कमिश्नर  सुदाम खाड़े को रखा धोखे में, समिति सदस्यों को किराया वृद्धि की जानकारी नहीं-सांसद बोले पत्र की मुझे जानकारी नहीं

रंगकर्मियों को आश्वासन दिया कमिश्नर ने किराया वृद्धि को कंसीडर करेंगे

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।   प्रीतमलाल दुआ सभागृह-इंदौर की किराया वृद्धि को लेकर बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इसका किराया बढ़ाने को लेकर समिति की न तो बैठक हुई ना ही सदस्यों को विश्वास में लिया गया। ग्रंथपाल लिली डाबर ने कमिश्नर सुदाम खाड़े को भी समिति की बैठक में किराया वृद्धि के प्रस्ताव पर सहमति अनिवार्य होने जैसी जानकारी नहीं दी और कमिश्नर ने चार गुना अधिक किराये को मंजूरी दे दी।

डॉ.सुदाम खाड़े को दिया ज्ञापन 

किराया वृद्धि से पहले दुआ सभागृह में हर दिन दो-तीन कार्यक्रम सुबह,दोपहर औऱ रात में होते थे,क्योंकि तब एक कार्यक्रम का 2हजार 600 रु.किराया तय था। 12 दिन पहले किराया वृद्धि लागू की गई,तब से अब तक एक भी दिन किसी संस्था ने बुकिंग नहीं कराई है क्योंकि अब छह घंटे का किराया 12 हजार और इतनी ही अमानत राशि जमा कराना पड़ेगी। इस मनमानी वृद्धि को लेकर शहर की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने संभागायुक्त डॉ.सुदाम खाड़े को ज्ञापन भी दिया है।

सांसद बोले मैं दिल्ली में हूं,मैंने पत्र नहीं लिखा

किराया वृद्धि मामले के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने देवी अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय की ग्रंथपाल पद से लिली डाबर को हटा कर खजराना स्कूल में प्राचार्य पदस्थ कर दिया था। तब से वो इस प्रयास में हैं कि किसी तरह फिर से इस पद पर आ जाएं। सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि मैं तो दिल्ली में हूं। मेरे कार्यालय से किसने पत्र जारी किया,मैं पता करता हूं।

किराया बढ़ाने का निर्णय कब लिया?

सांसद शंकर लालवानी का कहना है कि किराया बढ़ाने का निर्णय कब लिया....? मुझे तो पता ही नहीं है,जबकि मैं भी समिति में हूं। सूक्ति संगत हो किराया,जो जानकारी मिली है यह किराया तो बहुत ज्यादा है। समिति के अन्य सदस्य अनिल भंडारी और अतुल सेठ का भी कहना है कि,हमें तो इसकी जानकारी नहीं है क्यों कि समिति की बैठक तो हुई ही नहीं,ये काम तो लगभग मनमर्जी से हुआ है। कमिश्नर तो अभी कुछ महीने पहले आए हैं,उन्हें तो जैसी जानकारी दी गयी होगी,वैसा ही उन्होंने कर दिया। ये किराया वृद्धि छोटी संस्थाओं के हित में नहीं है।

कही से कही तक तर्कसंगत नहीं है,किराया

प्रीतम लाल दुआ सभागृह का किराया कम करने की मांग को लेकर इंदौर की कला संगीत क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं का एक प्रतिनिधिमंडल तन्मय-हनी पांडे ए,पूर्व एमआईसी सदस्य जवाहर मंगवानी, पत्रकार प्रमोद दीक्षित, पत्रकार प्रशांत राय चौधरी,राजेश गोधा, चंद्रशेखर परिहार औऱ लीना श्रीवास के नेतृत्व में संभाग आयुक्त डॉ.सुदाम खाड़े से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें बताया कि अभिनव कला समाज में 200 बैठक क्षमता वाले सभागृह का किराया 9 हजार रु.,175 बैठक क्षमता वाले इंदौर प्रेस क्लब के सभागृह का किराया 8 हजार रु.और 250 बैठक क्षमता वाले जाल सभागृह का प्रतिदिन किराया 15 हजार रु. लिया जा रहा है। जबकि दुआ सभागृह की बैठक क्षमता 120 है,इसके बावजूद भी इसका किराया सबसे महंगा 12 हजार रु. वह भी मात्र सिर्फ  4 घंटे का निर्धारित किया गया है,जो की कही से कही तक तर्कसंगत नहीं है।

सलाहकार समिति बनाए जाने का दिया सुझाव

 प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि प्रीतम लाल दुआ ने इंदौर की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी राशि देखकर इस सभागृह का निर्माण कराया था।संभाग आयुक्त डॉ.सुदाम खाड़े ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि इस पर जल्द ही पुनर्विचार किया जाएगा। प्रतिनिधि मंडल ने इस सभागृह के संचालन के लिए कला संगीत के क्षेत्र से जुड़े पांच सदस्यों की सलाहकार समिति बनाए जाने का भी सुझाव दिया है। प्रतिनिधि मंडल में मनजीत खालसा, गुरदीप सिंह भाटिया, लखन थोरात,लाभांश जायसवाल,विजय सोनवाल,दिनेश सोलंकी,  मनोज यादव,अनीता पलटन,प्रमोद पारे,राजेंद्र नामदेव,अकरम अंसारी, कैलाश राय,नवीन बंजारिया,प्रहलाद जाटवा, मुकेश गहलोत, बलराम खिलवानी,शाकिर खान, इंद्रजीत सिंह,राजेश दुबे, लाभांश जायसवाल, कमल चौहान,यशवंत खंडागल, राजेश तलरेजा,आशीष जायसवाल और शिवम परिहार आदि शामिल थे ।

कंसीडर करने का आश्वासन दिया है

संस्थाओं के प्रतिनिधि ज्ञापन देने आए थे,इनको किराया वृद्धि को लेकर कहा है कि पुराना किराया यथावत रखा जाए।  सभी को किराया राशि को कंसीडर करने का आश्वासन दिया है।
सुदाम खाड़े- कमिश्नर

मैं तो दिल्ली में हूं। मेरे कार्यालय से किसने पत्र जारी किया मैं पता करवाता हूं। मुझे तो पता ही नहीं है,जबकि मैं भी समिति में हूं।

शंकर लालवानी- सांसद इंदौर