मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ कर रहे आवेदन का वितरण
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए बीएलओ कर रहे आवेदन का वितरण
चार दिसंबर तक चलेगा अभियान,कटेंगे संदिग्ध मतदाताओं के नाम,दावे-आपत्ति का मिलेगा मौका
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। नगरीय क्षेत्र में भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर कार्य जारी है। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार बीएलओ घर घर जाकर मतदाताओं का सर्वे कर रहे है। उन्हें जरूरी आवेदन पत्र दे रहे है और साथ ही लोगों को उन दस्तावेजों से भी अवगत करवा रहे है,जो अनिवार्य है। अधिकारी प्रयास कर रहे है कि कोई भी मतदाता एफआईआर से छुटने ना पाए।
बीएलओ को निर्देश-घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए
निर्देश है कि बीएलओ वोटर लिस्ट समीक्षा के दौरान घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए। हर वोटर के यह फॉर्म अनिवार्य रूप से भरना होगा। अगर परिवार बाहर है, तो दूसरे या तीसरे प्रयास में इसमें शामिल हो सकता है। 3 बार फॉर्म भरवाने की कोशिश करेगा। फिर भी कोई आवास पर नहीं मिलता है,तो बूथ लेवल ऑफिसर संबंधित परिवार को नोटिस दे सकता है। इसके बाद एफआईआर में शामिल न होने पर मतदाता,परिवार के व्यक्ति का नाम हटाया जा सकता है। बीएलओ फॉर्म देने और बाद में फॉर्म जमा कराने जा रहे है। सर्वे कार्य में बीएलओ के साथ आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है,जो बीएलओ को जानकारी जुटाने में सहयोग दे रही है।
वेबसाइड पर लिस्ट में नाम चेक करें
निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एसआईआर 4 दिसंबर तक चलेगा। वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करना है तो संबंधित वेबसाइड पर इपीआइसी नंबर डालकर लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं। फोन पर एनवीएसपी ऐप डाउनलोड कर वोटर लिस्ट देख सकते हैं। डिजिटल वोटर आईडी कार्ड भी निकाल सकते हैं। इस अभियान की खासियत है कि 18 साल से अधिक उम्र के नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे। वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियां सुधारी जाएंगी। मृत लोगों या दूसरी जगहों पर स्थायी प्रवास पर नाम हटाए जाएंगे।
2003 की सूची के आधार पर तय हो रहा सर्वे
जानकारों ने बताया कि एसआईआर सर्वे 2003 में प्रकाशित मतदाता सूची के हिसाब से मतदाता का नाम जोड़ने,हटाने सहित सटीक मैपिंग हेतु जारी है,जिससे मतदाता सूची में कोई त्रुटि ना रहे। इस दौरान शादी,पलायन के कारण दूसरे नगर में जाने वाले परिवार का भी विशेष सर्वे हो रहा है।
इन 13 दस्तावेजों का है महत्व
कर्मचारियों को जारी किया हुआ परिचय पत्र,पेंशन भुगतान आदेश,1 जुलाई 1987 से पहले सरकार,स्थानिय,प्राधिकरण,बैंक,डाक-घर,एलआईसी,पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र,प्रमाण पत्र या दस्ताव,आधार कार्ड,जन्म प्रमाण पत्र,पासपोर्ट,मान्यता प्राप्त बोर्ड से जाती मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र,स्थायी निवास प्रमाण पत्र,वन अधिकार प्रमाण पत्र ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र,राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर,राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर,सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं।

