भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और बार-बार चोटिल होने की समस्या को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम चयन प्रक्रिया में कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया है। हाल के दौर में खिलाड़ियों के चयन के बाद ऐन वक्त पर अनफिट होकर बाहर होने के मामलों से सबक लेते हुए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी खिलाड़ी का चयन उसकी शत-प्रतिशत नहीं, बल्कि '200 प्रतिशत' फिटनेस सुनिश्चित होने के बाद ही किया जाएगा।

फिटनेस की पुख्ता पुष्टि के बाद ही मिलेगी टीम में जगह

बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, बोर्ड अब खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है:

  • नीति में बदलाव: जब तक किसी खिलाड़ी की मैच-फिटनेस को लेकर चयनकर्ता और मेडिकल टीम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाते, तब तक उसे मुख्य टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।

  • हालिया मामलों का असर: पिछले कुछ समय में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को टीम में शामिल किए जाने के बाद फिटनेस कारणों से बाहर होना पड़ा था, जिससे टीम संयोजन पर गहरा असर पड़ा था।

वीवीएस लक्ष्मण और देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया रुख

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण और बोर्ड के संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की बात कही:

  • पारदर्शिता और बैकअप प्लान: वीवीएस लक्ष्मण के अनुसार, फिटनेस रिपोर्ट और चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। यदि किसी खिलाड़ी को फिटनेस की शर्त के अधीन चुना जाता है और वह टेस्ट पास नहीं कर पाता, तो चयन समिति के पास तुरंत उपयुक्त विकल्प शामिल करने की व्यवस्था रहती है।

  • तारांकित चयन का तर्क: देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए टीम का चयन मुकाबलों से 21 से 28 दिन पहले होता है। यदि चयन के दिन कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं भी हो, तो भी मैच शुरू होने तक उसके पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना रहती है, इसलिए उसे तुरंत खारिज नहीं किया जाता।

अफगानिस्तान सीरीज से पहले खिलाड़ियों पर नजर

अफगानिस्तान के विरुद्ध आगामी तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भी कई प्रमुख खिलाड़ियों के नाम फिटनेस संबंधी शर्तों के साथ रखे गए हैं:

  • बुमराह और नीतीश की स्थिति: रिपोर्ट के अनुसार, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी पहले मुकाबले तक पूरी तरह मैच-फिट होने की राह पर हैं।

  • राणा और सुंदर पर संशय: वहीं, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस स्थिति पर मेडिकल टीम लगातार नजर रखे हुए है।

बीसीसीआई की इस नई नीति का मुख्य ध्येय यही है कि मैचों से ठीक पहले खिलाड़ियों के चोटिल होकर बाहर होने से टीम के संतुलन और प्रदर्शन पर कोई आंच न आए।