सावधान-160 से लेकर 700 रुपए प्रति किग्रा मिल रहा नकली घी-बाजार में खपाया जा रहा नकली घी,चर्बी का भी हो रहा इस्तेमाल
सावधान-160 से लेकर 700 रुपए प्रति किग्रा मिल रहा नकली घी-बाजार में खपाया जा रहा नकली घी,चर्बी का भी हो रहा इस्तेमाल
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और निगरानी तंत्र के कमजोर होने के चलते नगर सहित आसपास के क्षेत्र में नकली घी की सप्लाई की जा रही। चर्बी से बना नकली शुद्ध घी की सप्लाई होने की चर्चा भी सामने आ रही है। ग्वालियर,झांसी,उत्तर प्रदेश के धंधेबाज चर्बी से बने घी की सप्लाई कर रहे हैं। नकली घी में मौजूद घातक केमिकल किडनी के छेद को खराब कर देते हैं।
कानून का जरा सा भी डर नहीं
सूत्रों ने बताया कि नकली घी बनाने में 60 से 100 रुपए प्रति किग्रा खर्च आता है। यह होलसेल में दुकानदारों तक 180 से 200 रुपए तक में बिकता है। इसे दुकानदार 250 से 300 रुपए तक बेचते हैं। यदि ब्रांडेड डिब्बा बंद घी की बात करें तो यह 350 से 400 रुपए में और डेयरी पर 600 से 700 रुपए प्रति किग्रा बेचा जाता है। इस धंधे में जुड़े लोग क्षेत्र के चुनिंदा हौलसेलर दुकानदारों तक सप्लाई करते है,होलसेलर फुटकर दुकानदारों तक पहुंचाते है। लेकिन निगरानी तंत्र की कमी व विभागीय अधिकारियों के स्वहित के चलते थोक दुकानदारों को कानून का जरा सा भी डर नहीं है,नतीजा क्षेत्र में नकली घी की सप्लाई जारी है। वहीं, चर्बी से बना घी ग्रामीण इलाकों की दुकानों तक पहुंच रहा है।
घी का सेवन विभिन्न चीजों के साथ
शुद्ध देशी घी का सेवन हम विभिन्न चीजों के साथ करते है। आज के समय में हम में से अधिकांश लोगों के रसोई घरों में घी इस्तेमाल होता है। हैरानी की बात है कि भगवान की पूजा के लिए 160 रुपए प्रति किग्रा व खाने वाले को 700 रुपए प्रति किग्रा मिल रहा है।

