नीतीश कुमार का बड़ा फैसला: MLC पद से इस्तीफा, विजय चौधरी ने सौंपा त्यागपत्र
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (30 मार्च) आधिकारिक तौर पर विधान परिषद की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राज्य सभा के लिए चुने जाने के बाद संवैधानिक अनिवार्यता का पालन करते हुए उन्होंने आज यह कदम उठाया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने अपना इस्तीफा व्यक्तिगत रूप से जमा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने इसे अपने भरोसेमंद मंत्री विजय कुमार चौधरी और MLC संजय गांधी के माध्यम से विधान परिषद सचिवालय भेजा।
सीएम हाउस में हुई इस्तीफे की प्रक्रिया
सोमवार की सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास (1, अणे मार्ग) में हलचल तेज थी। सुबह 9 बजे ही जदयू के दिग्गज नेता ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी सीएम हाउस पहुंच गए थे। काफी देर तक चली मंत्रणा के बाद नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा तैयार किया। पहले चर्चा थी कि परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह खुद सीएम हाउस आएंगे, लेकिन बाद में नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा पत्र मंत्री विजय चौधरी को सौंपा।
विधान परिषद पहुंचे विजय चौधरी
मुख्यमंत्री का इस्तीफा लेकर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और MLC संजय गांधी खुद विधान परिषद पहुंचे। उन्होंने सभापति अवधेश नारायण सिंह को नीतीश कुमार का त्यागपत्र सौंपा। सभापति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के साथ ही बिहार विधान परिषद में नीतीश कुमार का 20 साल लंबा सफर आज समाप्त हो गया। वह 2006 से लगातार इस सदन के सदस्य थे।
नीतीश कुमार का अनोखा रिकॉर्ड
इस इस्तीफे के साथ ही नीतीश कुमार ने भारतीय राजनीति में एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल कर ली है। वह अब देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने संसद और राज्य विधानमंडल के चारों सदनों (लोकसभा, राज्य सभा, विधानसभा और विधान परिषद) की सदस्यता ग्रहण की है।
नितिन नवीन ने भी छोड़ी विधायकी
इधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी अपनी बांकीपुर विधानसभा सीट से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्याग पत्र भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को रविवार को ही दे दिया था, जो संजय सरावगी आज विधानसभा में जमा कराएंगे। नितिन नवीन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि वह अब राज्य सभा में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही बांकीपुर सीट अब रिक्त हो गई है, जहां जल्द ही उपचुनाव कराए जाएंगे।

