एचएएल के स्थापना दिवस में शामिल हुए कंपनी निदेशक झाबुआ के राकेश भावसार
एचएएल के स्थापना दिवस में शामिल हुए कंपनी निदेशक झाबुआ के राकेश भावसार
जल -थल-वायु सेना को महत्वपूर्ण सेवा देता है, एचएएल
झाबुआ।संजय जैन-सह संपादक। दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों में से एक और भारत सरकार के स्वामित्व तहत भारतीय रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण सेवाएं देने वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ( HAL ) कंपनी ने अपना 86 वाँ स्थापना दिवस बेंगलुरु मुख्यालय में मनाया। इस समारोह में मूलतः झाबुआ निवासी कम्पनी के स्वतंत्र निदेशक चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश भावसार ने सहभागिता की।
एचएएल की विरासत और अग्रणी भूमिका को प्रदर्शित किया
यह समारोह बेंगलुरु स्थित नए एचएमए कैंपस में मैसूर के शाही परिवार के संरक्षक महाराजा और क्षेत्रीय सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) एचएएल डॉ. डीके. सुनील के नेतृत्व में बोर्ड के सदस्यों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, कार्यकारी निदेशकों, पूर्व सीएमडी तथा कंपनी के कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय वैमानिकी एवं रक्षा उद्योग को आकार देने में एचएएल की विरासत और अग्रणी भूमिका को प्रदर्शित किया गया, साथ ही एयरोस्पेस एवं रक्षा क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक भागीदार बनने की इसकी आकांक्षाओं को रेखांकित किया गया।
एचएएल एयरोस्पेस रक्षा के क्षेत्र में नई अग्रिम पंक्ति पर
सांसद वाडियार ने नए एचएमए कैंपस में महाराजा जयचामराजेन्द्र वाडियार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस सम्मान के लिए एचएएल का आभार व्यक्त करते हुए,उन्होंने मैसूर राज्य की समृद्ध विरासत और तत्कालीन महाराजा के योगदान को रेखांकित किया। जिन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में भारत में एचएएल की स्थापना की नींव रखते हुए 700 एकड़ जमीन राष्ट्र सेवा में भेंट की थी। एचएएल की प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, एचएएल एयरोस्पेस रक्षा के क्षेत्र में नई अग्रिम पंक्ति पर है। हम आगे बढ़ रहे हैं,और एचएएल मार्गदर्शन कर रहा है।
परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ाये
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉडीके सुनील ने आईटी और एआई में एचएएल की परिवर्तन यात्रा,परिचालन उत्कृष्टता, क्षमता विस्तार तथा अंतरिक्ष के लिए एक अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र की स्थापना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थाएँ केवल प्रौद्योगिकी से नहीं, बल्कि ऐसी नेतृत्व क्षमता से आकार लेती हैं,जो क्षमताओं का निर्माण करती है।उन्होंने सभी से परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ाकर और स्वदेशीकरण को अपनाकर सभी क्षेत्रों में सतत एवं सुसंगत क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
डाक टिकिट का अनावरण किया
कार्यक्रम के दौरान अमर चित्र कथा द्वारा प्रकाशित एचएएल पुस्तक के कवर तथा एचएएल माईस्टैम्प ( डाक टिकिट ) का भी अनावरण किया गया।

