केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में 30 केवी सोलर पैनल प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया
केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में 30 केवी सोलर पैनल प्लांट का विधिवत उद्घाटन किया
अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कारों का बीजारोपण भी किया जा रहा है - केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया
संजय जैन सह संपादक झाबुआ ;- पर्यावरण संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ISO प्रमाणित CBSE संबद्ध अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल, झाबुआ में सोमवार को सोलर पैनल परियोजना का विधिवत उद्घाटन प्रदेश की केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंत्री भूरिया ने विद्यालय व्यवस्थापन की ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में की गई पहल की सराहना की व स्कूल प्रबंधन द्वारा संस्कारों को जीवंत रखने के प्रयासों की भी सराहना की ।सोमवार को दोपहर करीब 12.30 बजे अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल पर 30 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल के उद्घाटन को लेकर कार्यक्रम आयोजित हुआ । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रदेश की माननीय कैबिनेट मंत्री (महिला एवं बाल विकास) सुश्री निर्मला भूरिया थी । अतिथि के रूप में डी. एस. राजपूत (अधीक्षण यंत्री, झाबुआ वृत्त), मधु बारिया (सहायक यंत्री, झाबुआ), अखिलेश मुलेवा, श्रीमती प्रफुल्ल शर्मा, विद्यालय के संस्थापक डॉ. लोकेश दवे, डायरेक्टर डॉ. चारुलता दवे एवं प्राचार्य डॉ. रितेश लिमये विशेष रूप से उपस्थित थे । स्कूल परिसर पर मंत्री भूरिया का स्वागत कुमकुम व चावल लगाकर व पुष्प वर्षा से किया गया । तत्पश्चात मंत्री भूरिया ने स्कूल परिसर पर लगे सोलर पैनल पर कुमकुम से स्वस्तिक बनाकर व फूल माला अर्पित कर , सोलर पैनल को बटन दबाकर प्रारंभ किया गया । तत्पश्चात कार्यक्रम अंतर्गत सर्वप्रथम केबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया का स्वागत स्कूल संचालक श्रीमती चारू दवे ने शाल , श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया , इसी कड़ी में युवा विधार्थी दिव्यांश गादीया और नन्ही बालिका रीत पटेल ने भी मंत्री का स्वागत किया । अगली कड़ी में स्कूल प्रबंधक लोकेश दवे ने भी मंत्री भूरिया का स्वागत चरखा भेंट कर किया । वही अधीक्षण यंत्री एमपीईबी राजपूत का स्वागत त्रिवेदी ने किया। अगली कड़ी में लोकेश दवे ने शब्दों के माध्यम से केबिनेट मंत्री का स्वागत व अभिनंदन भी किया । मंत्री निर्मला भूरिया ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह खुशी की बात है कि झाबुआ का सबसे बड़ा सोलर पैनल अंकुरम स्कूल पर लगा है । हमारी सरकार भी सोलर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है । केंद्र एवं राज्य सरकार ग्रामीण व शैक्षणिक संस्थानों में नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सके। यह भी कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना तथा बिजली की खपत को कम कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा अपनाने से कार्बन उत्सर्जन कम होता है और दीर्घकालीन आर्थिक बचत भी होती है। केन्द्र और राज्य सरकार किसानों को खेतों में सोलर पैनल लगाकर सिंचाई के लिए प्रेरित कर रही है । सोलर पैनल की स्थापना ऊर्जा संरक्षण समय की मांग है और विद्यालयों में ऐसी तकनीकी पहलें भावी पीढ़ी को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी । भारत सरकार का लक्ष्य है आने वाले वर्षों में देश को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री का विज़न है कि अधिक से अधिक घरों, स्कूलों, सरकारी संस्थानों और उद्योगों में सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया जाए, जिससे देश की ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम हो और स्थानीय स्तर पर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता बढे । आगे मंत्री भूरिया ने स्कूल प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि स्कूल की व्यवस्था और अनुशासन अनुकरणीय है । यह भी कहा कि अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल में आकर नई बात देखने और सीखने जैसी है जहां आज के पाश्चात्य संस्कृति में नई पीढ़ी संस्कारों को भूलती जा रही है वहीं अंकुरम में बच्चों को संस्कार और संस्कृति से रूबरू करा रहे हैं और सीखा रहे हैं । सदियों से देखने में आया है कि घर के बाहर फुटवेयर रखते थे वहीं आज भी इस स्कूल में क्लास रूम के बाहर ही जूते चप्पल रखें जा रहे हैं क्लास रूम में नहीं । कहा जाता है कि इससे नेगेटिविटी आतीं हैं और इसका विपरीत प्रभाव भी पड़ता है । जो सीख बच्चों को स्कूल समय में सीखायी जाती है वह जीवन भर उनके जीवन में बनी रहती है । इस तरह के विभिन्न संस्कार बच्चे स्कूलों में सीखकर आगे अन्य को समझाते है । केबिनेट मंत्री स्कूल प्रबंधन के अनुशासन और संस्कार रुपी ज्ञानार्जन से प्रभावित भी हुई । मंत्री ने स्कूल की लाइब्रेरी , लेबोरेटरी और कंप्यूटर क्लास का अवलोकन भी किया और सराहना भी की । इस अवसर पर डी.एस. राजपूत ने सोलर ऊर्जा के तकनीकी, आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों पर प्रकाश डालते हुए , इसे भविष्य की आवश्यकता बताया। विद्यालय के संस्थापक डॉ. लोकेश दवे ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंकुरम इंटरनेशनल स्कूल झाबुआ जिले का पहला एवं सबसे बड़ा विद्यालय है, जिसने इतनी अधिक क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कर हरित ऊर्जा की दिशा में नेतृत्व किया है। वहीं डायरेक्टर डॉ. चारुलता दवे ने सभी अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

