मगरमच्छ ने बनाया किसान को शिकार, देखते ही देखते नाले में खींच ले गया
बगहा: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड स्थित नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव में रविवार शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। खेत में काम निपटाकर घर लौट रहे 45 वर्षीय किसान केदार बैठा पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उन्हें खींचकर नाले के गहरे पानी में ले गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भारी दहशत, अफरा-तफरी और गहरा शोक व्याप्त है।
खेत से लौटते समय नाले के पास हुआ अचानक हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केदार बैठा रविवार को अपने साथियों के साथ खेत में सोहनी (निकौनी) का काम पूरा करके घर की ओर लौट रहे थे। बेलहवा-सिरिसिया मार्ग के पास स्थित गुलहरिया सरेह के भापसा नाला को पार करने के दौरान पानी में छिपे खूंखार मगरमच्छ ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। जब तक किसान संभल पाते, मगरमच्छ उन्हें जबड़ों में दबोचकर पानी के भीतर खींच ले गया।
साथियों का बचाव का प्रयास और ग्रामीणों की भारी भीड़
किसान के साथ चल रहे कमल उरांव और नथुनी उरांव समेत अन्य साथी ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के शिकंजे से उन्हें नहीं छुड़ाया जा सका। हादसे की खबर आग की तरह फैलते ही आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और मृतक अपने पीछे पत्नी सीला देवी, दो पुत्रों तथा एक पुत्री से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
प्रशासन और वन विभाग की टीम ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना प्राप्त होते ही नौरंगिया थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। वन कर्मियों द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि आसपास के अन्य ग्रामीणों और किसानों को किसी प्रकार के खतरे से बचाया जा सके।
मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के पीड़ित परिवार को अविलंब उचित सरकारी मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने भापसा नाला क्षेत्र से हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने और वहां स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्रोत वाले क्षेत्रों में मगरमच्छों की मौजूदगी से किसानों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है, जिसका स्थायी समाधान आवश्यक है।

