आए है...? क्या बोलते हैं...?खुद को ही मालूम नहीं रहता है। किसको बोलते हैं...? ये भी मालूम नहीं रहता है ।
वो लाल किताब जरूर पढ़ें...
आपात्तकाल के 50 साल पर बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने हर सभा में लाल किताब लहराने वाले कांग्रेस नेताओं पर तंज कसा था कि वो लाल किताब जरूर पढ़ें, संविधान की हत्या किसने की है...? वो उस किताब में साफ लिखा भी है, उस समय न कोई वकील बचा था न ही अपील बची थी। न्याय,प्रचार और मीडिया ये तमाम व्यवस्थाये भी ध्वस्त थी। भाजपा के पहले के दल जनसंघ ने उस दौर की लड़ाई लड़ी थी। भाजपा ने ही बताया कि लोकतंत्र बचेगा तो देश रहेगा, तो हम रहेंगे। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए तो भाजपा ने व्यवस्था बनाई है।
मंत्री निकले और सड़क धंसी...
ग्वालियर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जैसे कद्दावर नेताओं का गृहनगर है। यह जानते हुए भी सिंधिया महल के पास 18 करोड़ की लागत से बनी सड़क 15 दिन में ही धसक गयी,तो मान कर चलना चाहिए कि सड़क बनाने वाला ठेकेदार या तो इन नेताओं से बड़े वाला है या आशीर्वाद कैसे मिलता है...? यह भली भांति जानता है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्डों के चलते सड़क सुरंग जैसी हो गई है। प्रभारी मंत्री मंत्री तुलसी राम सिलावट कहीं कार तो कहीं बाइक से सड़कें देखने निकले थे, उनके साथ ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी थे। मीडिया के सवालो से वह बचते नजर आए थे।पॉश इलाका सिटी सेंटर की सड़क देखकर सिलावट निकले ही थे कि यह सड़क भी धंस गई, जो कुछ ही महीने पहले ही बनाई गयी थी । घटिया सड़क निर्माण मामले ने तूल पकड़ा तो कलेक्टर रुचिका चौहान ने जांच के आदेश दे दिए हैं।ग्वालियर की तरह इंदौर में भी मेघदूत गार्डन के सामने भी सड़क धस गई थी, महापौर ने एयरटेल कंपनी पर 3 लाख के जुर्माने के साथ पुलिस में प्रकरण भी दर्ज कराया है।
स्मार्ट मीटर के झटके...
सीहोर में बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाए जाने का खुलकर विरोध कर रहे हैं। दशहरा वाला बाग क्षेत्र में बिजली वितरण कंपनी की टीम जब मीटर लगाने पहुंची, तो लोगों ने उन्हें रोक दिया और लगे हुए मीटर को तोड़ दिया था। लोगों में गुस्सा था कि जहां स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां पहले की तुलना में चार गुना तक ज्यादा बिजली बिल आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां विरोध हो रहा है,वहां मीटर नहीं लगाए जा रहे, लेकिन गरीब या सामान्य लोगों के यहां मीटर जबरन लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में भेदभाव क्यो किया जा रहा है...?
229 यूनिट पर बिल आया 71 लाख का...
विदिशा में होम गार्ड रोड में रहने वाले मुरारीलाल तिवारी के स्मार्ट मीटर की रीडिंग सिर्फ 219 यूनिट होने के बावजूद,उन्हें जुर्माने की राशि सहित 71 लाख रु.का बिल मिला है। उन्होंने उसकी लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी,अब तक तो कोई कार्रवाई नहीं हुई उलट उनके ताजा बिल में 1 लाख का जुर्माना भी जोड़ दिया गया। इस भारी भरकम बिजली बिल के बाद से उनका ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया है।
अब वाहन निकाल कर दिखाओ...
