गुंडो ने वर्दी फाड़ दी-हाय रे आंसू....तू भी औरत,मैं भी औरत..!- मिलीं तीनों बार जीवनसाथी आईएएस- इस्तीफा दे आईएफएस,कारण बताए पत्नी-द डायरी ऑफ मणिपुर- चलाचली की बेला में चली चौपाल चर्चा-झूठ बोलने पर अब तो कौवा भी नहीं काटता-गलत तो नहीं कह रहे हैं,नागेश नामजोशी...
गुंडो ने वर्दी फाड़ दी-हाय रे आंसू....तू भी औरत,मैं भी औरत..!- मिलीं तीनों बार जीवनसाथी आईएएस- इस्तीफा दे आईएफएस,कारण बताए पत्नी-द डायरी ऑफ मणिपुर- चलाचली की बेला में चली चौपाल चर्चा-झूठ बोलने पर अब तो कौवा भी नहीं काटता-गलत तो नहीं कह रहे हैं,नागेश नामजोशी
प्रदेश की राजनैतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
मिलीं तीनों बार जीवनसाथी आईएएस- कुर्यात सदा मंगलम...
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ आईएएस अवि प्रसाद -2014 बैच की निजी जिंदगी में तो सब कुछ ठीक-ठाक ही है। उनकी राजी-खुशी से तलाक के बाद तो हालात कुछ ऐसे बने कि उन्होंने तीसरा विवाह भी किया है। आपको बता कि संयोग भी कुछ ऐसा बना कि उनको तीनों बार जीवनसाथी भी आईएएस ही मिलीं। उन्होंने पहली शादी आईएएस रिजु बाफना से फिर मिशा सिंह से की थी। इन दोनों से विधिवत संबंध विच्छेद के बाद अब उन्होंने अंकिता धाकरे-2017 बैच से इसी महीने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में विवाह किया है। वे वर्तमान में राज्य मंत्रालय प्रशासनिक सेवा में डिप्टी सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं।
इस्तीफा दे आईएफएस,कारण बताए पत्नी
उल्लेखनीय है कि आईएफएस -2013 बैच विपिन पटेल ने आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप में अपने इस्तीफे वाला लेटर भेजकर सरकारी हल्कों में तो खलबली ही मचा दी थी,जिसके बाद वन विभाग ने नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब भी मांग लिया था। मजेदार बात तो यह है कि उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण न ही किसी को बताया और न ही किसी का भी फोन उठाया। अब कहीं जाकर उनकी पत्नी ने यह खुलासा किया है कि उनकी मन स्थिति ठीक नहीं होने से उन्होंने इस्तीफा लिख दिया था,अब वे पूरी तरह से ठीक हो गए हैं और उन्होंने अपना इस्तीफा भी वापस ले लिया है।
गुंडो ने वर्दी फाड़ दी- हाय रे आंसू तू भी औरत,मैं भी औरत!
कहां-सुना तो यह है कि औरत का दर्द औरत जल्दी समझ जाती है,लेकिन शहडोल में दक्षिण मंडल की डीएफओ श्रद्धा पांद्रे को जिन हालात से गुजरना पड़ा,वह लाड़ली बहनों वाले इस प्रदेश में महिला सम्मान को आईना दिखाता है। शहडोल में कमिश्नर हैं सुरभि गुप्ता,पुलिस महानिरीक्षक भी चैत्रा एन महिला ही हैं। कोयला माफिया की धरपकड़ करने गईं डीएफओ श्रद्धा पांडे की माफिया के गुंडो ने वर्दी फाड़ दी,टीम के बाकी लोगों के साथ भी मारपीट की। श्रद्धा 6 घंटे थाने में रिपोर्ट लिखाने के लिए बैठी रहीं,22 घंटे तक बाद भी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। पता नहीं महिला आईजी और महिला कमिश्नर को अपनी बहन-बेटी का चेहरा याद आया या नहीं?
