प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
अब शादी भी कर लें मेरे भाई-क्या राजपाल यादव की यह सलाह मानेंगे,धीरेंद्र शास्त्री? जनसुनवाई में,अनसुनी के दो साल किसानों की किसे और कितनी चिंता? केंद्र से अब पंगा,लेगा कौन? गौ-माता मजे में,मित्र गौ-सेवक मुसीबत में बेटी की प्रेरणा से पिता करने लगे सेवा कार्य सिंधिया का एक्शन प्लान
अब शादी भी कर लें मेरे भाई-क्या राजपाल यादव की यह सलाह मानेंगे,धीरेंद्र शास्त्री?
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। सलमान खान और राहुल गांधी की तरह बागेश्वरधाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री का शादी नहीं करना भी चर्चा में रहता है। लोगों ने तो जया किशोरी से शादी की अटकलें भी लगा रखी हैं। अभिनेता राजपाल यादव अभी जब बागेश्वरधाम के घर गए,तभी राजपाल ने सलाह देकर आ गए हैं कि अब शादी भी कर लें मेरे भाई....। दरअसल घर पर एक फोटो लगा था,जिसमें उनकी मां पंडित धीरेंद्र शास्त्री का कान पकड़े नजर आ रही हैं। तस्वीर पर लिखा है,अब जल्दी से शादी कर लें मेरे लाल....। राजपाल यादव ने तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर कहा.....अब शादी भी कर लें मेरे भाई। गौरतलब है कि देखा गया है कि इन दिनों राजपाल यादव, शिल्पा शेट्टी आदि सिने जगत के कलाकार आखिर में धीरेन्द्र शास्त्री और महाराज प्रेमानंद जी के दरबार में उनके चरणों में क्यों आ कर झुक रहे है...? यह तो वे ही जाने.......लेकिन,यह जो पब्लिक है,वो तो सब जानती ही है।
जनसुनवाई में,अनसुनी के दो साल
हर मंगलवार को जिला मुख्यालय पर होने वाली जनसुनवाई में लोगों के आवेदन लेने वाले अधिकारी तो बदल जाते हैं लेकिन उन आवेदकों की समस्या वहीं के वहीं रह जाती है। रतलाम कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई में 2 किसान अपनी अलग-अलग समस्या लेकर पहुंचे थे,समस्या दोनों की अलग-अलग है,लेकिन पीड़ा एक समान हैं। करीब 2 साल से लगातार जनसुनवाई और शासकीय दफ्तर में आ रहे,इन किसानों को समस्या का समाधान नहीं मिला है। नगरा गांव के किसान प्यार सिंह और खेतलपुर गांव के किसान रामचंद्र ने पूर्व कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के दौर से जनसुनवाई में आ रहे हैं। किसान प्यार सिंह ने खेत में दवा छिड़कने के लिए एक कंपनी की दवाई ली थी,जिसका बिल भी उनके पास है,उस दवाई को छिड़कने के बाद उनकी फसल बर्बाद हो गई थी। उन्होंने कंपनी के साथ ही जनसुनवाई में भी पहुंचकर कलेक्टर को इसकी शिकायत की थी। तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर कृषि अधिकारियों ने फसल एवं खेत की जांच की और कीटनाशक कंपनी की दवाई से ही फसल खराब होना भी पाया गया था। इस खराब फसल का सैंपल लेकर उसकी लैब टेस्ट रिपोर्ट लेना कृषि विभाग के अधिकारी भूल गए थे। अब जब कृषक ने मुआवजा मांगा तो उन्होंने कहा कि आप उपभोक्ता फोरम में कंपनी के खिलाफ दावा कर देवे। गौरतलब है कि किसान ने कंपनी के खिलाफ दावा भी किया,लेकिन उपभोक्ता फोरम ने कृषि विभाग द्वारा की गई जांच की लैब रिपोर्ट मांग ली। इसके बाद से दोनों किसान अब तक कृषि विभाग और जनसुनवाई के चक्कर पर चक्कर ही लगा रहे हैं।
किसानों की किसे और कितनी चिंता?
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने विधानसभा में किसानों के हित में बोला तो सही है,लेकिन सरकार कहां उनकी बात पर ध्यान देगी...? शेखावत का कहना है कि किसानों से फसल बीमा के सात हजार करोड़ रु.लिये गए और बीमा मात्र सात सौ करोड़ का दिया। उनके बदनावर विधानसभा क्षेत्र में ही किसानों को फसल बीमा के रूप में मात्र 51-51 हजार रु. की बीमा राशि दी गयी है,यू तो किसानों को बीमा कंपनी लूट रही है। शेखावत का यह भी कहना था कि 11 साल से सहकारी सोसायटियों के चुनाव तक नहीं कराए गए हैं,गांवों में खाद-बीज की व्यवस्था भी बिगड़ रही है,साथ ही सरकार द्वारा सहकारिता की अंत्येष्टी भी की जा रही है।
केंद्र से अब पंगा,लेगा कौन ?
