इंदौर निगम के सभी वार्डों के पार्षदों से परिषद सम्मेलन में अनुरोध किया था, लेकिन किसी ने ध्यान ही नहीं दिया

एकमात्र राजू  भदौरिया ही ऐसे पार्षद रहे,जिन्होंने पानी की टंकी सफाई का अभियान चलाया

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।   गंदे-जहरीले पानी हादसे के बाद तो अब भागीरथपुरा में सारी एजेंसियों ने अपनी अपनी ताकत झोंक रखी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले गंदे पानी की शिकायतों को ना तो नगर निगम ने ना ही संबंधित वार्डों के पार्षदों ने ही गंभीरता से लिया था। आपको बता दे कि इंदौर शहर के 85 वार्डों के पार्षदों में कांग्रेस के ही एकमात्र राजू भदोरिया ऐसे पार्षद रहे,जिन्होंने अपने अपने वार्ड की नर्मदा जल वाली पानी टंकियों की सफाई का काम हाथ में ले रखा है।

हर छह माह में पानी टंकियों की सफाई करेंगे

गौरतलब है कि हर सात दिन में हर वार्ड में पेयजल के नमूने लेने की कवायद तो दूर,नर्मदा की जिन टंकियों से पेयजल सप्लाई होता है उन टंकियों तक की भी नियमित सफाई को लेकर निगम अमले के साथ वार्डों के पार्षदों तक ने सजगता ही नहीं दिखाई र्है। तत्कालीन निगमायुक्त ने भदौरिया को आश्वस्त भी किया था कि हर छह माह में पानी टंकियों की सफाई करेंगे। शहर में कुल 115 टंकियां हैं,लेकिन इनकी सफाई को लेकर कोई भी गंभीरता ही नहीं है।

एक मात्र पार्षद ने अकेले ही अपने दम पर,खुद टंकियों की सफाई

नर्मदा की टंकियों की सफाई होगी तो ही रहवासियों को पानी साफ  मिलेगा,इस बात की गंभीरता को समझा भी तो कांग्रेस के पार्षद राजू भदौरिया ने ही। इंदौर नगर निगम चुनाव पश्चात 85 वार्डों में से 68 वार्डों में भाजपा के और 17 वार्डों (अब 16) में कांग्रेस के पार्षद हैं। कुल 85 पार्षदों में एकमात्र राजू भदौरिया ही ऐसे पार्षद हैं जिन्होंने अपने वार्ड में पहले जोन 5 अब जोन 6 में नर्मदा जल वाली टंकियों की अकेले अपने दम पर खुद सफाई की है। इस चुनौतीपूर्ण काम में उन्होंने रामकी कंपनी के कर्मचारियों का सहयोग लेकर अपने वार्ड की पानी टंकियों की सफाई शुरू कराई और यह काम उनके वार्ड में अभी भी चार-छह महीनों में होता चला आ रहा है।

ऐसे आया था विचार, टंकी सफाई का

करीब तीन दशक पहले सुभाष नगर पानी की टंकी में डूबे एक व्यक्ति की लाश वाले पानी के वितरण से पूरे शहर में खलबली मच गई थी। वार्ड 22 के कांग्रेस पार्षद राजू भदोरिया को वह घटना याद थी,उन्होंने अपने वार्ड के लोगों को साफ  पानी मिले,इस उद्देश्य से 2023 में लवकुश आवास विहार टंकी की सफाई से शुरुआत की थी। इस टंकी की सफाई के दौरान करीब 50 कबूतर,मेंढक,चूहे आदि भी मृत मिले थे। यही नहीं करीब 6 ट्रक गाद टंकी में जमी हुई भी थी,वह भी साफ  की थी। इसके पंद्रह दिन बाद सुखलिया में वीणा नगर पानी की टंकी,फिर जोन 5 सुखलिया रोड की टंकी,अगस्त 25 में फिर पहले वाली टंकी की सफाई की थी। निगम सम्मेलन में उन्होंने टंकी सफाई की जानकारी देने के साथ ही सफाई वाले वीडियो,बाकी 81 पार्षदों व महापौर आदि से भी शेयर किए,साथ ही यह अनुरोध भी किया था कि अपने वार्डों के पार्षद इस काम को अपने हाथो में लें,अपने मतदाताओं को स्वच्छ पानी पिलाने का इतना सा दायित्व तो हम पूरा कर ही सकते हैं। भदौरिया के इस जरूरी अनुरोध को भाजपा तो ठीक खुद,उन्हीं की पार्टी के अन्य पार्षदों ने भी अनसुना कर दिया था। तत्कालीन निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने उनके इस काम की तारीफ  तो की थी,लेकिन नर्मदा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने यह अनुरोध भी किया था कि मृत कबूतर, मेंढक आदि टंकी सफाई में मिलने की बात को सार्वजनिक न करें।

पार्षद हो तो भदौरिया के जैसा

वार्ड में पानी की टंकियों की सफाई का काम हाथ में लेने वाले पहली बार के पार्षद भदौरिया के काम की रहवासियों के साथ ही अन्य वार्डों के रहवासियों भी तारीफ  कर रहे है। इन लोगों का कहना था कि पार्षद हो तो,भदौरिया जैसा ही हो। उल्लेखनीय है कि पार्षद भदौरिया के इस नेक काम की सराहना करने में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की तरह ही कांग्रेस ने भी कंजूसी की है। वही दूसरी ओर राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने जरूर उनका सम्मान करने की उदारता दिखाई।