आईपीएस संघ गुस्से में-प्रीतम लोधी के बयान पर एक्शन की मांग,मचा बवाल- ऐलान,अगर विधायक एसडीओपी के बंगले पर 10 हजार लोग लेकर जाएंगे तो प्रदेश के साढ़े 7 लाख कर्मचारी वहां पहुंचेंगे
आईपीएस संघ गुस्से में-प्रीतम लोधी के बयान पर एक्शन की मांग,मचा बवाल- ऐलान,अगर विधायक एसडीओपी के बंगले पर 10 हजार लोग लेकर जाएंगे तो प्रदेश के साढ़े 7 लाख कर्मचारी वहां पहुंचेंगे
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय पुलिस सेवा संघ-मध्यप्रदेश ने शिवपुरी बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया हैं। संघ ने शिवपुरी जिले के करैरा एसडीओपी डॉ.आयुष जाखड़ के खिलाफ कथित अभद्र और धमकी भरी टिप्पणी को गंभीर बताया हैं। संगठन ने अभद्र टिप्पणी की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की हैं। संगठन ने साफ कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ हैं। प्रेस नोट जारी कर विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई हैं। इस घटनाक्रम ने सत्ता, प्रशासन और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी हैं।
सार्वजनिक मंच से पुलिस अधिकारियों पर सवाल उठाए
विवाद की जड़ एक सड़क हादसे के बाद शुरू हुई राजनीतिक प्रतिक्रिया को माना जा रहा हैं। आरोप है कि विधायक ने सार्वजनिक मंच से पुलिस अधिकारियों पर सवाल उठाए और तीखी भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। अब आईपीएस एसोसिएशन के औपचारिक विरोध के बाद यह सिर्फ बयानबाजी का मुद्दा नहीं रहा,बल्कि प्रशासनिक मनोबल, जनप्रतिनिधियों की मर्यादा और कानून के राज से जुड़ा बड़ा सवाल बन गया हैं। आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।
क्या है पूरा विवाद?
मामला शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र से जुड़ा हैं। सड़क हादसे की जांच के बाद विधायक प्रीतम सिंह लोधी की नाराजगी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने 17 अप्रैल 2026 को तेज गति में गाड़ी चलाते हुए तीन बाइक सवार युवाओं और स्कूल जाते दो छात्रों को टक्कर मार दी थी। इसके बाद उसने घायलों की मदद तक नहीं की थी। इस हादसे के बाद से जनता में नाराजगी थी। पुलिस ने जांच में पाया था कि एक्सीडेंट के बाद दिनेश अपनी कार लेकर भाग गया था। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने धौंस दिखाते हुए खुद को विधायक का बेटा बताया। इस जांच से नाराज विधायक लोधी के बोल बिगड़ गए थे।
मैंने हॉर्न दिया तो क्यों नहीं सुना?
विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र दिनेश लोधी की थार कार से हुए हादसे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा हैं। थार से 3 को टक्कर मारकर बोले विधायक के बेटे बोले मैंने हॉर्न दिया तो क्यों नहीं सुना....?ऐसे बिगड़े बोल से चाय से केटली गरम की कल्पना सहज ही कर सकते है। इतना कुछ होने के बाद भी विधायक के बेटे का गुमान सातवे आसमान पर ही है,जिसका वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।
दुर्व्यवहार करना बहुत ही दुखद
अब मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा हैं। अब तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ भोपाल मध्य प्रदेश ने लोधी के खिलाफ विरोध जताया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि अधिकारी कर्मचारी ऐसे माहौल में काम नहीं कर पाएंगे । तिवारी ने कहा की यदि वरिष्ठ अधिकारी या कर्मचारी नियमों का पालन करते हुए कार्य नहीं कर रहे हैं तो उनकी शिकायत उचित जगह की जाए । किसी को भी कानून अपने हाथ में लेकर इस प्रकार से दुर्व्यवहार करना बहुत ही दुखद है। जनप्रतिनिधि अगर इस प्रकार से करेंगे तो जनता में गलत संदेश जाएगा,प्रदेश एवं जिलों में काम करने वाले अधिकारी कर्मचारियों में दहशत व्याप्त होगी। विधायक प्रीतम लोधी पर शीघ्र उचित कार्रवाई न होने पर प्रदेश के लाखों कर्मचारी भी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
प्रदेश के साढ़े 7 लाख अधिकारी-कर्मचारी भी मैदान में उतरेंगे- तिवारी
उमाशंकर तिवारी ने कहा कि अगर विधायक प्रीतम लोधी 10 हजार लोगों को लेकर एसडीओपी के बंगले पर गोबर भरने की बात कह रहे हैं तो प्रदेश के साढ़े 7 लाख अधिकारी- कर्मचारी भी मैदान में आएंगे। उमाशंकर तिवारी ने कहा है कि इस प्रकार के शब्दों से प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। विधायक जी के ऐसे बोलों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश में कानून से डर नाम की चीज नहीं बची है । विधायक द्वारा जिस प्रकार के शब्द बोले गए हैं उससे प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को आक्रोश व्याप्त है।
पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने भी उठाए सवाल
प्रीतम लोधी के इस बयान के बाद जहां आईपीएस एसोसिएशन ने कार्रवाई की मांग की है। वहीं बीजेपी के ही दिग्गज नेता और पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने भी घेरा है। शेजवलकर ने इस घटनाक्रम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि मामले में पार्टी संगठन को संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम पार्टी विद डिफरेंस की बात करते हैं,तो ऐसी बयान बाजी नहीं होनी चाहिए। इन चीजों से पार्टी टॉलेंटस होती है और समाज में गलत संदेश जाता है।
कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा
इधर कांग्रेस ने भी मामले को लपकते हुए मोर्चा खोल दिया है। ग्वालियर से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने बीजेपी को अनुशासनहीन पार्टी बताया है। सतीश सिकरवार ने कहा कि बीजेपी अब दीनदयाल उपाध्याय की पार्टी नहीं,बल्कि मोदी-शाह की पार्टी बन गई है,जहां माफियाओं का राज है। अब यहां दीनदयाल जी के संस्कार नहीं चलते,उनकी कथनी और करनी में अंतर है। इन्होंने सरकार बनाने के लिए कहीं से ईंट और कहीं से रोड़ा उठा लिया है,जब रेत और शराब माफियाओँ को पार्टी में लाएंगे,तो नतीजे ऐसे ही अनुशासनहीनता वाले होंगे।