द डायरी ऑफ मणिपुर
प्रयागराज के महाकुंभ में माला बेचने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा की नई हिंदी फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर पूरी हो गई है। फिल्म लॉन्च के दौरान मोनालिसा भावुक नजर आईं,उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया और उनकी पुरानी जिंदगी में कोई फर्क नहीं है। दोनों ही उनके लिए सुंदर हैं। मोनालिसा ने बताया कि मप्र के खरगोन जैसे इलाकों में शिक्षा की कमी देखकर उनका सपना है कि वह अपनी पहली फिल्म की कमाई से वहां लड़कियों के लिए स्कूल खोलेंगी ताकि बच्चियां अशिक्षित न रहें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें
चलाचली की बेला में चली चौपाल चर्चा
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल की उल्टी गिनती लगभग अब शायद शुरु हो चुकी है। उनके कार्यकाल के बमुश्किल डेढ़ साल ही बचा है,अब उनकी वार्डों में चौपाल चर्चा चल रही है। इस चौपाल चर्चा का उन्हें प्रतिसाद अच्छा मिल रहा है,इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता है लेकिन इस नवाचार पर यदि और पहले से काम शुरु हो जाता तो,आज तक हर वार्ड में लगभग दो-तीन बार चर्चा तो जरूर हो जाती और पता भी चल जाता कि दिए गए निर्देशों का फॉलोअप रिजल्ट कैसा रहा? कई महापौरों का कार्यकाल देख चुका निगम का अमला भी जानता है कि ढलते सूरज को अर्घ्य कौन चढ़ाता है?
झूठ बोलने पर अब तो कौवा भी नहीं काटता
बॉबी फिल्म में वि_ल भाई पटेल ने झूठ बोले कौवा काटे गीत लिखा ,यह गीत लोकप्रिय भी खूब हुआ था। उस समय कितने झूठों को कौवे ने काटा यह तो पता नही,लेकिन अभी तो इंदौर के पढे-लिखे और बेपढ़े लोगों को समझ आ गया है कि वि_ल भाई वाला वो कौवा भागीरथपुरा आते-आते भटक गया।यहां के दूषित पानी कांड मामले में एक के बाद एक मौतों का आंकड़ा तो बढ़ता गया,लेकिन सीएमएचओ डॉ.हासानी मृतकों की जांच रिपोर्ट के नए-नए कारण गिनाते रहे। वहां के रहवासियों से लेकर शहर के अन्य क्षेत्रों के लोग उस कौवे की तलाश करते रहे,जो झूठ बोलने वाले सीएमएचओ से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को चोंच गढ़ाते हुए नजर आ जाए। ये कौवा ना तो किसी को नजर आया और न ही वि_ल भाई पटेल की स्मृति में हर साल कार्यक्रम कराने वाले उनके खास मित्र ललित अग्रवाल की छत पर ही कांव-कांव करता नजर आया। कही ऐसा तो नहीं कि मौतों के आंकड़ों और झूठ के मामले में कीर्तिमान बनाने वाले अधिकारियों के साहस से हताश होकर,उसने भागीरथपुरा वाले उसी पानी में कौवा स्नान कर लिया हो।
गलत तो नहीं कह रहे हैं,नागेश नामजोशी
पांच दशक से भी अधिक समय से रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य सहित रेलवे बोर्ड की उच्च स्तरीय समिति में रहे नागेश नामजोशी वर्तमान शास्त्री ब्रिज के स्थान पर सिक्स लेन ब्रिज बनाने के सरकारी निर्णय से हत्प्रभ हैं। पुल का निरीक्षण करने आए रेलवे के चीफ इंजीनियर सहित प्रशासनिक अधिकारियों को उन्होंने सुझाव दिया है कि नए सिरे से पुल निर्माण करना ही है तो फुटपाथ को हटा दिया जाय,जिससे 6 लेन जितनी चौड़ाई तो हो ही सकती है। पैदल चलने वालों के लिए एक अलग से पैदल पुल गांधी हॉल के बाहर से पत्थर गोदाम रोड पर से रीगल टॉकीज की तरफ बनाएं और इसे प्लॅटफॉर्म से भी जोड़ दिया जाय। अभी 6 लेन ब्रिज बनाना इसलिए भी संभव नहीं लगता कि गांधी हाल की ओर से शिव मंदिर के कारण चौड़ाई बढ़ाने की गुंजाइश नहीं लगती है। ऐसी ही स्थिति रीगल टॉकीज के वहां भी जस्टिस बंगलों के कारण बनेगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से तथा राजकुमार पुल की ओर से आकर हाई कोर्ट व आरएनटी मार्ग की तरफ जाने वाले वाहनों का रास्ता भी अवरुद्ध हो जाएगा। इसी तरह विपरित दिशा में पुल शास्त्री मार्केट के बहुत नजदीक आ सकता है,जो सुरक्षा के लिए उचित नहीं है। पुल की प्रस्तावित चौड़ाई वर्तमान से 3 मीटर ज्यादा होगी। माणिकबाग वाला पुल ऐसे ही कारणों से संकरा बना और उल्टी दिशा से आने वाले वाहनों के कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

