अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट-एमबीयू पर केंद्रित-100 प्रतिशत आपार आईडी बनाने का लक्ष्य

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।  स्कूल के बच्चों के आधार कार्ड तैयार करने के लिए स्कूल में ही विशेष अभियान 25 अगस्त से चलाया जाएगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शिक्षा केंद्र ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण-यूआईडीएआई के साथ समन्वय किया है। सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुविधा के लिए आधार नामांकन और अपडेट शिविर लगाए जाएंगे। अभियान का नाम होगा विद्यार्थी के लिए आधार,अब विद्यालय के द्वार।

योजना का व्यापक प्रचार करने के लिए कहा गया

अभियान का पहला चरण मप्र के 40 जिलों में एक साथ शुरू होगा और एक से दो महीने तक चलेगा। आधार शिविरों की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए यूआईडीएआई ने जिलों में उन पिन कोडों की पहचान की है,जहां सबसे ज्यादा एमबीयू लंबित हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने मुख्य रूप से इन पिन कोडों के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों को शिविरों के लिए चुना है। शेष 15 जिलों में दूसरा चरण सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में शुरू होगा। स्थानीय जिला प्रशासन को अपने-अपने जिलों में आधार शिविर योजना का व्यापक प्रचार करने के लिए कहा गया है।

अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट-एमबीयू पर केंद्रित

यह पहल मुख्य रूप से बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट-एमबीयू पर केंद्रित है। इसमें उनके आधार में अंगुलियों के निशान, आइरिस स्कैन और एक तस्वीर अपडेट करना शामिल है। पहला अपडेट तब आवश्यक है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए। पहला एमबीयू 5 से 7 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क रखा गया है। विद्यार्थी के उम्र 7 वर्ष की आयु से अधिक होने के बाद शुल्क लागू होगा। दूसरा एमबीयू तब आवश्यक है जब विद्यार्थी 15 वर्ष का हो जाएगा। तीसरा एमबीयू 15 से 17 वर्ष की आयु के बीच पूरा होने पर निशुल्क है, लेकिन 17 वर्ष की आयु के बाद शुल्क लागू होगा।

100 प्रतिशत आपार आईडी बनाने का लक्ष्य

उल्लेखनीय है कि अपडेट बायोमेट्रिक्स वाला आधार कार्ड,स्कूल प्रवेश,प्रवेश परीक्षा,छात्रवृत्ति और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर-डीबीटी योजनाओं जैसी सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार समयबद्ध तरीके से विद्यार्थियों की 100 प्रतिशत आपार आईडी बनाने का भी लक्ष्य रख रही है। आपार आईडी विद्यार्थियों को उनके सभी शैक्षणिक क्रेडिट जैसे स्कोर कार्ड,मार्कशीट,ग्रेड शीट,डिग्री,डिप्लोमा,सर्टिफिकेट और सह-पाठ्यचर्या संबंधी उपलब्धियों को डिजिटल रूप से संग्रहित,प्रबंधित और एक्सेस करने में मदद करती है।

आपार के लिए जरूरी

यह आईडी शिक्षा जगत में छात्र के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करती है। आपार आईडी के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि स्कूलों द्वारा आपार आईडी बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले पोर्टल में दर्ज छात्र का नाम,आधार कार्ड में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। स्कूलों में आधार शिविर न केवल छात्रों को अपना अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट करवाने में सुविधा प्रदान करेंगे,बल्कि यदि आवश्यक हो तो आधार में नाम सुधार आपार आईडी बनाने के लिए और मोबाइल नंबर अपडेट के लिए भी उन्हें सुविधा प्रदान करेंगे।