शहर में दौड़ने वाले स्कूली वाहनों पर जिला परिवहन की ओर से डिवाइस लगाने की नही हो रही कार्रवाई-स्कूल वाहनों में व्हीएलटी डिवाइस से तुरंत पहुंचेगी सहायता
शहर में दौड़ने वाले स्कूली वाहनों पर जिला परिवहन की ओर से डिवाइस लगाने की नही हो रही कार्रवाई-स्कूल वाहनों में व्हीएलटी डिवाइस से तुरंत पहुंचेगी सहायता
समय पर पहुंचेगी पुलिस,अपराध पर लगेगा अंकुश
झाबुआ। ब्यूरो चीफ -संजय जैन। जारी आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2019 से पहले पंजीकृत सभी सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में व्हीएलटी युक्त पैनिक बटन स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य कर दिया था। 4 वर्षो के बाद भी अभी तक स्कूल संचालक डिवाइस को लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में परिवहन कार्यालय की ओर से ऐसे वाहनों को पकड़कर,उनमें यह डिवाइस लगवाई नही जा रही है। इस डिवाइस का फायदा यह है कि इसमें एक पैनिक बटन है,जो किसी दुर्घटना या इमरजेंसी में दबाने पर जिला परिवहन अधिकारी सहित पुलिस के पास सूचना पहुंचेगी,जिससे तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य
राज्य सरकार के निर्देश के बाद परिवहन विभाग सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस युक्त पैनिक बटन लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गयी थी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश के बाद इसे अनिवार्य भी कर दिया था। महिलाओं की सुरक्षा के लिए गाड़ियों में इस डिवाइस को लगाना जरूरी है। परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2019 से पहले पंजीकृत सभी सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में व्हीएलटी युक्त पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया था। नए वाहन व्हीएलटी उपकरण से युक्त इस आदेश के बाद पंजीकृत सभी व्यावसायिक परिवहन के वाहनों में व्हीएलटी युक्त पैनिक बटन लग कर आ रहे हैं। हालांकि सभी प्राइवेट बसों में भी व्हीएलटी युक्त पैनिक बटन लगाया जाना अनिवार्य किया गया था। इसके साथ स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए भी स्कूल वाहनों में भी इस डिवाइस को लगाए जाने का निर्देश जारी किए थ। जिले के कई स्कूली वाहनों में यह डिवाइस नहीं लगायी गयी है।
समय पर पहुंचेगी पुलिस, अपराध पर लगेगा अंकुश
जिला परिवहन अधिकारी कृतिका मोहटा ने बताया कि अब जो नई गाड़ियां आ रही है उसमें पहले से हीं पैनिक बटन लगा हुआ आ रहा है। इसके बाद जो पुराने वाहन है उनमें पैनिक बटन लगाने की कार्रवाई की जा रही है। जिले में करीब 250 स्कूली वाहन हैं, जिनमें से कई स्कूली वाहनों में यह डिवाइस नहीं लगायी गयी है। वहीं कॉमर्शियल वाहनों में इस डिवाइस के न होने पर उनके परमिट आदि जारी नहीं किए जा रहे हैं। दुर्घटना होने पर कई बार पुलिस व बचाव दल को लोकेशन के अभाव में मौके पर पहुंचने में देरी हो जाती है,अब वह नहीं होगी और तत्काल सहायता वहां पहुंच सकेगी।
बिना व्हिएल्टी के वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी नहीं कर रहे हैं
जिला परिवहन अधिकारी कृतिका मोहटा ने बताया कि हम बिना व्हिएल्टी के वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब तो यह हुआ कि जब तक फिटनेस वैलिड है,तब तक बस संचालक नियमो को ताक में रखकर बेधड़क बसो को सड़कों पर चला रहे हैं। जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है।
नए वाहनों में लगकर आ रही डिवाइस
सार्वजनिक परिवहन और स्कूल के वाहनों में व्हीएलटी डिवाइस में एक पैनिक बटन है,जिसके माध्यम से तत्काल किसी भी समय पुलिस और सहायता वहां पहुंचेगी। नए वाहनों यह डिवाइस लग कर आ रही है। पुराने वाहनों में हम बिना व्हिएल्टी के वाहनों का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहे हैं।
कृतिका मोहटा- आरटीओ,झाबुआ

