आईएएस अवि-अंकिता का उज्जैन कनेक्शन- होमगार्ड तकदीर से आयपीएस हो गए-अब एसडीएम सोनी देपालपुर में दिखाएंगे हुनर-दे दिया एडिशनल डीसीपी को धक्का, उम्मीद नहीं थी ऐसे जंगी मुकाबले की- घिसटते हुए,दिव्यांग की पुकार-कच्ची टपरी में स्कूल,ब....बोले तो बकरी का-भूरा सेठ मतलब टेम्पल मेन
आईएएस अवि-अंकिता का उज्जैन कनेक्शन- होमगार्ड तकदीर से आयपीएस हो गए-अब एसडीएम सोनी देपालपुर में दिखाएंगे हुनर-दे दिया एडिशनल डीसीपी को धक्का, उम्मीद नहीं थी ऐसे जंगी मुकाबले की- घिसटते हुए,दिव्यांग की पुकार-कच्ची टपरी में स्कूल,ब....बोले तो बकरी का-भूरा सेठ मतलब टेम्पल मेन
प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक- झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
आईएएस अवि-अंकिता का उज्जैन कनेक्शन
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। आईएएस अवि प्रसाद की तीसरी और अंकिता धाकरे की पहली शादी का उज्जैन कनेक्शन रहा है। यहां हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। पांच साल पहले 2022 में अवि प्रसाद उज्जैन में एडीएम पदस्थ थे,तब अंकिता धाकरे जिला पंचायत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद पर सेवाएं दे रही थीं। यहीं से दोनों की मुलाकात हुई, जो बाद में दोस्ती और फिर साल 2026 में प्रेम विवाह तक पहुंची। ये शादी चोरी-छुपे नहीं बल्कि राजी-मर्जी से और धाकरे परिवार की सहमति से हुई है।अवि प्रसाद 40 के हैं और अंकिता उनसे 4 साल छोटी हैं।
होमगार्ड तकदीर से आयपीएस हो गए
उज्जैन होमगार्ड में पदस्थ सैनिक रवि शर्मा अब बॉलीवुड में पहचान बना चुके हैं। प्रदर्शित होने वाली फिल्म तकदीर में वे आईपीएस डीसीपी शैलेश अग्रवाल की भूमिका निभाते नजर आएंगे । इस फिल्म की शूटिंग भोपाल में हुई है और इसका निर्माण अरबाज खान प्रोडक्शन के बैनर तले किया जा रहा है। इस फिल्म में रवि शर्मा को मनीषा कोइराला और अरबाज खान जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है। इससे पहले वे कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं। वे अब तक करीब दस फिल्मों में काम कर चुके हैं,लेकिन बड़े कलाकारों के साथ यह उनका पहला अनुभव है,उनके लिए यह मौका बेहद खास और यादगार है । इस फिल्म की भोपाल शूटिंग का शेड्यूल पूरा हो गया है। वर्दी में उनकी सख्त छवि एक प्रभावशाली पुलिस अधिकारी वाली है।
अब एसडीएम सोनी देपालपुर में दिखाएंगे हुनर
कॉलोनी सेल देख रहे एसडीएम प्रदीप सोनी के हुनर के किस्से कलेक्टोरेट में सब को पता थे,लेकिन बर्र के छते में हाथ डाले कौन....? अभी जब हरियाणा गृह निर्माण संस्था वाली हुनरबाजी उजागर हुई,तब भी प्रचारित कराया कि ऐसा कुछ गलत हुआ नहीं है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायतों के बोझ तले संयुक्त कलेक्टर प्रदीप सोनी को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से बेदखल कर देपालपुर अनुभाग का अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम नियुक्त कर दिया है। सोनी पर पूर्व में भी इसी विभाग में रहते हुए गंभीर आरोप लगे थे और उन्हें हटाया गया था। निर्विवाद छवि वाले घनश्याम धनगर की कार्यक्षमता को देखते हुए सांवेर से उनकी पुन: जूनी इंदौर एसडीएम के पद पर वापसी हुई है। धनगर की जगह संयुक्त कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी को सांवेर का नया एसडीएम नियुक्त किया है। नजूल की जमीनों का रिकॉर्ड समय सीमा में व्यवस्थित करने वालीं रोशनी पाटीदार को अब कॉलोनी सेल प्रभारी का दायित्व सौंपा है।
दे दिया एडिशनल डीसीपी को धक्का, उम्मीद नहीं थी ऐसे जंगी मुकाबले की
