बिना पंजीयन के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर,छात्रों की सुरक्षा का भी नहीं ख्याल ...
नियमों की अनदेखी- 50 से 70 विद्यार्थियों का लग रहा एक बैच
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। नगर में तमाम प्रयासों के बाद भी कोचिंग सेंटरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। नगर में दर्जनों कोचिंग सेंटर बगैर रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रही हैं। विभागीय उदासीनता के चलते छात्रों सहित अभिभावकों को कठिनाई से गुजरना पड़ रहा हैं और उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है। शासन ने बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग सेंटरों के संचालन पर रोक लगा रखी है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों की उदासीनता से ये नियमों को ताक पर रख संचालित हो रहे हैं।
बना लिया है,मोटी कमाई का जरिया
शिक्षक स्कूलों में समय पर न जाकर अपने घरों में ट्यूशन,कोचिंग में छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इन कोंचिंग संचालकों द्वारा एक बैच में 50 से 70 छात्रों को छोटे हॉल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। नवीन शिक्षण सत्र शुरू होने के साथ ही नगर में कोचिंग क्लासेस की बाढ़ सी आ गई हैं। शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक छात्रों को कोंचिंग में पढ़ने को बाध्य करते हैं। इसके चलते छात्र कोंचिंग में पढ़ने को मजबूर हैं। कोंचिंग खोलने वाले शिक्षकों द्वारा स्कूल की पढ़ाई में लापरवाही बरती जाती है। शिक्षकों ने कोंचिंग सेंटरों को मोटी कमाई का जरिया बना लिया है।
बिना मापदंड संचालित हो रहे कोंचिंग सेंटर
नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों की बात करें तो शासन द्वारा निर्धारित मापदंड पर खरे उतरते नजऱ नहीं आते हैं। जबकि कोई भी कोचिंग सेंटर चलाने के लिए सबसे पहले पंजीयन कराना आवश्यक है। यहां कई वर्षो से बिना पंजीयन व नियमों की अनदेखी कर कोचिंग सेंटरों का संचालन किया जा रहा है।
सुरक्षा इंतजाम नहीं
नगर में चल रहे कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों का भी कोई पालन नहीं हो रहा है। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को छोटे-छोटे हॉल में क्षमता से अधिक बैठाया जा रहा है। जबकि फायर सेफटी आदि के कोई इंतजाम नहीं हैं।
जल्द ही जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी
ऐसे कोचिंग सेंटर का पता करते हैं। यदि शिकायत आती है तो उनके संचालकों के खिलाफ जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
आरएस बामनिया- डीइओ, झाबुआ

