रक्षक ही बनने चला था भक्षक-किया शर्मसार खाकी को,आरक्षक मंगलेश पाटीदार ने

कही आरोपी को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा...?-परिजन की मांग,इसकीं सेवा समाप्त कर,कड़ी कार्यवाही की जाय

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक।    खाकी के वेश में छिपे दरिंदे आरक्षक मंगलेश पाटीदार ने  मात्र 7 वर्ष की मासूम नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाने का शनिवार की दोपहर को अपने ही माधोपुरा स्थित शासकीय आवास में एक असफल प्रयास किया था। आपको बता दे कि मासूम की मां के अचानक आ जाने से,उसका दरदिगी करने प्रयास सफल नहीं हो पाया था। यह तो ऊपर वाले की कृपा रही,नही तो बहुत बड़ा अनर्थ नन्ही मासूम के साथ हो जाता, साथ ही यह भी हो सकता था कि उसकी जान भी चली जाती।

यह था घटनाक्रम

आपको बता दे कि यह घटना झाबुआ  माधोपुरा स्थित क्षेत्र की है। शासकीय आवास  की है,जिसमें आरक्षक मंगलेश पाटीदार खाकी वेश में दरिंदा निवासरत था। हवस के पुजारी ने शनिवार के दिन लगभग दोपहर 4 बजे के करीब 7 वर्षीय मासूम गुड़िया,को बहला फुसलाकर अपने कमरे में बुलाकर वह अपनी हवस को मिटाने की तैयारी कर ही रहा था,तभी मासूम बच्ची की मां उसको ढूंढते हुए उस दरिंदे के घर तक पहुंचकर बच्ची को आवाज लगाई। बच्ची के बाहर निकलते ही उसको घबराई देखकर,वह इस दरिंदे के नापाक मंसूबे को तुरंत भाप गयी और एक पल की भी देरी नहीं करते हुए बच्ची को तुरन्त वहाँ से अपने साथ अपने घर ले गयी। बच्ची से चर्चा कर मां ने सम्पूर्ण घटना की जानकारी अपने पति को दी। बच्ची के परिवार जन तुरन्त झाबुआ कोतवाली थाने में जाकर दरिंदे मंगलेश पाटीदार के खिलाफ  प्रकरण दर्ज करवाया।

रहा है,दरिंदा पहले भी चर्चित

जानकारी में यह भी सामने आया कि यह वहसी दरिंदा पहले भी बालिका के साथ छेड़छाड़ करता रहता था,यह बात मासूम ने अपने परिजनो को भी बताई। उल्लेखनीय है कि खाकी के वेश में छिपा यह दरिंदा पहले भी चर्चित रहा है। पहले भी अपने साथी कर्मचारी के साथ बदसूलकी करते हुए उसका वीडियो भी वायरल हुआ था,लेकिन अपने रसूख के चलते वह हमेशा बचता भी रहा,लेकिन इस अक्षम्य कृत्य से इसके पाप का घड़ा आखिरकार फूट ही गया और वह गिरफ्तार कर लिया गया। कोतवाली पुलिस ने मीडिया को सिर्फ  एफआयआर में बयान का विवरण ही जारी किया है,जिससे किस धारा में अपराध पंजीबद्ध किया गया...? उसका उल्लेख हम नही कर पाए है। खबर लिखे जाने तक आरोपी खाकी धारी दरिंदे को कल कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था,जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

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कही आरोपी को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा?

इस प्रकरण में सबसे बड़ी बात तो यह सामने आई है कि पुलिस ने इतने बड़े मामले को उजागर ही नहीं किया साथ  ही न कोई प्रेस नोट ही जारी किया। सिर्फ  बयान ही जारी किया,जो प्रथम सूचना रिपोर्ट में लिखवाया है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस दरिंदे पर शायद बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ बालिका के नाबालिग होने से पास्को एक्ट भी लगाया गया हो। धाराओं की जानकारी नहीं देने से पुलिस की कार्यशैली में संदिग्धता दर्शाती नजर तो आ रही है। कही आरोपी को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा...? नगर और प्रेस जगत में ऐसी चर्चा भी है।
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फ़ोन ही रिसीव नही किया

इस मामले में आगे की जानकारी लेने हेतु झाबुआ थाना प्रभारी आरसी भास्करे से संपर्क किया तो, फोन ही रिसीव नही किया।

आरसी भास्करे- थाना प्रभारी,झाबुआ

ससपेंड कर दिया है

बच्ची ने बताया है कि ऐसी हरकत इसने पहले भी करनी चाही थी। आज न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। विभाग ने इसे सस्पेंड भी कर दिया है।

प्रताप सिंह मोहबिया- एडिशनल एसपी, झाबुआ

हम कैसे सुरक्षित रह सकेंगे?

मासूम से दरिंदगी करने की असफल कोशिश आरक्षक मंगलेश पाटीदार ने की है। यह तो भगवान की कृपा रही कि बच्ची पर कोई आंच नहीं आयी। ऐसे घिनौने व्यक्ति से डीआरपी लाइन को जल्द से जल्द मुक्त करवाये। इसके रहते हमारे बच्चे और हम कैसे सुरक्षित रह सकेंगे?

गरिमा अलावा

कड़ी से कड़ी सजा दी जाय

बच्ची के साथ दरिंदा घिनोनी हरकत करने का अक्षम्य कृत्य करने जा रहा था। इसको कड़ी से कड़ी सजा दी जाय।

हर्षिता डुडवे