आज माता-पिता द्वारा निर्मित भवन को इंदौर ज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए संघ को समर्पित करेंगे

कार्यक्रम में सुरेश सोनी साथ ही शायद सीएम भी होंगे अतिथि

झाबुआ/इंदौर।संजय जैन-सह संपादक। आरएसएस से मिले संस्कार समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी देते हैं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज देखने को मिलेगा। इंदौर संगम नगर में माता-पिता मुकुंद-इंदिरा सबनीस ने जो भवन बनाया था, उस भवन को उनके बच्चे सेवा कार्यों के लिए आरएसएस के अभा कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव आज रविवार को इंदौर में रहेंगे तो  शायद इस समारोह में वे भी शामिल हो सकते हैं। सबनीस परिवार द्वारा यह भवन यूथ विंग्स वेल्फेयर सोसायटी को समर्पित किया जा रहा है। उनकी इच्छानुसार इस भवन को ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा, जहाँ कुशाग्र किंतु अभावग्रस्त बालक-बालिकाओं को उच्चशिक्षा हेतु सहयोग व साधन उपलब्ध कराये जायेंगे।

दोनो बहनों ने यूथ विंग्स वेल्फेयर सोसायटी को भवन सौंपने अपनी सहर्ष सहमति दी

आपको बता दे कि स्व.मुकुंद सबनीस डीएसपी वायरलेस (भोपाल) रहे हैं।उन्हें तत्कालीन राज्यपाल ने पुलिस सेवा पदक से तो सम्मानित किया ही था साथ ही उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक भी मिला था। उनके पुत्र दिनकर सबनीस जो अभा ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के साथ ही दिल्ली में संघ के प्रचारक भी हैं। संघ कार्य की व्यस्तता के चलते वे इंदौर कम ही आ पाते है। दोनों बहनों दीपा मलगांवकर और सुषमा जावलीकर ने भी यूथ विंग्स वेल्फेयर सोसायटी को भवन सौंपने पर सहर्ष सहमति दी है। 

यूथ विंग्स वेल्फेयर सोसायटी ये कार्य करेगी

दिनकर सबनीस ने बताया यूथ विंग्स वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष हरीश डागुर (क्रीड़ा भारती के प्रांत मंत्री), अभय रांगणेकर (सचिव) और देवेंद्र सिंह सिसोदिया (कोषाध्यक्ष) हैं। इस सोसायटी के माध्यम से स्टूडेंट के लिये कैरियर कॉउंसलिंग-गाइडेंस के साथ ही निकट भविष्य में शासन से जमीन लेकर किसानों को फसल के वाजिब दाम के लिये कृषि विज्ञान केंद्र, फसल सुधार के लिये मिट्टी परीक्षण केंद्र, जैविक खेती, फसल प्रोसेसिंग प्लॉंट, खाद्य सामग्री में मिलावट रोकने के लिये फूड टेस्टिंग लेब स्थापित करने की प्लॉनिंग भी है। परीक्षण के नतीजों का नियमित प्रकाशन करेंगे ताकि आमजन में सजगता बढ़े। इसके साथ ही वैकल्पिक चिकित्सा आधारित केंद्र में उपचार सुविधा भी रहेगी ताकि एलोपैथी आधारित चिकित्सा के साइड इफेक्ट से राहत मिल सके। 

भवन से ज्ञान का उजाला फैलता रहे

माता-पिता की स्मृति वाले चौबीस सौ वर्गफुट वाले इस भवन से ज्ञान का उजाला फैलता रहे इसलिये बाबा स्व. मुकुंद केशव सबनीस की जयंती (11 जनवरी) पर यह महत्वपूर्ण निर्णय हमने लिया। संगम नगर स्थित माता-पिता का निवास स्थान केवल एक वास्तु नहीं अपितु कर्तव्य, त्याग, प्रेम व संस्कारमय कालखण्ड का साक्षी है। हमने इस वास्तु को एक सामाजिक कार्य के लिये समर्पित करने का निश्चय किया है। यह योजना है एक न्यास गठित कर इसमें इस वास्तु को समर्पित करेंगे। 

असंख्य अभिलाषी विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा

न्यास द्वारा इस वास्तु को एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा, जहाँ आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं को शिक्षा के अवसर व साधन सुलभ हो सकें। भारत की नई पीढ़ी और प्रगति के मार्ग को गढ़ने में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। हम इस कार्य को एक सामाजिक दायित्व के साथ-साथ पू. आई-बाबा से प्राप्त संस्कारों को भारत माता के चरणों में सेवा के रूप में समर्पित करने का सुअवसर मानते हैं।  भवन ज्ञान-मंदिर के रूप में स्थापित होगा तो उनकी स्मृति दीर्घकाल तक समाज को आलोकित करती रहेगी। इस न्यास के माध्यम से हम सभी के हृदय से जुड़े इस स्थान की देखरेख होती रहेगी, इसका उपयोग सत्कार्य में होगा और भविष्य में असंख्य अभिलाषी विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा ।