अवैध शराब,ड्राइवर ओर ट्रक पकड़ने के बाद भी,पुलिस 25 दिनों बाद भी शराब माफिया को पकड़ने में नाकाम-जांच में देरी क्या दर्शाती है?
अवैध शराब,ड्राइवर ओर ट्रक पकड़ने के बाद भी,पुलिस 25 दिनों बाद भी शराब माफिया को पकड़ने में नाकाम-जांच में देरी क्या दर्शाती है?
कही पुलिस की जांच,सवालों के घेरे में तो नहीं आ जायेगी?
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। गत 02 दिसंबर 2025 को थाना कोतवाली झाबुआ पुलिस ने अवैध शराब से भरे एक टाटा ट्रक से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने ट्रक क्रमांक एमपी 09 एचजी 3449 इंदौर से गुजरात की ओर अवैध शराब लेकर जा रहे,ट्रक को पुलिस टीम ने इंदौर- अहमदाबाद हाईवे के फुलमाल फाटा पर घेराबंदी कर रोका और शराब जब्त की थी। गौरतलब हैं कि ट्रक की तलाशी में ऊपर-ऊपर गेंहू के भूसे की बोरियों की आड़ में छिपाकर रखी गई अवैध शराब की पेटियां मिलीं थी। जांच में लंदन प्राइड प्रीमियम व्हिस्की 130 पेटी,माउंट 6000 बीयर 150 पेटी तथा रॉयल सिलेक्ट डीलक्स व्हिस्की 500 पेटी,इस तरह से कुल 7 हजार 470 लीटर बल्क में अवैध शराब पाई गई थी,जिसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 2 लाख 5 हजार रुपये की थी। पुलिस के अनुसार भुसा, तिरपाल, रस्सी,मोबाइल तथा ट्रक सहित कुल कीमत 1 करोड़ 63 लाख 35 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया था। उल्लेखनीय है कि आरोपी को भी मौके पर ही गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 930/2025 धारा 34/2-ए 36 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में भी ले लिया गया था। इस शराब जब्ती उल्लेखनीय कार्य की पुष्टि थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने की थी।
मामले का पर्दाफाश सहज ही हो सकता है,इस तरह से
1-झाबुआ पुलिस कप्तान डॉ.शिवदयाल सिंह के प्रशंसनीय आपरेशन प्रहार के तहत जब्त अवैध शराब की पेटियों पर अंकित बेच नंबर से सीधे तौर से आसानी से यह पता भी लगाया जा सकता है कि यह शराब वैध थी या अवैध....? यदि वैध थी तो गेहूं के भूसे की बोरियों के नीचे छिपाकर शराब का परिवहन क्यो किया जा रहा था....? पुलिस प्रशासन यह भी जांच करें कि किस डिपो से किस ठेकेदार के नाम से इस बल्क शराब का आवंटन किया गया था...? उपरोक्त बातों की यदि प्रशासन दृढ़ इक्षा और ईमानदारी से जांच करेगी,तो सहज ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है,ऐसा हमारा मानना है।
2-यदि जब्त वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी है तो,उसके चेचिस नंबर से ही बड़ी आसानी से पता लगाया जा सकता है कि इसका मालिक कौन है....?
3-सबसे महत्वपूर्ण गिरफ्तार ट्रक ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ कर,इस बात का पता बड़ी ही आसानी से चल सकता कि इसको परिवहन करने वाला असली माफिया कौन है?
कही पुलिस की जांच सवालों के घेरे में,तो नहीं आ जायेगी?
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस चोर या मर्डर करने वाले को तो तुरंत गिरफ्तार कर तत्काल मशरूका जब्त कर लेती है। साथ कार्यवाही कर न्यायालय में प्रकरण तुरंत भेज भी देती है। वही दूसरी ओर झाबुआ पुलिस ने गत 2 दिसंबर 25 को अवैध शराब से भरा ट्रक जब्त किया था,जिसमें 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध शराब,ड्राइवर और ट्रक को जब्त किया था। इस मामले को सामने आए आज 25 दिन भी हो चुके,लेकिन पुलिस की जांच आज तक खत्म नहीं हुई न असली शराब सप्लायर पकड़ में आया है। सूत्रों नुसार पुलिस के पास शायद पुख्ता सबूत भी है,तो फिर जांच में देरी क्या दर्शाती है ?

