नूतन वर्ष पर बावन जिनालय का द्वारा उद्घाटन का हुआ आयोजन
नूतन वर्ष पर बावन जिनालय का द्वारा उद्घाटन का हुआ आयोजन
झाबुआ।संजय जैन-ब्यूरो। साध्वी भगवंत श्री रत्नरेखा जी के साथ ही साध्वी मंडल के सान्निघ्य में कल बुधवार सुबह नूतन वर्ष के आगमन पर शहर के श्री ऋषभदेव बावन जिनालय, श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ जिनालय, पुंडरीक स्वामी गणधर मंदिर,श्री जिनदत्त कुशल सूरी दादावाड़ी, श्री महावीर बाग और श्री गोड़ी पार्श्वनाथ जिनालय का द्वार उद्घाटन का आयोजन सुबह विभिन्न लाभार्थी परिवार द्वारा किया गया। साध्वीजी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान महावीर स्वामी जी ने अपनी अंतिम देशना 16 प्रहर तक सतत प्रदान करते हुए जगत के सभी जीवों का कल्याण किया था। भगवान की अंतिम वाणी आज भी उत्तराध्ययन सूत्र के रूप में हमारे बीच विद्यमान मान है,जिसको श्रवण कर हम सभी जीव मोक्ष मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
नूतन वर्ष की मांगलिक श्रवण करवाई
नूतन वर्ष पर पट्ट (द्वार) खोलने के लिए जुलूस निकाला गया। जिसकी शुरुआत कल बुधवार सुबह 4.45 बजे बावन जिनालय से साध्वी रत्नरेखा जी को लेकर समाजजन व लाभार्थी परिवार राहुल अमृतलाल सागरमल संघवी परिवार के साथ उनके निवास जगमोहन दास मार्ग पहुंचे। यहाँ से जुलूस सुबह 5.10 बजे लाभार्थी संघवी परिवार के निवास से शुरू होकर राजवाड़ा से निर्वाण लाडू के लाभार्थी डॉ. ज्ञानचंद अभिषेक मेहता परिवार को शामिल करते हुए राधाकृष्ण मार्ग होते हुए 5.40 बजे श्री ऋषभदेव बावन जिनालय पहुंचा। जहां सभी जिनालय के पट्ट (द्वार) खोलने एवं निर्वाण लड्डू सभी लाभार्थी परिवारों द्वारा अर्पण करने के पश्चात साध्वीश्री द्वारा सुबह 6.45 बजे भक्तामर, गौतम स्वामी जी का रास एवं नूतन वर्ष की मांगलिक श्रवण करवाई गई। मनोहरलाल छाजेड़ परिवार द्वारा गौतम स्वामी जी की वाक्षेप पूजा की गई, दर्शन मेहता परिवार द्वारा महावीर स्वामी जी की आरती उतारी गई एवं गौतम स्वामी जी की आरती जीवनबेन पोरवाल ने उतारी।
खीर एकाशने का आयोजन हुआ
कार्यक्रम के पश्चात 8.15 बजे सकल श्री संघ की नवकारसी बावन जिनालय धर्मशाला में हुई। वही खीर एकाशने के तपस्वी का 11.15 बजे एकाशना हुआ। इस दौरान संचालन श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता ने किया और आभार श्री संघ सचिव रत्नदीप सकलेचा ने माना। इस अवसर पर चातुर्मास के प्रमुख कमलेश कोठारी ने सभी समाजजनों को नूतन वर्ष की बधाई दी।
यह थे लाभार्थी
विभिन्न जिनालय द्वार खोलने के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाने का लाभ लिया रिंकू रुनवाल ने बताया कि इस दौरान द्वार खोलने के लाभार्थी में बावन जिनालय एवं नाकोड़ा मंदिर में राहुल अमृतलाल संघवी परिवार, गणधर मंदिर एवं दादावाड़ी में कमलेश सुजानमल कोठारी परिवार, निर्वाण लड्डू चढ़ाने के लाभार्थी मूलनायक एवं श्री महावीर स्वामी भगवान के लाभार्थी डॉ. ज्ञानचंद धर्मचंद, अभिषेक, आरव मेहता परिवार रहे। वही रंगपुरा श्री केशरियानाथ जी, दादावाड़ी गुरुदेव एवं नाकोड़ा भैरव जी के लाभार्थी राहुल अमृतलाल सागरमल संघवी परिवार, श्री गौतम स्वामी के उल्लास, उमंग, मणिलाल जैन परिवार रहे। दादा गुरुदेव श्री राजेंद्र सूरीश्वर जी व विहार धाम फूलमाल में यशवंत, निखिल, शार्दूल, जिनांश भंडारी परिवार रहा। श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ मंदिर में अनिल, राजेंद्र बाबूलाल संघवी परिवार रहा। श्री पुंडरीक स्वामी गणधर मंदिर में कमलेश, सुजानमल कोठारी परिवार रहा। गोड़ी पार्श्वनाथ मंदिर में अशोक समरथमल राठौर परिवार, महावीर बाग में जितेंद्र भरत बाबेल, रमेशचंद्र बाठिया परिवार और देवझिरी में प्रतिक निर्मल मेहता परिवार, श्री नागेश्वर पार्श्वनाथ तीर्थ पीटोल में मनोहरलाल भंडारी परिवार रहा।

