भगोरिया में दिखा उत्साह, ढोल-मांदल पर थिरके जिलेवासी
भगोरिया में दिखा उत्साह, ढोल-मांदल पर थिरके जिलेवासी
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। होली के पूर्व साप्ताहिक हाट बाजार में सात दिनों तक लगने वाला परंपरागत पर्व भगोरिया रविवार को झाबुआ में उत्साह के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही ग्रामीण अंचलों से युवक-युवतियां सज धज कर अपने परंपरागत वेशभूषा के साथ आधुनिक परिधान में ढोल मांदल की थाप पर नाचते गाते शामिल होने लगे थे। ज्यादातर युवक युवतियां एक जैसे परिधान में थे।
पान-आइसक्रीम का लिया जायका
भगोरिया मेले में आये युवक-युवतियों ने पान कुल्फी आइसक्रीम का जायका लिया त्यौहार की तरह उत्साह पूर्वक अपने रिश्तेदारो को भी पान एवं आइस्क्रीम मिठाई खिला कर अभिवादन किया। झुले-चकरी व बच्चों के मनोरंजन के साधन भी हाट में दिखाई दिये। वहीं पान, कुल्फी, आइसक्रीम, सेव भजिए, मिठाई, चश्में, नारियल पानी, माजम, काकडी, खजूर, सौन्दर्य प्रसाधन के सामान, कपड़े आदि की दुकानें भी बडी मात्रा में लगी थी। दोपहर बाद भगोरिया मेला का परवान चढा,चारों ओर भीड़ ही भीड़ दिखी,हर कोई भगोरिया की मस्ती में नाचते गाते कुर्राटी मारते हुए झुम रहा था।
झूले चकरी पर उमड़ी भीड
भगोरिया में झूले, चकरी विशेष आकर्षण का केन्द्र थे। इन स्थानों पर सुबह से ही भीड़ थी हर कोई झुलने के लिए लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। झूले में झूलने का उत्साह जबरदस्त देखने को मिला। झूलों के रेट बहुत ज्यादा होने के बावजूद भी झुलने वालो की भीड कम नहीं थी। बच्चों सहित युवक-युवतियों ने हंसी ठिठोली के साथ झुलने का आनंद लिया। भगोरिया मैले में पान का विशेष महत्व है बताया जाता है कि भगोरिया में पान खाना व खिलाना बहुत जरूरी है,बिना पान खाये भगोरिया नहीं मनाया जाता। इसलिए सभी लोग एक दूसरे को पान खिला कर अपना प्रेम प्रदर्शित करते दिखे।

