इंटीग्रेटेड टॉउनशिप का गजट नोटिफिकेशन -इंदौर सहित मप्र में टाउनशिप प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार टाउनशिप विकास से इंदौर में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर, जमीनों के दाम चढ़ेंगे
इंटीग्रेटेड टॉउनशिप का गजट नोटिफिकेशन -इंदौर सहित मप्र में टाउनशिप प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार टाउनशिप विकास से इंदौर में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर, जमीनों के दाम चढ़ेंगे
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। मप्र शासन ने एक साल पहले इन्वेस्टर समिट- फरवरी-25 में जिस इंटीग्रेटेड टाउनशिप की घोषणा की थी,उसके नियम तय करने के साथ ही इसका गजट नोटिफिकेशन हाल ही में कर दिया है। मास्टर प्लान के निर्धारण में होने वाले विलंब,जैसे कारणों से यह पॉलिसी प्रभावित नहीं होगी यानी किसान अपने मालिकी हक वाली जमीन इंटीग्रेटेड टॉउनशिप विकसित करने डेवलपर को सीधे सौंप सकता है। सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड टॉउनशिप का गजट नोटिफिकेशन करना इसलिये भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि इंदौर को मेट्रोपॉलिटन एरिया का दर्जा मिलने से,इसका दायरा बढ़ाकर अब 10,000 से 14,000 वर्ग किमी हो जाएगा। जिसमें इंदौर के साथ उज्जैन, देवास,धार,रतलाम,शाजापुर और मक्सी को मिलाकर एक विशाल आर्थिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। यह महानगर 5 जिलों के 1700 से अधिक गांवों और 55 लाख से ज्यादा की आबादी को कवर करेगा,जिससे परिवहन और औद्योगिक विकास में तेजी आएगी। इंदौर सहित प्रदेश में इसके बाद 400-500 एकड़ की टाउनशिप का दौर शुरू होगा,जिसे सरकार भी मदद कर रही है। इंदौर में भी ओमैक्स सहित कई प्रोजेक्ट इंवेस्टर समिट में एमओयू होने के बाद इसका इंतज़ार कर रहे थे। इंदौर में इसमें 79 गांवों के कारण,रुकी परमिशन की भी रुकावट नहीं आएगी। इंटीग्रेटेड टाउनशिप के गजट नोटिफिकेशन के बाद इंदौर में इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज होना तय है। अब जब इंदौर मेट्रोपोलिटन हो रहा है तो सुपर कॉरिडोर, पीथमपुर इंडस्ट्रियल बेल्ट,उज्जैन रोड,देवास रोड कॉरिडोर इन इलाकों में टाउनशिप बनना शहर के भविष्य की दिशा तय करेगा। पानी,सड़क, अस्पताल,स्कूल इन पर जो बोझ शहर पर रहता हैए वह टाउनशिप बनने से विभाजित हो जाएगा।
योजना,इंफ्रास्ट्रक्चर,विकास,रोजगार,रियल एस्टेट को गति मिलेगी
हितेंद्र मेहता देश की अग्रणी आर्किटेक्चर, शहरी नियोजन और परियोजना प्रबंधन परामर्श फर्मों में से एक मेहता एंड एसोसिएट्स के संस्थापक हितेंद्र मेहता ने कहांटीग्रेटेड टाउनशिप को आज के समय में शहरों के श्संतुलित विकास का सबसे प्रभावी मॉडल माना जा रहा है। जनसंख्या,उद्योग,शिक्षा,आईटी और रियल एस्टेट सभी क्षेत्रों में इंदौर तेजी से बढ़ता शहर है,ऐसे में इंटीग्रेटेड टाउनशिप का महत्व और बढ़ जाता है। परियोजना के शुरू होने से शहर में योजनाबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को नई गति मिलेगी। उनका यह भी सुझाव है कि ज्वाइंट वेंचर-छोटे छोटे दस भूमि मालिक को भी सरकार प्रोत्साहित करे तो ये ज्वाइंट वेंचर प्लानड भी सक्सेसफुल हो सकता है। सरकार ने हालांकि एसीएस स्तर की कमेटी गठित कर रखी है,फिर भी इंटीग्रेटेड टाउनशिप में परमिशन वाला पार्ट फास्ट होना,इसके लिये फायदेमंद हो सकता है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप में सरकार को मास्टर प्लान,सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर,गरीबों के मकान की शर्तों वाली बाध्यता अपने स्तर पर ही करना चाहिए। कारण यह कि बिल्डर अपना माल तो फटाफट बेचने में विश्वास रखता है,ऐसे में सरकार को यह करना चाहिए कि वह गरीबों को मकान देने की शर्तों के तहत डेवलपर से निर्धारित राशि जमा करा ले,नगर निगम को भूमि ट्रांसफर कर दे ताकि वह डेवलप कर के संबंधित वर्ग को मकान सौंप सके।
