एनडीएमसी ने लागू की वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था, तुरंत प्रभाव से लागू
नई दिल्ली: दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने राजधानी में प्रदूषण को नियंत्रित करने और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने एक तिहाई कर्मचारियों को घर से कार्य करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की नई नीति लागू
परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने घोषणा की है कि एनडीएमसी के लगभग 33 प्रतिशत कर्मचारी अब अपने घरों से ही विभागीय कार्यों का निष्पादन करेंगे। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अस्तित्व में आ गई है जिसका मुख्य उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की भीड़भाड़ को कम करना और अनावश्यक आवागमन को नियंत्रित करना है। विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल ईंधन की खपत में कमी आएगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
श्रेणीबद्ध चयन और रोटेशन के आधार पर होगी ड्यूटी
नई गाइडलाइंस के मुताबिक समूह बी और समूह सी के कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ दिया जाएगा जिसके लिए विभागाध्यक्षों को विस्तृत सूची तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चयन प्रक्रिया में उन कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी जो दूर-दराज के क्षेत्रों से अपने निजी वाहनों के जरिए कार्यालय आते हैं ताकि परिवहन के दबाव को कम किया जा सके। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान सभी कर्मचारियों को आधिकारिक संचार माध्यमों पर सक्रिय रहना होगा और किसी भी आपातकालीन स्थिति में कार्यालय बुलाए जाने पर तत्काल उपस्थिति अनिवार्य होगी।
आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को मिली छूट
जनहित को ध्यान में रखते हुए परिषद ने स्पष्ट किया है कि शहर की मूलभूत और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों पर यह नियम लागू नहीं होगा। अस्पताल, सफाई व्यवस्था, बिजली-पानी की आपूर्ति, उद्यान विभाग और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं के कर्मचारी पहले की तरह ही कार्यक्षेत्र पर मौजूद रहेंगे ताकि नागरिक सेवाओं में कोई व्यवधान न आए। इंजीनियरिंग, प्रवर्तन दल और निरीक्षण टीमों को भी इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है ताकि शहर का रख-रखाव और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और प्रोत्साहन की योजना
एनडीएमसी अपने कर्मचारियों के बीच सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे दिल्ली मेट्रो कार्ड के माध्यम से यात्रा भत्ता प्रदान करने की संभावनाएं तलाशें जिसके लिए जल्द ही मेट्रो और डीटीसी अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की जाएगी। इसके अतिरिक्त परिषद की विभिन्न कॉलोनियों से कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता को न्यूनतम किया जा सके।

