महिला कलेक्टरो की हैट्रिक के बाद,काफी समय के बाद अब जिले को मिला पुरुष आईएएस कलेक्टर-नेहा मीना का हुआ ट्रांसफर सिवनी, डॉ.योगेश तुकाराम भरसट बने झाबुआ के नए कलेक्टर,अब कुशल हाथो से होगी झाबुआ की सर्जरी बड़ा फेरबदल-26 अफसरों के तबादले 3 को पहली बार मिली फील्ड पोस्टिंग कलेक्टर
महिला कलेक्टरो की हैट्रिक के बाद,काफी समय के बाद अब जिले को मिला पुरुष आईएएस कलेक्टर-नेहा मीना का हुआ ट्रांसफर सिवनी, डॉ.योगेश तुकाराम भरसट बने झाबुआ के नए कलेक्टर,अब कुशल हाथो से होगी झाबुआ की सर्जरी
बड़ा फेरबदल-26 अफसरों के तबादले 3 को पहली बार मिली फील्ड पोस्टिंग कलेक्टर
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। झाबुआ सहित कई जिलों के कलेक्टर बदल दिए गए और कुल 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए है। यह फैसला गुरुवार को लिया गया,जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए है। 14 जिलों के कलेक्टर प्रभावित हुए है। जिसमे मुख्यत: झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना का ट्रांसफर सिवनी में हुआ है। अब उनकी जगह डॉ.योगेश तुकाराम भरसट झाबुआ के नए कलेक्टर बनाये गए है। आपको बता दे कि वे एमबीबीएस-एमडी डॉक्टर भी है। झाबुआ में महिला कलेक्टरो की हैट्रिक में रजनी डावर,तन्वी हुड्डा और नेहा मीना कलेक्टर के पद पर रही। अब काफी समय के बाद जिले को एक पुरुष आईएएस कलेक्टर मिले है। अब प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
26 अफसरों के तबादले,3 को पहली बार मिली फील्ड पोस्टिंग कलेक्टर
इस फेरबदल के तहत भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं,धार कलेक्टर प्रियांक मिश्रा को अब भोपाल का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सागर,धार,रीवा, भोपाल,नर्मदापुरम,सिवनी, शिवपुरी,उमरिया,श्योपुर, मैहर,दमोह,मंडला और बैतूल सहित कई जिलों के कलेक्टरों को भी बदला गया है,जबकि नर्मदापुरम के संभागीय आयुक्त और लोक निर्देश आयुक्त को भी बदल दिया गया है। भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम को मुख्यमंत्री मोहन यादव का सचिव बनाया गया। इसके अलावा उन्हें आयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया ह। वहीं धार कलेक्टर को डॉ.प्रियंक मिश्रा को अब भोपाल का नया कलेक्टर बनाया गया है,उनके पास काफी अनुभव मौजूद है। सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक,अधिकारियों को नई जगहों पर तैनात कर प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है। बदलाव में कुछ अधिकारियों को सचिवालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं,जबकि कुछ को फील्ड में भेजा गया है। खास बात यह है कि युवा अधिकारियों को भी अहम पदों पर मौका दिया गया है,जिससे प्रशासन में नई ऊर्जा आने की संभावना जताई जा रही है।
तबादले में महिलाओं को भी दी गई अहम जिम्मेदारी
सरकार के अनुसार यह निर्णय मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच हुई बैठक में लिया गया। इसके बाद तुरंत आदेश जारी कर दिए गए। बताया जा रहा है कि यह बदलाव काफी समय से प्रस्तावित था,लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के कारण इसमें देरी हो रही थी। इस तबादले में महिलाओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। कुल 9 महिला आईएएस अधिकारियों का तबादला हुआ है। जिनमें शिल्पा गुप्ता,प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा,शीतला पाटले, रानी बटाड, राखी सहाय,शीला दाहिमा, बिदिशा मुखर्जी और झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना भी शामिल है।
पांच महिलाओं को बनाया गया कलेक्टर
जानकारी के अनुसार,इनमें से 5 पांच महिलाओं को कलेक्टर बनाया गया है। इनमें राखी सहाय,शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को पहली बार कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली है,जबकि प्रतिभा पाल और झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना पहले से इस पद पर कार्य कर रही थीं। यह पूरा प्रशासनिक फेरबदल 16 अप्रैल से शुरू होने वाली जनगणना को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार चाहती है कि जनगणना जैसे बड़े कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत और व्यवस्थित हो।
बॉक्स खबर
लोगो,जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया झाबुआ के इतिहास में पहली बार ट्रांसफर होने पर हर्ष की लहर
जब इस ट्रांसफर के बाद हमने लोगों से चर्चा की तो अधिकतर लोगों का कहना था कि ऐसा कलेक्टर हमने हमारे जीवन मे पहली बार ही देखा है। जब उनके पास अपनी समस्या बताने मिलने हेतु जाते थे,तो वे हमे घण्टो बिठाकर रखती थी और मिले बिना ही चुपचाप कार्यालय से निकल जाती थी। जब हमे पता चला कि उनका यह बर्ताव सिर्फ हमारे साथ ही नहीं था,बल्कि उनके अधिनिष्ठ कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के साथ भी वैसा ही था। उल्लेखनीय बात तो यह है कि पत्रकारों तक के साथ भी उनका बर्ताव ऐसा ही था,उसके बाद से हम उनसे मिलने गए ही नही। कुछ लोगो ने बताया की धारा165 की अनुमति हेतु तो हम एक अपराधी की तरह उनके समक्ष खड़े कर दिए जाते थे। हमारे चप्पल तक घस गए लेकिन अंतत: अनुमति आज तक लंबित ही है। कुछ लोगो ने चटखारे लेते हुए कहा कि झाबुआ के इतिहास में पहली बार किसी कलेक्टर के ट्रांसफर होने पर एक साथ जनता,जन प्रतिनिधियो, कर्मचारियों,अधिकारियो और पत्रकारों तक में हर्ष की लहर दौड़ गयी है,अब आगे तो शिवनी वाले ही जाने। नाम न छापने की शर्त पर कुछ अधिकारियों अपने खेज जाहिर करते हुए कहा कि हमारे कार्यकाल में ऐसी महिला कलेक्टर हमने देखी ही नही,जो सिर्फ बैठकों में हमे डांटने और लताड़ने के लिए बुलाती ही थीं। कुछ जनप्रतिनिधियो ने रोषपूर्वक बताया कि हमे जनता ने चुना है और जब हम उनकी समस्या को लेकर उनसे मिलने जाते थे,वे हमें मिलने का समय ही नही देती थी। खैर आखिर में अति का अंत तो होना ही था।

