झाबुआ में गौवंश की हड्डियों से भरा पीकअप वाहन पकड़ा गया, गोशालाओ के फर्जी पत्रों के जरिए तस्करी की आशंका


झाबुआ।संजय जैन-सह संपादक। शहर के जेल चौराहे पर बुधवार की आधी रात को उस समय हड़कंप मच गया जब झाबुआ यूथ के सदस्यों ने सूचना के आधार पर गौवंश की हड्डियों से लदे एक पीकअप वाहन को घेराबंदी कर पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, करीब रात 12 बजे झाबुआ यूथ के सदस्यों ने फुलमाल फाटे से गुजर रहे मारुति सुजुकी सुपर कैरी पीकअप वाहन (क्रमांक MP11Z L3416) का पीछा किया और उसे जेल चौराहे पर पहुचते ही रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर वह पूरी तरह से हड्डियों से भरा पाया गया, जिसके बाद सदस्यों ने चालक से परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे।।                    

हमारे द्वारा कोई पत्र जारी नही किया गया है

जांच के दौरान चालक ने जो दस्तावेज पेश किए, वे संदिग्ध और पुराने पाए गए। दस्तावेजों में सीतामऊ जनपद पंचायत सहित सीईओ जावरा जनपद का पत्र क्रमांक 1215 (दिनांक 2 जून 24) शामिल था, जो वसीम पिता नौशाद, निवासी जावरा को जारी किया गया सिर्फ एक वर्क ऑर्डर था। इसके अलावा सरसोद (मंदसौर) गौशाला का वर्ष 2019 का पत्र, गुरुदेव कमलमुनि चिन्मयानंद गौशाला लामगिरी, जीवदया प्रेमी मंडल गौशाला सैलाना और माधव गौशाला मोयाखेड़ा (जावरा) के दिसंबर 2025 के अनुमति पत्र भी मिले। संदेह होने पर झाबुआ यूथ के सदस्यों ने रात में ही माधव गौशाला के अध्यक्ष से संपर्क किया तो उन्हीने स्पष्ट रूप से बताया कि हमारे द्वारा ऐसा कोई पत्र जारी नही किया गया है। उल्लेखनीय है कि गौशाला प्रबंधन ने रात करीब 1:40 बजे एक आधिकारिक पत्र भी जारी किया, जिसमें उल्लेख किया गया कि उनकी गौशाला में मृत गौवंश को नियमानुसार दफनाया जाता है, उनकी हड्डियां या अन्य अवशेष बेचे नहीं जाते हैं।      

पुलिस में त्वरित मौके पर पहुच कर वाहन को जप्त किया

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पीकअप वाहन जावरा से होकर छोटा उदयपुर (गुजरात) की ओर जा रहा था, जहाँ संभवतः इन हड्डियों का पाउडर बनाने के लिए उपयोग किया जाना था। झाबुआ यूथ ने इस पूरी कार्रवाई को सोशल मीडिया पर लाइव भी दिखाया, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल पुलिस इस बात की सघन जांच कर रही है कि वाहन का असली मालिक कौन है ? और क्या यह परिवहन पूरी तरह अवैध तरीके से अंजाम दिया जा रहा था ? पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।