खुशियों के बीच मातम, घर का इकलौता सहारा सड़क हादसे में चला गया
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मखदुमपुर प्रखंड के भाने बीघा गांव के एक होनहार युवक विवेक राज की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस असामयिक हादसे ने न केवल एक परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
बारात से लौटते समय हुआ हादसा
विवेक राज एक शादी समारोह (बारात) से वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव भाने बीघा पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संघर्षपूर्ण जीवन और पहचान
विवेक का जीवन काफी संघर्षों भरा रहा था, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से समाज में एक अलग पहचान बनाई थी:
-
पारिवारिक पृष्ठभूमि: विवेक के सिर से माता-पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। उनकी माता का निधन 2003 और पिता योगेंद्र कुमार गौतम का देहांत 2007 में हुआ था।
-
इकलौता सहारा: माता-पिता की मृत्यु के बाद विवेक ही परिवार के एकमात्र वारिस और आशा की किरण थे। वे काको में अपनी नानी के घर रहकर अपना जीवनयापन कर रहे थे।
-
व्यवसाय: स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद विवेक पिछले चार वर्षों से काको में ‘रूट फिटनेस’ नाम से एक जिम का संचालन कर रहे थे। अपने मिलनसार और शांत स्वभाव के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
गांव में मातम और अंतिम विदाई
विवेक की मृत्यु से गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार का आखिरी सहारा भी अब छिन गया है। उनके चचेरे भाई चिरंजीव कुमार गौतम ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।

