मनमानी-मुनाफे के चक्कर में पशु-पक्षियों और मानव जीवन को खतरे में डाल रहे कारोबारी-प्रतिबंध के बाद भी बेचा जा रहा चाइनीज मांझा क्योंकि इसमें 60 फीसदी तक मुनाफा

हर साल हादसे फिर भी कार्रवाई नहीं-प्रशासन ने अभी तक कोई सुध नहीं ली

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक।  कलेक्टर नेहा मीना ने पतंगबाजी के दौरान जिले में मानव,पशु-पक्षियों के जीवन की सुरक्षा बनाए रखने और दुर्घटनाओं की रोकथाम को दृष्टिगत रखते हुए दंड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा/144 के अन्तर्गत जन-सामान्य के हित,जान-माल की रक्षा और लोक शांति बनाए रखने के लिए जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति पतंगबाजी में न तो नायलॉन डोर-चाइना डोर का निर्माण करेगा,न ही क्रय-विक्रय करेगा,न ही उपयोग करेगा और न ही उसका भण्डारण करेगा। साथ ही मकर संक्रांति पर पतंगबाजी के लिए ऐसी डोर का क्रय-विक्रय व निर्माण किया जाए,जिससे किसी व्यक्ति,पशु-पक्षियों को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति न हो। आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा/188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

नही लिया,आदेश को गंभीरता से

हर साल की तरह इस साल भी चायना डोर से सड़क पर चलने वाले लोगों की जान पर बन आई है। डीएम के आदेश के बावजूद भी प्रशासन ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। कागजों पर प्रतिबंध लगाने वाले अफसर इस बार चायना डोर पर कार्रवाई करना ही नहीं चाहते। व्यापारी कार्रवाई से बचने के लिए दुकानों पर सौदा करने के बाद घर में छुपाकर रखी चायना डोर गुपचुप तरीके से बेच रहे हैं। चायना डोर से घायल होने के कई मामले सामने आने के बाद भी इस पर कार्रवाई करने के लिए कोई अफसर तैयार नहीं है।  डीएम के आदेश को अभी तक गंभीरता से लिया ही नहीं गया है।

नही हो रहा किसी की अपील का असर

आमजन और पशु-पक्षियों के लिए घातक सिद्ध हो चुके चाइना डोर बेचने वाले व्यापारियों को न तो किसी की अपील का असर हो रहा है और न ही प्रशासनिक कार्रवाई का डर है। शहर के हर गली-मोहल्लों से बच्चे उचके भर-भर के चाइना डोर खरीद कर लाते है।

20 से ज्यादा दुकानों पर धंधा

क्षेत्र में करीब 20 से ज्यादा दुकानों पर चायना डोर बेची जाती  है। कार्रवाई न हो, इसके लिए व्यापारियों ने इस बार नया पैंतरा अपनाया है।  दुकान पर चुनिंदा लोगों से ही चायना डोर के संबंध में सौदा किया जाता है। इसके बाद डोर की डिलीवरी व्यापारी अपने घर के आसपास करते हैं।

लोग चाइनीज मांझा पसंद करते हैं,सख्ती होगी तो देखेंगे

एक दुकानदार ने अपना नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि चाइनीज मांझे को ही लोग पसंद करते हैं। क्योंकि यह मांझा नायलॉन और प्लास्टिक के मिश्रण से बनाया जाता है और यह बहुत मजबूत और तेज होता है। जबकि देशी मांझा कपास और रेशम का बना होता है,इस वजह से यह कम मजबूत होता है। शहर में इसका विक्रय हो रहा है क्योंकि पूर्व में ही व्यापारियों ने चाइनीज मांझे की खरीदी कर ली है। कभी प्रशासनिक और पुलिस स्तर से जांच भी नहीं हुई,इस वजह से बेच रहे हैं,अगर सख्ती होगी तो इसके विक्रय को बंद भी कर देंगे।

चायनीज मांझा क्यों है खतरनाक ?

पशु-पक्षियों और मानव जीवन के लिए खतरनाक है। इस मांझे की चपेट में आने से पक्षी और लोग भी घायल हो जाते हैं। इसके अलावा यह पर्यावरण के लिए हानिकारक है,क्योंकि इसमें उपयोग किया जाने वाला नायलॉन और प्लास्टिक पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है और यह नष्ट नहीं होता है।

सख्त कार्रवाई करेंगे

शहर में चाइनीज मांझे का भंडारण, बिक्री और खरीद पर डीएम की ओर से हर बार की तरह,इस बार भी प्रतिबंध लगाया गया है। नपा अधिकारी को भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि कोई चायना डोर बेचते पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भास्कर गचाले -एसडीएम,झाबुआ

उपयोग पर प्रतिबंध

चाइनीज मांझा के विक्रय,भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगा है। इस संबंध में हम शहर में जांच करेंगे। जिस दुकानों पर यह मांझा बेचा जा रहा है,वहां कार्रवाई की जाएगी।

आरसी भास्करे-टीआई कोतवाली,झाबुआ