गांधीभवन पर एकत्र हुए कांग्रेस कार्यकर्ता को प्रदर्शन करने भाजपा कार्यालय जाना था,उनसे पहले भाजपा कार्यकर्ता लामबंद होकर गांधीभवन पहुंच गए। वहां दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में जो जंगी मुकाबला हुआ,उसमें दोनों दलों के कार्यकर्ता तो घायल हुए ही,वीडियो जर्नलिस्ट भी शिकार हुए,एडिशनल डीसीपी तो कार्यकर्ताओं को समझाने गए थे लेकिन उन्हें ही धक्का दे दिया,वो जमीन पर गिर पड़े। इस पूरे हंगामे में मूक दर्शक बने रहे पुलिस जवानों पर महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष सोनीला मिमरोट के रौद्र रूप वाले वीडियो ने उन्हें फिर चर्चा में ला दिया।
घिसटते हुए,दिव्यांग की पुकार
डिंडौरी जिला मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक आवेदक घिसटते हुए कलेक्टर दफ्तर पहुंचा । यह देख कर सुरक्षाकर्मियों ने उसे उठाने का भी प्रयास किया लेकिन आक्रोशित आवेदक गुस्से में चिल्लाते हुए अपनी पीड़ा बताने लगा। मौके पर मौजूद जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने फरियादी को उठाकर कुर्सी पर बैठाया और फिर उसकी समस्या सुनी और आवेदक को त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन से आवेदक संतुष्ट तो हुआ लेकिन चेतावनी भी दे डाली कि एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो वह पूरे परिवार सहित सड़क पर हड़ताल करने बैठ जाएगा।
पशु बाड़े में स्कूल-ब....बोले तो बकरी का
बड़वानी जिले के पाटी विकासखंड के अंतर्गत आने वाले चेरवी गांव में प्राथमिक स्कूल पशु बाड़े में संचालित हो रहा है। इस स्कूल में करीब 20 आदिवासी बच्चे गाय-बकरियों के बीच बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। गांव में स्कूल भवन का निर्माण तो शुरू हुआ,लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। अधूरे भवन में न छत है और न दरवाजे,खिड़कियां ऐसे में गर्मी और बारिश के मौसम में वहां पढ़ाई कराना संभव नहीं है । मजबूरी में ग्रामीणों ने एक कच्ची टपरी में स्कूल की व्यवस्था की,जहां एक ओर मवेशी बंधे रहते हैं और दूसरी ओर बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते हैं।
भूरा सेठ मतलब टेम्पल मेन
महिदपुर रोड के समाजसेवी संतोष विश्वकर्मा-भूरा सेठ धार्मिक रुचि और मंदिर निर्माण जैसे सेवा कार्यों के चलते क्षेत्र में टेम्पल मेन के रूप में पहचान बना चुके हैं। उन्होंने गांव और आसपास के अनेक प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य किया है । केवल सहयोग ही नहीं,वे स्वयं तन,मन,धन से इसमें सहभागी रहते हैं । गणेश मंदिर,शीतला माता मंदिर,शनि मंदिर और साईं मंदिर सहित कई मंदिरों के विकास में उनका योगदान रहा है। पोस्ट ऑफिस चौराहा स्थित दुर्गा माता मंदिर से उनका विशेष लगाव है । यहां वे वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं,समिति के प्रमुख सदस्य होते हुए भी वे हमेशा विनम्र बने रहते है। उनका मानना है कि मंदिर केवल ईश्वर की उपासना का स्थल नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला केंद्र भी है। हर वर्ष आयोजित होने वाला नवदुर्गा महोत्सव,श्रावण मास में आयोजित कांवड़ यात्रा और महिदपुर रोड से चित्तौड़गढ़ स्थित सांवरिया सेठ मंदिर तक की पैदल यात्रा में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इस यात्रा में 150 से अधिक श्रद्धालुओं का पूरा व्यय वे स्वयं वहन करते हैं,किंतु कोई पूछे..? तो बस इतना कहते हैं,मैं कौन...? करने वाला,कराने वाले तो सांवरिया सेठ हैं। मूल रूप से होटल व्यवसायी संतोष के पिता बालकृष्ण विश्वकर्मा भी समाजसेवी रहे हैं।

