मोहन सरकार का ऐतिहासिक निर्णय, किसानों के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण पर अब 4 गुना मुआवजा - सरकार का मानना है कि इससे कई विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा
मोहन सरकार का ऐतिहासिक निर्णय, किसानों के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण पर अब 4 गुना मुआवजा - सरकार का मानना है कि इससे कई विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाएगा
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। डॉ.मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित में एक ऐसा फैसला लिया है जिसे राज्य के इतिहास में ऐतिहासिक माना जा रहा है। सीएम की अध्यक्षता मे मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में किसानों और किसान संगठनों की मांग पर यह बड़ा फैसला लिया गया है। कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार दर से 4 गुना मुआवजा देने का निर्णय किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगा। इससे न केवल नए जमीन खरीदने में आसानी होगी, बल्कि भूमि अधिग्रहण कार्यों में भी तेजी आएगी। इस निर्णय से सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।ं सीएम ने हाल ही में किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष-2026 में निरंतर कार्य करेगी। छोट,मझौले किसानों के साथ-साथ बड़े किसानों से भी गेहूं खरीदा जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को बोनस देने की योजना भी जारी है। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाने की बात भी कही, जिससे महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास जारी है। इस सबका उद्देश्य किसानों की समृद्धि को बढ़ावा देना है।
नई संभावना के द्वार
मध्यप्रदेश भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार नियम- 2015 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मल्टीप्लीकेशन फैक्टर 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। इससे किसानों को बाजार मूल्य का अधिकतम 4 गुना मुआवजा मिलेगा,जो उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद करेगा। इस निर्णय से सिंचाई परियोजनाएं, सड़कें,पुल,रेलवे और बांध निर्माण जैसे विकास कार्यों में तेजी आएगी। किसान परिवारों को अधिक राशि मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी।
बढ़ रही मेट्रोपोलिटन सिटी की आवश्यकता
प्रदेश में मेट्रोपोलिटन सिटी की आवश्यकता बढ़ रही है। पिछले तीन वर्षों में 55 हजार से अधिक किसानों को विभिन्न परियोजनाओं के तहत 16 हजार करोड़ मुआवजा वितरित किया गया है। यदि वार्षिक आधार पर देखें,तो मुआवजा 5000 करोड़ रूपए से चार गुना बढ़कर अब 20 हजार करोड़ रूपए होगा। यह किसानों के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है।
गेहूं उपार्जन की स्थिति
वैश्विक परिदृश्य में गेहूं का निर्यात कम है,लेकिन सरकार किसानों के लिए खड़ी है। छोटे और मझौले किसानों को प्राथमिकता देते हुए गेहूं की खरीद जारी है। पिछले वर्ष का गेहूं वेयरहाउस में स्टॉक है और इस वर्ष उत्पादन भी बढ़ा है। राज्य सरकार सुनिश्चित कर रही है कि वो किसानों के हित में गेहूं की पूरी खरीद कर सके।
लाड़ली बहनों के लिए राहत
लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर महिला सशक्तिकरण को और मजबूती दी गयी है। सरकार ने सभी योजनाओं को जारी रखा है और कोई भी योजना बंद नहीं की है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 21 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश किया गया है,जो कि सभी प्रकार के वित्तीय प्रबंधन में सरकार की नीति को दर्शाता है।