वर्टिकल टॉउनशिप में मप्र बन सकता है रोल मॉडल के अवसर
हितेंद्र मेहता का कहना है कि सौ एकड़ वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिये इतनी जमीन का मतलब होगा,कृषि भूमि की उपलब्धता में निरंतर कमी। किसी भी शहर के विकास में जितना कंस्ट्रक्शन जरूरी है,उतनी ही एग्रीकल्चर लैंड भी जरूरी है। ऐसे में बेहतर यह भी हो सकता है कि सरकार वर्टिकल टाउनशिप को प्रोत्साहित करे। वर्टिकल टाउनशिप 10 या 25 हेक्टेयर भूमि पर भी विकसित की जा सकती है। कम एरिये में वर्टिकल टाउनशिप विकसित करने से एफोर्डेबल हाउसिंग का सपना पूरा हो सकता है। चार-पांच फ्लैट वाले बंगलों के चलते टू-थ्री प्लैट वाली इंटीग्रेटेड टाउनशिप डेवलप करना चाहिए। साउथ में इस दिशा में काम शुरू हुआ है,लेकिन मप्र सरकार वर्टिकल टाउनशिप को प्रोत्साहित कर देश में रोल मॉडल बन सकती है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए जमीन उपलब्ध कराने वाला मालिक एक हो या एक से अधिक दस हों,सरकार को वर्टिकल टाउनशिप को प्रोत्साहित करने के लिये अपनी पॉलिसी में लचीलापन तो रखना ही होगा। मेहता ने पुणे ;महाराष्ट्र में मगरपट्टा के किसानों द्वारा कंपनी बना कर टाउनशिप डेवलप करने का जिक्र करते हुए कहा कि मगरपट्टा टाउनशिप डेवलप करने के साथ ही वर्टिकल टाउनशिप का भी उदाहरण है।
शहरों के संतुलित विकास में यह पॉलिसी,सकारात्मक बदलाव लाएगी
क्रेडाई इंदौर के सेक्रेटरी संदीप श्रीवास्तव- क्लासिक ग्रुप का कहना है कि हम तो मुख्यमंत्री यादव को धन्यवाद देना चाहते हैं कि इंवेस्टर समिट में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड टाउनशिप को लेकर, क्रेडाई ने जितने सुझाव दिये थे,उन सभी को इस पॉलिसी में शामिल किया है। शहरों के संतुलित विकास में यह पॉलिसी सकारात्मक बदलाव लाएगी। पॉलिसी में यह अच्छी बात है कि संबंधित शहर में मास्टर प्लान लागू होने, ना होने की स्थिति में भी इंटीग्रेटेड टाउनशिप का काम प्रभावित नहीं होगा, जमीन का लैंड यूज हो जाएगा। 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिये 10 हेक्टर में विकसित करने का प्रावधान है। इंदौर में 20 हेक्टर-करीब 50 एकड़ में विकसित की जा सकती है,साथ ही लैंड यूज चेंज कर सकते हैं। प्लॉनिंग एरिये के बाहर तो वैसे भी परमिशन की बाध्यता नहीं है। जमीन तो किसान की ही रहेगी,उसका डेवलपमेंट हम करेंगे। जमीन कम पड़ने की स्थिति में आसपास की सरकारी जमीन को भी मर्ज करने का प्रावधान है।
ऐसी ही योजनाओं से बड़े प्रोजेक्ट आएंगे
क्रेडाई चेयरमेन विजय गांधी-कालिंदी ग्रुप ने इस नोटिफिकेशन को सरकार का अच्छा कदम बताया है। उनका कहना था इंटीग्रेटेड टाउनशिप की दिशा में इंदौर सहित अन्य शहरों में तेजी से काम शुरू हो जाए,इसके लिए संबंधित विभागों में कसावट लाना भी जरूरी है। क्रेडाई प्रेसिडेंट गोपाल गोयल- सफायर ग्रुप का कहना था प्रदेश के विकास में सीएम डॉ.मोहन यादव की यह पहल स्वागत योग्य है। सरकार की ऐसी ही योजनाओं से बड़े प्रोजेक्ट आएंगे।