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पार्वती नदी पर बने पुल के जर्जर होने के बावजूद भी,उस पर से गुजरने वाले वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोकने के लिये पुल के दोनों तरफ दीवार उठा दी गई है। ग्रामीणों का आवागमन रोकने पुल के एक किनारे दीवार बनाने के निर्देश दिए थे। इस पर विभाग ने पुल पर दोनों तरफ दीवार बनाना दी। ऐसे में हजारों ग्रामीणों के सामने खेती और उनके बच्चों की शिक्षा की समस्या पैदा हो गई है। जिसे हल करने कोई वैकल्पिक रास्ता प्रशासन ने फिलहाल नहीं निकाला है। पुल बंद होने से नरसिंहगढ़-बैरसिया रोड बंद हो गया है। अब अगर किसी को नरसिंहगढ़ से बैरागढ़ आना हो तो उसे 50 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना होगा।
11 करोड़ की मशीन 22 करोड़ में...
भोपाल एम्स एक बार फिर विवादों में आ गया है। पहले दवाइयों की मनमानी दरों पर खरीद और अब 22 करोड़ रुपये में खरीदी गई स्पाइन रोबोटिक सर्जरी मशीन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मशीन को अमेरिकी मेडिकल डिवाइस कंपनी मेडट्रोनिक इंडिया के अधिकृत डीलर से खरीदा गया, लेकिन आरोप है कि यह
मशीन अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट में 71% मामलों में विफले एडवर्स रहे है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर एक यूजर ने एम्स भोपाल समेत स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को दस्तावेजों के साथ शिकायत करते हुए टैग किया है।
यह भी आरोप है कि नारायणा हेल्थ (एनएच) जैसे निजी अस्पतालों को यही मशीन महज 11 करोड़ रुपये में सप्लाई की गई थी। यानी, एम्स में इसकी कीमत लगभग दोगुनी 22 करोड़ रुपए में चुकाई गई। जानकारी के अनुसार, जब आरटीआई (RTI) के माध्यम से मशीन के क्रय से संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे, तो एम्स प्रशासन ने इसे थर्ड पार्टी जानकारी बताकर देने से इन्कार कर दिया। आरोप यह है कि यह जानकारी जान-बूझकर छिपाई जा रही है, जिससे गड़बड़ी सामने ना आ सके। एम्स भोपाल ने यह मशीन पटना के एक चैनल पार्टनर (वेंडर) के माध्यम से खरीदी है।
फर्जी डॉक्टर पर होगी एफआईआर.
फर्जी लाइसेंस से कैथलैब चलाने वाले दमोह के फर्जी कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय लाल के मामले में मानव अधिकार आयोग की समिति ने दो महीने जांच के बाद आठ पेज की रिपोर्ट तैयार की थी। मिशन अस्पताल संचालक डॉ.लाल के खिलाफ धोखाधड़ी, मरीजों के साथ विश्वासघात करने और चिकित्सकीय लापरवाही के तहत एफआइआर दर्ज की जाएगी। तत्कालीन सीएमएचओ के विरुद्ध भी विभागीय जांच होगी, तब के एसपी को भी दोषी माना गया है। मिशन अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने का भी कहा गया है। इस संबंध में आयोग ने डीजीपी को निर्देश भी दिए हैं।सात मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख की सहायता मिशन अस्पताल से दिलाने की अनुशंसा भी की है, जो इलाज में लापरवाही का शिकार हुए थे।
अब सर्पाकार पुल चर्चा में...
भोपाल में 90 डिग्री एंगल वाले ऐशबाग ब्रिज के बाद अब राजधानी के ही एक और पुल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। महज 8 घंटे में हुए दो हादसों ने भोपाल के ही सुभाष नगर आरओबी के डिजाइन की खामी को सामने ला दिया है । हादसों से जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ,लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं हो इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।सुभाष नगर में करीब 40 करोड़ की लागत से बने इस आरओबी को शुरू हुए दो साल हो चुके हैं ,लेकिन इसकी डिजाइन को लेकर जो शंकाए तब उठ रही थी,वो अब हादसों के रूप में सामने आ रही है। इस पुल का डिजाइन सांप की तरह है । सर्पाकार डिजाइन वाले इसी पुल पर मोड़ के बाद आने वाला रोड डिवाइडर,किसी खतरे से कम नहीं है । इस डिवाइडर से टकरा कर एक गाड़ी हवा में उछल कर पलट जाती है, तो दूसरी स्कूल वैन टकराकर क्षतिग्रस्त हो जाती है।

