साहब की मनमर्जी वाली लिफ्ट प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से.
साहब की मनमर्जी वाली लिफ्ट प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
साहब की मनमर्जी वाली लिफ्ट
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। इंदौर विकास प्राधिकरण कार्यालय में साहब से मिलने जाना हो और तीन नंबर वाली लिफ्ट यदि देर तक नीचे ना आए तो,यह न सोचें कि लिफ्ट खराब हो गई है। असल में जब प्राधिकरण सीईओ डॉ.परिक्षित संजय राव ऑफिस में होते हैं,तो कई बार उनके अर्दली इस लिफ्ट को थर्ड फ्लोर पर ही रोक लेते हैं। साहब को लंच करने जाना हो या किसी अन्य मीटिंग में जाना हो,कर्मचारी यह नहीं सोचते कि लिफ्ट रोके रखने से अन्य लोगों को कितनी परेशानी होगी....? उनका पहला काम तो,साहब के आदेश का पालन करना है।
राज्यमंत्री ने खुद खोली पोल,घटिया निर्माण की
मोहन सरकार की ही राज्यमंत्री ने घटिया सड़क निर्माण की पोल खोल दी,जब उनके पैर मारते ही 20 लाख रुपए लागत की नई सड़क उखड़ने लगी। पोड़ी मनकहरी मार्ग पर राजेश कैला कम्पनी द्वारा सडक निर्माण कार्य किया जा रहा था। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी मौके पर पहुंची और निर्मित की गई डामर सड़क को दो-तीन जगह ठोकर मारी,तो सड़क उखड़ती चली गई। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार से मिलीभगत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ा भी।
सुन लीजिये कृषि मंत्री की भी
किसानों की पिटाई और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो पर कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सौ किसानों की खाद की लाइन में चंद 4-5 लोगों को जान बूझकर घुसाया जाता है,जो हंगामा करते हैं,थप्पड़ तक मारते हैं और फिर वीडियो वायरल किए जाते हैं। यह सब प्री-प्लान साजिश है। मंत्री ने दो टूक कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को गुमराह किया जा रहा है। वे एमपी की मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। यहां उन्होंने खाद संकट के आरोपों को खारिज किया।
दिग्विजय सिंह का कलाकार जी को धन्यवाद
विधानसभा के विशेष सत्र में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तो सन 1956 से प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के अच्छे कामों का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह की भी खूब तारीफ की थी। उनका यह भाषण ऐतिहासिक और कई भाजपा नेताओं को चौकाने वाला भी रहा था। मंत्री विजयवर्गीय के भाषण के बाद दिग्विजय सिंह ने भी उन्हें सोशल मीडिया पर कहा था कि बहुत बहुत धन्यवाद कलाकारजी। आज के राजनीतिक प्रतिशोध के वातावरण में,आपने जो मेरे बारे में कहा है वह आम राजनेता कभी भी नहीं कह सकता। उसके लिए साहस चाहिए और केवल खुले विचारों वाला व्यक्ति ही कह सकता है। काश आपकी और हमारी पार्टी में कुछ और लोग भी ऐसे होते......
बिगड़ी सड़क पर हाईकोर्ट की नाराजी
इंदौर-मुंबई नेशनल हाईवे के गणेश घाट पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 106 करोड़ में बना 8.8 किलो मीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग 6 महीने में ही कैसे बदहाल हो गया...? इस सवाल का जवाब मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एनएचएआई से मांगा था,लेकिन समय पर जवाब नहीं देने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है और फटकार लगाते हुए 15 जनवरी 2026 तक सड़क की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। अभिभाषक अभिषेक तुगनावत के मुताबिक हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एनएचएआई के वकील ने कोर्ट को बताया,पैरवी के लिए मुंबई से वरिष्ठ अधिवक्ता कोर्ट नहीं पहुंच सके हैं,उन्हें समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने कहा,कहने के बाद भी सड़क सुधार की रिपोर्ट पेश नहीं की,अब आप सीनियर एडवोकेट के पेश होने के लिए समय मांग रहे हैं। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि एक माह पहले रिपोर्ट जमा करने कहा था,तब वकीलों ने सड़क सुधारने का भरोसा दिया था। लेकिन इसके बाद भी न ही काम किया और न ही रिपोर्ट पेश की,इसका खामियाजा गुजरने वाले हजारों वाहन चालक भुगत रहे हैं।
हाथी कॉरिडोर वाली जगह दे दी,कोल माइंस को
भोपाल तक जानकारी पहुंची है कि वन विभाग के अफसरों ने सिंगरौली की धिरौली कोयला खदान को मंजूरी देने के लिए फॉरेस्ट एरिया का नक्शा ही बदल दिया है। खदान संरक्षित-रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में है। वन विभाग के ही रिकॉर्ड के मुताबिक यहां हाथी,बाघ समेत 18 दुर्लभ वन्य प्राणी रहते हैं,जो वाइल्ड लाइफ एक्ट 1972 के शेड्यूल वन में शामिल है। रिकॉर्ड के मुताबिक जिस जगह पर कोल माइन्स को मंजूरी दी है,वो हाथी कॉरिडोर है, यानी यहां से हाथी गुजरते हैं। इतना सब होने के बाद भी जिस दिन कोल ब्लॉक का टेंडर हुआ,उसके बाद अफसरों ने कागजों में हेरफेर कर प्रस्तावित हाथी कॉरिडोर को कोल ब्लॉक से 5 किमी दूर बता दिया। आपको बता दे कि तत्कालीन सीसीएफ ने 2023 में अपनी रिपोर्ट में इसे हाथी कॉरिडोर का हिस्सा बताया था। ये कोल ब्लॉक अहमदाबाद की मेसर्स स्ट्राटाटेक मिनरल रिसोर्सेज कंपनी को अलॉट किया है। धिरौली कोल ब्लॉक का कुल एरिया 2672 हेक्टेयर है। इसमें से 1275 हेक्टेयर राजस्व और 1397 हैक्टेयर वन क्षेत्र है। सभी जगह से क्लीनचिट मिलने के बाद कोल ब्लॉक के करीब 1400 हेक्टेयर वन क्षेत्र के पेड़ों को काटने का काम शुरू भी हो गया है।
7 दिन की खोज और मशक्कत के बाद बाघिन पी-224 को पकड़ लिया गया
प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से आई बाघिन पी-224 की तलाश राजस्थान में जारी थी। सर्च ऑपरेशन में जुटी टीम ने रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में तलाश शुरू कर दी थी। कोटा सीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुगनाराम जाट और डॉ.तेजेंद्र सिंह रियार दोबारा पेंच टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। लगातार कोशिशों के बावजूद भी अभी रेस्क्यू अभियान को सफलता नहीं मिल पाई थी। अधिकारियों के अनुसार बाघिन की सटीक लोकेशन जानने के लिए रुखड़ और कुरई जंगल क्षेत्र में 40 से अधिक कैमरे लगाए गए थे,जबकि 13 ऑनलाइन कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी। अब उसे 7 दिन की खोज और मशक्कत के बाद शुक्रवार को पकड़ लिया गया है। उसे ट्रेंक्युलाइज कर रेडियो कॉलर पहनाया गया है। इस पर अब लगातार नजर रखी जाएगी। अब जल्द ही उसे राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में भेजा जाएगा। देश में पहली बार किसी बाघ को एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट करने का ऐसा बड़ा ऑपरेशन किया जा रहा है।

