यह भाजपा और कांग्रेस का जहरीली शराब का गठजोड़ तो गजब ही है !-अब पूर्व मंत्रियों को पार लगाएगी,शायद धर्म की नैया ही- बताओ, भगवान राम की माता का नाम क्या था ? -होगा हिंदू विधायकों पर बड़ा कलंक,उलझा दिया ना-महू में मुख्यमंत्री मोहन को हनुमान-संकल्प और एलान शिवराज सिंह का

प्रदेश की राजनीतिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से

यह भाजपा और कांग्रेस का जहरीली शराब का गठजोड़ तो गजब ही है!

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।   मप्र में यू तो भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे की गलती तलाशने का कोई मौका नहीं छोड़ते है नही,लेकिन अंदरुनी तौर पर वे कैसा याराना निभाते हैं...? यह तो हाल ही में आबकारी विभाग द्वारा ग्वालियर जिले में की गई कार्रवाई से साफ -साफ उजागर भी हो गया है। आपको बता दे कि हाल ही में यह गजब गठजोड़ ग्वालियर जिले के घाटीगांव क्षेत्र में हाईवे पर देखने को मिला है। आबकारी दल ने भाजपा नेता सुरेंद्रसिंह तोमर के फार्म हाउस पर छापा मारकर 36 ड्रम-केन में भरी करीब 22 हजार 850 लीटर ओपी सहित मशीनें व अन्य शराब से संबंधित सामग्री जब्त की थी। अब जब इसकी फॉरेंसिक लेबोरेटरी रिपोर्ट सामने आई तो आबकारी की टीम भी अलर्ट मोड में आ गई क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक उक्त शराब जहरीली निकली है। खबर यह भी है कि इस भाजपाई फैक्ट्री का मास्टरमाइंड कांग्रेस नेता रणदीप मलिक और अमित कुमार है। रणदीप मलिक के बारे में एक और जानकारी सामने आई कि इस पर अंतरराज्यीय तस्करी के करीब 15 प्रकरण दर्ज भी हैं। जांच के परिणाम के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या वाकई दोनों दलों के इन नेताओं में सांठगांठ थी ? या भाजपा नेता को रणदीप के इस गैरकानूनी काम की जानकारी ही नहीं थी ?

अब पूर्व मंत्रियों को पार लगाएगी,शायद धर्म की नैया ही

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में अब शायद आउटडेटेड मान लिये गये,भाजपा के दो पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह अब धर्म की राह से राजनीति की मंजिल तलाशने में लग गए हैं। एक ओर नरोत्तम ने ग्वालियर-डबरा में नवग्रह शक्ति पीठ की स्थापना के बहाने शीर्षस्थ संतों-महामंडलेश्वरों के साथ राजनीति के पॉवर सेंटरों को एक मंच पर एकत्र कर अपना रुतबा तो दिखा ही दिया। वही दसरी ओर पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी धार्मिक आयोजनों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है,उन्होंने सागर में बड़े स्तर पर कथा महोत्सव और दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर का आयोजन किया, जिसे वे एक धार्मिक यज्ञ के रूप में संबोधित कर रहे हैं, जिसमें वे शायद अपनी राजनीतिक भूमिका के साथ धार्मिक गतिविधियों को जोड़ भी रहे हैं।

बताओ,भगवान राम की माता का नाम क्या था?

विधानसभा में जी-राम-जी योजना को लेकर चर्चा चल रही थी,इसी दौरान पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे को राम भक्त और राम विरोधी होने की बातें कहने लगे। तभी कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी का टेस्ट कुछ इस तरह से लिया कि उन्होंने उनसे पूछा कि भगवान राम की माता का नाम तो बताइए। गौरतलब है कि लोधी नाम तो बता नहीं पाए,लेकिन सिर्फ  प्रश्न पर प्रश्न करते ही रहे।

होगा हिंदू विधायकों पर बड़ा कलंक-उलझा दिया ना

भोपाल उत्तर से कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आतिफ  अकील ने गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने इसे लेकर बीजेपी पर तंज भी कसा है। उन्होंने विधानसभा में अशासकीय संकल्प पेश कर कहा कि यदि हिंदू धर्म गाय को मां मानता है तो उसका सम्मान करते हुए,उसे राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने गाय की मृत्यु पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने की भी बात कही है। उनके विधायक पिता ने भी इसी आशय की मांग की थी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तो मुस्लिम विधायक की तारीफ  करते हुए कह दिया है कि अगर उनका यह प्रस्ताव असफल रहता है तो यह हिंदू विधायकों पर तो बड़ा कलंक होगा।

महू में मुख्यमंत्री मोहन को हनुमान

जैसा की सभी जानते है ही कि मुख्यमंत्री से पहले डॉ.मोहन यादव पहलवान हैं और पहलवानों के इष्ट तो हनुमान जी ही होते है,यह बात तो सभी भली भांति से जानते भी हैं । फिर तो इस बात की जानकारी कटार वाली दीदी को न हो,यह तो संभव ही नही। तभी जब डॉ.मोहन यादव उनके विधानसभा क्षेत्र महू में पहुंचे तो उषा ठाकुर ने उन्हें हनुमान जी की प्रतिमा भेंट की और मुख्यमंत्री ने भी बड़े ही प्रसन्न होकर मूर्ति को ऊपर उठाते हुए,सबको बताया कि कटार वाली दीदी ने रामभक्त हनुमान जी की ये मूर्ति भेंट की है.......इस दौरान जय श्रीराम जय हनुमान के नारे भी गुजने लगे !

संकल्प और एलान शिवराज सिंह का

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि अब वे ना तो किसी से स्मृति- चिह्न ही लेंगे और ना ही फूल-मालाओं से अपना स्वागत कराएंगे। अब उन्होंने तय किया है कि अगर मेरा स्वागत करने आओ तो एक पेड़ लगाकर उसकी फोटो खींच लो और कह दो कि मामा,ये लगा दिया है। अपने आप ही मेरा स्वागत हो जाएगा। गौरतलब है कि आगामी 5 मार्च को शिवराज सिंह का जन्मदिन है। इसलिए ही उन्होंने अपने जन्मदिन के पहले यह अपील की है कि कोई भी बैनर-पोस्टर या होर्डिंग कतई न लगाए,बल्कि उसकी जगह सिर्फ पौधे लगाए।