अब तक नही आयी चलित खाद्य प्रयोगशाला निरीक्षण कर नमुने के लिए-गर्मी की दस्तक शुरू,कोल्ड ड्रिंक्स के साथ शीतल जल का उपयोग भी बढ़ा
अब तक नही आयी चलित खाद्य प्रयोगशाला निरीक्षण कर नमुने के लिए-गर्मी की दस्तक शुरू,कोल्ड ड्रिंक्स के साथ शीतल जल का उपयोग भी बढ़ा
नही दी हैं जाती खाद्य विभाग द्वारा जांच निष्कर्ष की सम्पूर्ण जानकारी-एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक्स बिकने की आशंका,सेवन से हो सकता है नुकसान
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। हर वर्ष की तरह आगामी होली पर्व एवं भगोरिया पर्व होने के बावजूद भी कलेक्टर नेहा मीना ने शायद ही खाद्य सुरक्षा प्रशासन,नापतोल विभाग एवं खाद्य नागरिक एवं आपूर्ति विभाग का संयुक्त जांच दल न ही गठित किया है और न ही कोई निर्देश ही जारी किया है। दल को बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री एवं घरेलू गैस टंकी का उपयोग के संबंध में लगातार निरीक्षण करने हेतु,हर वर्ष जिम्मेदार अधिकारियों निर्देश जारी भी किए जाते है,किंतु इस वर्ष शायद ही कोई निर्देश,इस संदर्भ में कलेक्टर ने जारी किये है। अब,इस खबर के प्रकाशन के बाद शायद आनन फानन में ही निर्देश जारी करने की संभावना,साफ प्रतीत भी हो रही है।
धड़ल्ले से बिक्री की जा रही , एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक
गर्मी की दस्तक हो गई है,ऐसे में कोल्ड ड्रिंक्स और शीतल पेयजल का प्रयोग बढ़ने लगा है। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक की एक्सपायरी डेट देखना बेहद जरूरी है। दरअसल शहर की कई दुकानों में पिछल साल के कोल्ड ड्रिंक्स का स्टॉक मौजूद है,जानकार बताते हैं कि यह सेहत के लिए घातक हो सकता है। नियम अनुसार एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक्स को हटा देना चाहिए,बावजूद इसके धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है। एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक पीने से सेहत को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं।
नही लिए गए,अब तक नमूने
प्रशासन को अब तक तो समस्त होलसेलर विक्रेताओ का हाट बाजार में बिकने वाली खाद्य सामग्री एवं विशेष कर ग्रीष्म ऋतु में अत्यधिक उपयोग में आने वाले कोल्ड ड्रिंक का निरीक्षण कर लेना चाहिए था और नमूने भी ले कर जांच के लिए भेज देना चाहिए था। आपको बता दे कि पिछले साल जिले में फरवरी माह में चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा ग्राम बामनिया,पेटलावद एवं पिटोल में कुल 52 नमूने जांच में लेकर मौके पर ही जांच कर दी थी। जांच दल में नापतोल निरीक्षक कपिल कदम, श्रम सहायक संजय पांचाल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुल सिंह अलावा मौके पर उपस्थित थे। लेकिन इस वर्ष ऐसी कोई भी कार्यवाही देखी नही गयी ह,अब आगे देखना होगा खबर के प्रकाशन के प्रशासन कितनी जल्दी जागता है?
* बॉक्स खबर *
नही दी जाती है चलित खाद्य प्रयोगशाला जांच निष्कर्ष की जानकारी.
मजेदार और गौरतलब बात तो यह है कि अक्सर देखा जाता है कि जांच का क्या निष्कर्ष आया ? इसकी जानकारी लगभग हर बार की तरह खाद्य विभाग द्वारा नहीं दी जाती हैं। वे तो सिर्फ जनसम्पर्क विभाग के मार्फत कितने नमूने लिए,इसका ही उल्लेख कर अपने दायित्व से मुक्त हो जाते है। प्रशासन को चलित खाद्य प्रयोग शाला द्वारा लिए गए नमूने की जांच के त्वरित निष्कर्ष और भोपाल प्रयोगशाला में भेजी गई जांच निष्कर्ष की भी सम्पूर्ण जानकारी नाम,दिनांक और सामग्री सहित प्रेस नोट में खबर के साथ जारी करना चाहिए। ऐसा करने से पक्का निरंकुश अमानक सामग्री बेचने वालों में प्रशासन का ख़ौफ़ जरूर दिखेगा,ऐसा हमारा मानना है।
अधिकतर नही मिलते खाद्य अधिकारी, कार्यालय पर
देखा जाय आये दिन जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रेस नोट के माध्यम से मीडिया को जांच हेतु लिए गए सिर्फ नमूने के आकड़ो की सूचना तो दे दी जाती है,लेकिन चलित खाद्य प्रयोगशाला की जांच और भोपाल प्रयोगशाला में भेजी गयी जांच निष्कर्ष की एक्का- दुक्का जानकारी को छोड़कर कभी भी साझा नही की जाती है। मजेदार बात तो यह है कि इस मामले में जब खाद्य अधिकारी राहुल अलावा से उनके मोबाइल पर संपर्क करते है तो हर बार यह कहकर टाल देते है कि मैं फील्ड में हूँ और जब कार्यालय पर हम सम्पर्क करने जाते है,वे कभी भी कार्यालय पर मिलते ही नहीं है। प्रशासन को इस और ध्यान देने की बेहद आवश्यकता है।
** बॉक्स खबर **
ग्राहक ऐसे कर सकते हैं शिकायत
ग्राहक दुकानदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि कोई भी दुकानदार एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री बेचता है तो इसकी शिकायत ग्राहक खाद्य विभाग और नगर पालिका से कर सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता फोरम में भी शिकायत कर सकते हैं,ग्राहकों की शिकायत के बाद जांच की जाती है। जांच में यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाती है।
एक्सपायरी डेट जरूर देखना चाहिए
एक्सपायरी डेट के कोई भी खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें कई तरह के नुकसानदायक तत्व सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए सामग्री खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखना चाहिए। इसलिए यह आवश्यक है कि एक्सपायरी डेट की कोल्डड्रिंक न पिएं और हमेशा ताज़ा और सुरक्षित पेय पदार्थों का सेवन करें।
मुंह और गले में हो सकती है समस्या
एक्सपायरी डेट की कोल्ड ड्रिंक में टॉक्सिन्स और अन्य हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं,जो किडनी और लिवर को प्रभावित कर सकते हैं। मुंह और गले में दर्द, सूजन और अन्य समस्याएं हो सकती हैं। पीने से थकान और कमजोरी,सिरदर्द और चक्कर आना,पेट में गैस और दर्द,त्वचा पर चकत्ते और खुजली जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है।
डॉ.एम किराड़-जिला अस्पताल,झाबुआ

