परिवहन विभाग के पास पहुंचे आवेदन पर प्रक्रिया ठंडे बस्ते में- सभी पेट्रोल पंपों पर है खुलना पीयूसी सेंटर को लेकर लापरवाही, परिवहन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बीच उलझा मामला

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं है। इस पर नियंत्रण के लिए प्रत्येक वाहन की जांच पीयूसी सेंटर-प्रदूषण जांच केंद्र में करानी अनिवार्य है। जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

बगैर जांच शहर में मिल रहे प्रमाण पत्र

शहर में बिना मशीन जांच के प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं। गाड़ी नंबर बताने पर वह पीयूसी प्रमाण पत्र मिल जाता है। यह कार्य पूर्व से लगातार चल रहा है। आरटीओ कार्यालय में भी परमिट व फिटनेस में लगने वाले पीयूसी प्रमाण पत्र तत्काल फर्जी तरीके से बन जाते हैं। एजेंट सक्रिय हैं,जो तत्काल पीयूसी सर्टिफिकेट दे देते हैं।

मामला उलझ गया दोनों विभागों के बीच

लेकिन,वर्तमान में इन पीयूसी सेंटर को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। शासन के निर्देश पर प्रत्येक पेट्रोल पंपों पर यह पीयूसी सेंटर अनिवार्य रूप से खोले जाने हैं,लेकिन वह अब तक नहीं खुल पाए हैं। परिवहन विभाग से अनुमति व प्रदूषण नियंत्रण की मॉनिटरिंग के अभाव ये सेंटर चालू नहीं हो पा रहे है। यह कहा जा सकता है कि दोनों विभागों के बीच ही मामला उलझ गया है।

मामले को नहीं लिया जा रहा गंभीरता से

पेट्रोल पंपों पर पीयूसी सेंटर खोले जाने का नोटिफिकेशन जारी होने के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कुछ ही पेट्रोल पंप संचालकों ने जिला परिवहन विभाग से आवेदन कर अनुमति मांगी है,लेकिन पीयूसी सेंटर की मशीनरी अब तक नहीं स्थापित हो पाई है। हालांकि कोई भी विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है।

अन्य प्रदेश में सख्ती , इसलिए यहां बनवा लेते हैं प्रमाणपत्र

महाराष्ट्र में वाहनों की जांच नियमित और अनिवार्य रूप से की जाती है। जिले के वाहन चालक महाराष्ट्र जाने से पहले पीयूसी प्रमाण पत्र हासिल कर लेते हैं। इससे वे जुर्माने की कार्रवाई से बच जाते हैं। जिले में ऐसी सख्ती देखने को नहीं मिलती है। इसी वजह से लोग पीयूसी को लेकर गंभीरता नहीं बरतते हैं। प्रदूषण विभाग को परिवहन विभाग ने पूर्व में पत्र लिखा था कि अनुमति दी जा रही है,तो पेट्रोल पंपों पर जांच कर उन्हें शुरू करवाएं,लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

पूर्व में अनुमति दी गई

जिन पेट्रोल पंप संचालकों ने पीयूसी सेंटरों को लेकर अनुमति मांगी थी,उन्हें पूर्व में अनुमति दे दी गई है।  वर्तमान में जो आवेदन कर रहा है, उसे भी अनुमति दे दी जाएगी।

कृतिका मोहटा- आरटीओ,झाबुआ