जहरीली शराब नहीं, साजिशन हत्या! चार युवकों की मौत मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा
पटना। पटना जिले के बाढ़ थाना अंतर्गत बेढ़ना गांव में चार युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी को पुलिस ने 53 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने मंगलवार देर रात मामले का पर्दाफाश करते हुए स्पष्ट किया कि यह केवल जहरीली शराब का मामला नहीं, बल्कि प्रेम-प्रसंग और पुरानी रंजिश के चलते शराब में जहर मिलाकर की गई सुनियोजित सामूहिक हत्या थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है।
प्रेम प्रसंग और रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच और मुख्य आरोपी लाली से हुई पूछताछ में हत्याकांड के कारणों का खुलासा हुआ:
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विवाद की पृष्ठभूमि: मृतक निशु का आरोपी लाली की बहन के साथ करीब ढाई वर्ष से प्रेम प्रसंग था। बहन के विवाह के दौरान निशु ने स्टेज पर चढ़कर हंगामा भी किया था, जिससे लाली काफी क्षुब्ध था।
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चिढ़ाने से नाराज: घटना में मारे गए अन्य तीन युवक भी इस बात को लेकर अक्सर लाली का उपहास उड़ाते थे। लगातार उपहास और पुरानी रंजिश से तंग आकर लाली ने चारों को एक साथ खत्म करने की साजिश रची।
शराब में जहर मिलाने की साजिश और घटनाक्रम
एसपी के अनुसार, आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया:
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शराब में मिलाया जहर: लाली ने रेलवे स्टेशन के पास से घातक जहर खरीदा और शराब मंगवाकर उसमें मिला दिया।
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खुद पीने से बचा: महफिल में चारों युवकों ने जहरीली शराब पी, जबकि लाली ने अपना पैक तैयार होने के बावजूद नहीं पिया और बहाना बनाकर बाहर निकल गया।
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इलाज के दौरान मौत: शराब पीने के कुछ ही देर बाद चारों युवकों की तबीयत बिगड़ने लगी। बाढ़ अनुमंडल अस्पताल से गंभीर हालत में पटना रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में ही चारों ने दम तोड़ दिया।
शराब आपूर्ति की कड़ी और गिरफ्तारियां
पुलिस की 15 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का पता लगाया:
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सप्लाई चेन: लाली ने शराब आलू-प्याज कारोबारी रुदल कुमार से खरीदी थी, जिसे एक नाबालिग के माध्यम से सन्नी नामक व्यक्ति से मंगवाया गया था।
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कार्रवाई: पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता लाली कुमार और अवैध शराब विक्रेता रुदल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, शराब लाने वाले विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है।
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एफएसएल रिपोर्ट की प्रतीक्षा: पुलिस का कहना है कि इस्तेमाल किए गए विषैले पदार्थ की सटीक पहचान के लिए विसरा और शराब के नमूनों को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

