नागदा को छोटा सा गांव बताने पर ट्रोल हुए अमिताभ बच्चन (बिग बी),मामला पुलिस तक जाने की कगार पर
नागदा को छोटा सा गांव बताने पर ट्रोल हुए अमिताभ बच्चन (बिग बी),मामला पुलिस तक जाने की कगार पर
एक्स पर विरोध भी दर्शाया,ग्रेसिम की गुणगान से खफा हैं लोग
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। कौन बनेगा करोड़पति के 23 दिसंबर को प्रसारित कार्यक्रम (एपिसोड) में उज्जैन जिले के औद्योगिक शहर नागदा को छोटा सा गांव बताकर अमिताभ बच्चन के खिलाफ नागदा के लोग भड़क गए हैं। लोगों ने एक्स पर उन्हें ट्रोल करने के साथ ही पुलिस में शिकायत के साथ कोर्ट में प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर ली है। नागदा के लोगों का आरोप है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप के कार्यों को महान बताने के चक्कर में,उन्होंने नागदा शहर के संबंध में झूठी जानकारी देकर,शहर का अपमान किया है।
यह कहा था अमिताभ बच्चन ने
सोनी टीवी पर 23 दिसंबर की रात प्रसारित कौन बनेगा करोड़पति कार्यक्रम में अमिताभ ने नागदा को मप्र के मालवा क्षेत्र का एक छोटा-सा गाँव बताया था। अनिश्चित बारिश और जल-स्तर गिरने से यह गाँव बुरी तरह से पानी की किल्लत से जूझ रहा था। इस किल्लत को दूर करने के लिए चंबल नदी पर आदित्य बिड़ला ग्रुप के ग्रेसिम इंडस्ट्रीज ने बाँध बनाए औऱ नए आरओ सिस्टम भी बनाए। उन्होंने यह भी कहा था कि अब 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खेतों में सिंचाई हो रही है। जिससे लगभग 9 हजार परिवारों के 3 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। ग्रेसिम ने जनसेवा ट्रस्ट का यहाँ हॉस्पिटल भी बनाया है,जिसमें एक लाख 4 हजार मरीजों को प्रतिवर्ष उपचार भी हो रहा है।
छोटा गांव नहीं है,पूर्व सीएम नागदा को अलग जिला बनाने की घोषणा भी कर चुके हैं
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इसे जिला बनाने की घोषणा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की भी है। कमलनाथ सरकार में 2020 में इसे जिला बनाने के लिए मंत्रिमंडल में प्रस्ताव भी पारित किया गया था। उसके बाद तो दावे- आपत्तियां भी भाजपा सरकार में आमंत्रित भी हो चुकी हैं। पिछली जनगणना 2011 में इसकी आबादी मात्र 39 हजार सामने आई थी। अब 14 वर्ष के अंतराल के बाद यह जनसंख्या लगभग एक लाख 30 हजार तक पहुँच गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में शहर के मतदाताओं की संख्या लगभग 72 हजार थी।
पानी की किल्लत कभी रही ही नहीं,साथ ही जनसेवा अस्पताल में उपचार के लिए मरीजों से पैसा लिया जाता है
सोशल मीडिया पर यह बात भी उठाई जा रही है कि यह शहर तो चंबल नदी के किनारे बसा हुआ है। कभी अनिश्चित बारिश नहीं हुई और कभी भी पानी की किल्लत से इस शहर के लोगों को नहीं जूझना पड़ा है। रहवासी यह सवाल उठा रहे हैं कि बिड़ला कंपनी ने जो बाँध बनाए हैं,वे किसानों की सिंचाई के लिए नहीं,बल्कि स्वयं का उद्योग चलाने के लिए बनाए हैं। ग्रेसिम उद्योग में प्रतिदिन लगभग 1.5 एमसीएफटी पानी रॉ-मटेरियल के रूप में उपयोग में लिया जाता है। जितना पानी शहर के लोग एक दिन में पेयजल के रूप में उपयोग करते हैं,उससे पाँच गुना पानी तो प्रतिदिन उद्योग में ही खपत होता है। जहाँ तक 5 हजार हेक्टेयर भूमि पर बारह महीनों सिंचाई की बात है, इस क्षेत्र में इतना रकबा खेती का है ही नहीं । किसानों को इन बांधों से पानी लेने पर प्रशासन प्रतिवर्ष मई माह में पेयजल परीक्षण अधिनियम के तहत रोक भी लगाता है। प्रतिवर्ष किसानों की विद्युत मोटरें भी बंद कर,जब्त कर ली जाती हैं। अमिताभ बता रहे हैं कि सिंचाई से 9 हजार परिवारों के साथ 3 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इतने लोग लाभान्वित होने का मतलब है कि एक परिवार में औसतन 40 लोग हैं,यह बात भी लोगों के गले नहीं उतर रही है।जनसेवा चिकित्सालय में उपचार के लिए मरीजों से पैसा लिया जाता है। चिकित्सालय में यह भी व्यवस्था है कि भेदभाव के कारण उद्योग के अधिकारी वर्ग को प्राथमिकता से उपचार के लिए देखा जाता है,जबकि जनता कतार में खड़ी रहती है।
पूँजीपतियों के प्रभाव में,बिग-बी ने ग्रेसिम का गुणगान किया
इस शो के प्रसारण के बाद से नागदा के आमजन में यह चर्चा जोरों पर है कि पूंजीपतियों के प्रभाव में महानायक ने इस प्रकार से तो ग्रेसिम का गुणगान ही किया है। जबकि बिड़ला कंपनी के इस उद्योग में खतरनाक सीएस-टू गैस के कारण किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि बंजर हो चुकी है। आसपास के गाँव अजीमाबाद, पारदी,भाटीसुड़ा,परमारखेड़ी आदि में हैंडपंपों से उद्योग के कारण एसिड युक्त पानी निकलता है। यह सवाल विधानसभा में कई बार उठा भी है। बिग-बी नागदा के गाँवों में पेयजल उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं,जबकि इस क्षेत्र के 24 गाँवों को शासन ने खुद प्रदूषण से प्रभावित घोषित भी किया हुआ है। इन गाँवों के लोग चंबल का पानी नहीं पी सकते हैं,इसलिए सरकार ने 24 करोड़ की विशेष योजना पेयजल के लिए उपलब्ध कराई है।
एक्स पर हकीकत बताई,अमिताभ को
सामाजिक कार्यकर्ता अभय चोपड़ा ने कहा है कि कौन बनेगा करोड़पति में नागदा को लेकर बिग-बी ने सरासर भ्रामक जानकारी दी है। उनका कहना है कि मैंने एक्स पर अमिताभ बच्चन को हकीकत से अवगत भी कराया है। मैंने मप्र के डीजीपी,उज्जैन एसपी, कलेक्टर आदि को भी एक्स पर महानायक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिये लिखा है।
छोटा सा गांव बताना,शहर का अपमान
जैविक खेती के क्षेत्र में काम कर रहे किसानों और आमजन का कहना है कि नागदा छोटा गांव नहीं है,यह खाचरौद विधानसभा का हिस्सा और प्रथम श्रेणी की नगर पालिका भी है। डेढ़ लाख आबादी और 36 वार्ड वाले नागदा को छोटा-सा गांव बताना,इस शहर का अपमान तो है। जल्द ही हम सोनी टीवी और अमिताभ बच्चन के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी भी कर रहे है।
नहीं बनाए गए है बांध,किसानों के हितों के लिये
किसानों का यह भी कहना है कि यह बात गलत है कि किसानों के हितों के लिए ग्रेसिम ने बांध बनाए है। जबकि किसानों को चंबल नदी से पानी लेने से रोका तो जाता ही है साथ ही विद्युत मोटरें भी जब्त की जाती हैं। इस कारण किसानों ने 13 नवंबर 2001 को बड़ा आंदोलन भी किया था। किसानों ने यह मामला उठाया था कि हमें नदी से पानी लेने से रोका जा रहा है। हमारे मवेशी भूखे प्यासे मर रहे हैं। आपको बता दे कि इस आंदोलन में लगभग 2 हजार मवेशी लेकर आसपास के 40 गांवों के किसानों ने भाग लिया था।

