अनदेखी-नहीं चलाया जा रहा कैच-द-रैन-अभियान......
नगरीय निकाय के पास जमा है राशि,पर उसका नहीं किया जा रहा उपयोग-रैन वाटर हार्वेस्टिंग की तैयारी कागजों पर सिमटी.........
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। बारिश का मौसम शुरू हो गया है,लेकिन रैन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर प्रशासन की तैयारी अधूरी है। शहर में बड़े भवनों में हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं बनाया जा रहा है। जिले में भू जलस्तर गिरने के बाद भी प्रशासनिक अफसरों की सकती नहीं होने से शासकीय भवनों के साथ निजी भवनों के मालिक भी हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार नहीं कर रहे हैं।
हर साल गिर रहा जलस्तर...
एक हेक्टेयर भूमि पर 95 लाख लीटर पानी बारिश का आता है। जिसमें से 65.70 लाख लीटर पानी बहकर खेत और गांव से बहकर बाहर चला जाता है। यही हमारे जल संकट का सबसे बड़ा कारण है। बारिश का पानी सहेजने के कार्य को गंभीरता एवं अभियान के रूप में नहीं लेने एवं ट्यूबवेल के माध्यम से लगातार भू-जल निकालने से जिले का जलस्तर तेजी से गिर रहा है।
नहीं चलाया जा रहा कैच-द-रैन-अभियान.....
बारिश का पानी सहेजने के लिए शासन द्वारा कैच-द-रैन-अभियान नहीं चलाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा जनभागीदारी से जल संचय के लिए योजनाएं बनाई गई है,लेकिन अमल नहीं कर रहे हैं।तालाब, कूप,गड्ढा निर्माण के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार करना है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने नगरीय निकाय एवं पंचायत विभाग को नए शासकीय भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य रूप से तैयार करने के लिए कहा है,लेकिन भवनों में अनदेखी की जा रही है।
यहां रैन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी......
रैन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए शहरी क्षेत्र में मॉल,शॉपिंग कॉप्लेक्स,व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बिल्डिंगों के साथ शासकीय स्कूल, कॉलेज भवन, होटल, रेस्टोरेंट गार्डन में वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर दिया जाना चाहिए। निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग एवं व्यवस्था बनाने के लिए संयुक्त टीम का प्रयास होना चाहिए।
खंडवा जिले से सीखने की जरूरत.....
केंद्र सरकार के कैच-द-रैन अभियान में जिला खंडवा प्रदेश में पहले स्थान पर आया है। यहां पर सामाजिक संगठनों और आम लोगों को जागरूक कर सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचना बनाई गई। निगम ने हर कर्मचारी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग,सोक पिट निर्माण का लक्ष्य दिया है। जिले प्रशासन को भी खंडवा जिले से सीख लेकर पानी को बचाने के लिए जिलास्तर पर अभियान शुरू करना होगा,तभी हम भू-जलस्तर बढ़ाने के साथ बारिश के पानी का उपयोग कर सकेंगे।
ये है नियम-जमा राशि का नहीं किया जा रहा हैं उपयोग......
नगरीय निकायों में बिल्डिंग परमिशन के लिए 140 वर्गमीटर से बड़े प्लाट में घर बनाने पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य है। निगम सिक्योरिटी डिपॉजिट के बाद बिल्डिंग परमिशन जारी करते हैं,जो सिस्टम लगाने पर लौटा दी जाती है,लेकिन निगम के पास सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा होने पर भी उसका उपयोग नहीं किया रहा है।

