पेट्रोल-डीजल निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा, सरकार ने बदला शुल्क ढांचा
केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के विदेशी निर्यात पर लागू होने वाले अप्रत्याशित लाभ कर (विंडफॉल टैक्स) की समीक्षा के बाद नई दरों की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम निर्देशों के तहत पेट्रोल और डीजल के निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जबकि विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) पर लगने वाले लेवी में आंशिक कटौती कर राहत दी गई है।
ईंधन निर्यात शुल्क में प्रमुख संशोधन
वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव को संतुलित करने के उद्देश्य से कर दरों में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:
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डीजल निर्यात: डीजल के निर्यात पर लागू विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।
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पेट्रोल निर्यात: पेट्रोल निर्यात पर देय कर को 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
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विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF): हवाई जहाजों के ईंधन पर लगने वाले टैक्स में 50 पैसे की कटौती करते हुए इसे 19.5 रुपये से घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
घरेलू खुदरा बाजार पर प्रभाव
विंडफॉल टैक्स में यह बदलाव केवल घरेलू रिफाइनरियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर प्रभावी होता है। देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री दरों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं के लिए ईंधन के स्थानीय दाम पूर्ववत बने रहेंगे।

