बिहार में मौसम का डबल अटैक, 10 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
पटना। बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसके चलते लगातार मेघ गर्जन के साथ तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला जारी है। आसमान में बादलों की आवाजाही और रूक-रूक कर हो रही छिटपुट वर्षा के कारण राजधानी पटना समेत कई जिलों के लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बने रहने की उम्मीद है।
मानसून की सक्रियता और उमस का डबल अटैक
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ ही कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है, तो कहीं केवल बादलों का डेरा है। इस छिटपुट वर्षा और धूप-छांव के खेल के कारण हवा में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है, जिससे पटना सहित कई मैदानी जिलों में लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं।
राजधानी समेत कई हिस्सों में छिटपुट वर्षा के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को भी राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही का दौर जारी रहेगा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस स्थिति के कारण तापमान में तो भारी बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन वातावरण में उमस का असर कम होने के आसार नहीं हैं।
इन पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ खास जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है, जहां मानसून की गतिविधियां अधिक तीव्र हो सकती हैं। गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, सारण और सिवान जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों के निवासियों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की सलाह
आंधी-पानी और मेघ गर्जन की स्थिति को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम खराब होने पर ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। ग्रामीण इलाकों में किसानों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है ताकि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके। विभाग आगामी दिनों के लिए मौसमी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

