प्रदेश के कुछ नवागत कलेक्टरो की शानदार कार्यशैली की हो रही, चौतरफा प्रशंसा
प्रदेश के कुछ नवागत कलेक्टरो की शानदार कार्यशैली की हो रही, चौतरफा प्रशंसा
प्रदेश के कुछ नवागत कलेक्टरो की शानदार कार्यशैली पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
झाबुआ के नवागत कलेक्टर अपनी सक्रिय और जमीनी कार्यशैली के लिए चर्चा में
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। झाबुआ के नवागत कलेक्टर डॉ.योगेश तुकाराम भरसट अपनी सक्रिय और जमीनी कार्यशैली के लिए चर्चा में हैं। यहां कार्यभार संभालने के पहले उन्होंने चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। यहां दर्शन के बाद वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे,पदभार ग्रहण करते ही एक्शन मोड में काम करना शुरू कर दिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद,जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामा का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटाइजेशन,ओपीडी व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया,जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। शहर में कालिका माता मंदिर से होटल एम-2 तक निर्माणाधीन लिंक रोड का निरीक्षण किया और कार्यों की गुणवत्ता एवं समयसीमा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। ग्रीष्मकाल को देखते हुए जिले के 14,906 हैंडपंपों का व्यापक ऑडिट और 52 पाइप जल योजनाओं का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। रेड,येलो और ग्रीन कोडिंग प्रणाली लागू कर, रेड ज़ोन वाले क्षेत्रों में टैंकर से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की है। कार्यभार की शुरुआत पारंपरिक तरीके से की और जन सुविधाओं को सुधारने के लिए लगातार मैदानी अमले के साथ बैठकें कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली में त्वरित फैसले,स्थलीय निरीक्षण और जनता की समस्याओं का तत्काल समाधान करना प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है।
जिले की भौगोलिक स्थिति समझ लूं और जान लूं-रतलाम कलेक्टर
रतलाम जिले के नए कलेक्टर राजेश बाथम कार्यभार संभालने के पहले वे कालका माता मंदिर पहुंचे। यहां माता के दर्शन के बाद वे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे,नवागत कलेक्टर ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ज्वाइन किया है। पहले में जिले की भौगोलिक स्थिति समझ लूं और जान लूं की यहां की क्या प्राथमिकता है...? उस अनुसार अच्छे से अच्छा कार्य किया जाएगा। लोकसभा चुनाव को लेकर कलेक्टर ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कार्य किया जाएगा। मैंने जानकारी ली थी कि यहां की टीम ने पिछली बार भी चुनाव शांति पूर्ण संपन्न करवाए थे। मुझे आशा है कि इस बार भी उसी तरह शांतिपूर्ण रूप से चुनाव सम्पन्न करवाए जाएंगे।
देशी अंदाज में गमछा लपेट गांव की नब्ज टटोलने पहुंचे बैतूल कलेक्टर,अंदाज देख लोग रह गए दंग
बैतूल कलेक्टर का देशी अंदाज देखने को मिला है। बैतूल जिले के नवागत कलेक्टर डॉ.सौरभ संजय सोनवणे ने शुक्रवार को शाहपुर विकासखंड के ग्राम निशान एवं पंचायत पाठई का सघन भ्रमण कर शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया। लेकिन इस दौरान कलेक्टर सोनवणे का देशी अंदाज भी चर्चा में आ गया,वो गमछा लपेटकर गांव की नब्ज टटोलने पहुंचे तो लोग देखते ही रह गए। इसी अंदाज में उन्होंने समस्याओं का जायजा लिया और दिक्कतों का जाना। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित अधिकारियों को सुधार के सख्त निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर डॉ सोनवणे ग्राम निशान स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पहुंचे,जहां उन्होंने पेयजल व्यवस्था एवं मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच की। निरीक्षण के दौरान बच्चों के भोजन में सब्जी नहीं मिलने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। जानकारी मिली कि समूह की महिला की तबीयत खराब होने के कारण सब्जी नहीं बन सकी। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो और निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नाश्ते में दिए गए उपमा को चखकर गुणवत्ता की भी जांच की।
पदभार संभालते ही एक्शन में रीवा कलेक्टर- कुर्सी पर बैठने की बजाय बस से पहुंचे दूर-दराज के गांव
रीवा नवागत कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्थानीय सर्किट हाउस में पदभार संभालने के बाद, सभी अधिकारियों की बैठक ली और ऑफिस जाने के बजाए,अपने सरकारी वाहन के बजाय ट्रेवलर बस से अपने अधिकारियों के साथ लोगों की समस्या जानने दूर-दराज के इलाके में निकल गए। उन्होंने अपनी कार्यशैली से स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अब प्रशासन दफ्तरों से नहीं,बल्कि जनता के बीच से चलेगा। उन्होंने न केवल ग्रामीणों की चौपाल लगाई,बल्कि अधिकारियों को भी फील्ड पर उतरकर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए।