मध्य प्रदेश में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं और धान की खरीद करने वाला नागरिक आपूर्ति निगम गहरे वित्तीय संकट से जूझ रहा है। किसानों का गेहूं और धान को समर्थन मूल्य पर खरीदना राज्य सरकार की जेब पर अब भारी पड़ रहा है। अब केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले गेहूं और धान पर दी जाने वाली राशि को घटा दिया है। निगम पर कुल देनदारी बढ़कर 62 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है,जबकि प्रतिदिन करीब 14 करोड़ रुपये का ब्याज भी चुकाना पड़ रहा है। विधानसभा में खुद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लिखित में यह जानकारी दी। केंद्र में जब कांग्रेस सरकार थी,तब पूर्व सीएम शिवराज सिंह ऐसे ही मुद्दे पर भोपाल में अनशन पर बैठ गए थे। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले कई वर्षों में समर्थन मूल्य पर खरीद और अन्य योजनाओं के संचालन के लिए निगम को भारी-भरकम ऋण लेना पड़ा है। मार्च 2021 में निगम पर 37करोड़ 381 लाख रुपये का कर्ज था,जो मार्च 2022 में बढ़कर 44 करोड़ 612लाख रुपये हो गया। इसके बाद मार्च 2023 में यह आंकड़ा 39 करोड़ 442 लाख,मार्च 2024 में 35 करोड़ 998 लाख और मार्च 2005 में 47 करोड़ 652 लाख रुपये दर्ज किया गया था। वहीं 13 नवंबर 2025 तक नागरिक आपूर्ति निगम पर कुल 62 करोड़ 944 लाख रुपये का बकाया हो चुका है। केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को पिछले 5 सालों में मात्र 70 हजार करोड़ रुपए की राशि ही मिली है,जबकि राज्य सरकार को गेहूं और धान का भुगतान करने के लिए 1 लाख 59 हजार 259 करोड़ रुपए चुकाने पड़े है। केन्द्र से कम राशि मिलने की भरपाई करने के लिए राज्य सरकार को बैंकों से कर्ज लेना पड़ा है।
गौ-माता मजे में,मित्र गौ-सेवक मुसीबत मे
सरकार को जितनी चिंता गाय और गौशाला की है लेकिन उतनी ही चिंता शायद मित्र गौ-सेवकों की नहीं है। दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के सर्वे के लिए रतलाम में मित्र गौ-सेवकों को काम पर लगाया गया है। प्रदेश में पशुपालन विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं की नस्ल सुधार के लिए चलाए जा रहे ,इस सर्वे के लिए इन्हें गांव-गांव भटकना पड़ता है। आपको यह जान कर ताज्जुब होगा कि पचास रु. रोज का पेट्रोल फूंकने और दिन में चार-पांच घंटे भटकने के बदले में इन्हें मात्र पांच रुपये प्रति परिवार मानदेय मिल रहा है। इस ऊंट के मुंह में जीरा समान मानदेय को लेकर मित्र गौ-सेवकों के संगठन ने रतलाम सहित सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन भी दिया है। मित्र गौ-सेवकों का कहना है कि उन्हें चुनिंदा पशुपालकों के घर पर जाकर सर्वे करना है और इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी भी देना है। आदिवासी अंचल के दूरस्थ गांव में कहीं 6 परिवारों का सर्वे करना है तो किसी गांव में कहीं केवल एक परिवार का,जिसके लिए उन्हें अधिकतम 30 रुपये और न्यूनतम 5 रुपये ही मिल पाएंगे।
बेटी की प्रेरणा से पिता करने लगे सेवा कार्य
इंसान को जीवन में सबसे ज्यादा जरूरत जिस चीज की है वो है दो वक्त की रोटी....। जीवन जीने के लिए रोज़ाना दो बार का भोजन जरूरी है,लेकिन कई लोगों को तो,यह तक नसीब भी नहीं होता है। जरूरतमंदों और बेघर लोगों को भूखा न सोना पड़े,इसी सोच के साथ गाडरवारा निवासी विशाल सिंह ठाकुर ने 2015 में 6 रोटी से सेवा कार्य की शुरुआत की थी। बेटी अलंकार की प्रेरणा से शुरू हुआ,यह छोटा प्रयास आज मानवता की बड़ी मिसाल बन गया है। गाडरवारा रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 250 से 300 लोग और कई बार 500 से भी अधिक जरूरतमंद समानपूर्वक भोजन प्राप्त कर रहे हैं। विशाल ठाकुर ने इस दिशा में कदम बढ़ाया और धीरे-धीरे शहर के लोग भी सेवा अभियान से जुड़ते चले गए। आज दल के सदस्य शहर और स्टेशन क्षेत्र में नियमित रूप से भोजन सतत वितरण कर रहे हैं।
सिंधिया का एक्शन प्लान
केन्द्रीय मंत्री-गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 4 दिवसीय दौरे पर गुना पहुंचे थे। वे लक्ष्मीगंज में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने सिंध नदी से गुना शहर के लिए जलप्रदाय योजना के लिए 48.74 करोड़ रुपये का भूमिपूजन किया और कई भवनों का लोकार्पण भी किया। सिंधिया ने जिले की जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सिंध नदी जल प्रदाय योजना की 48.74 करोड़ रुपए की अमृत 2.0 परियोजना का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से वर्ष 2050 तक गुना शहर को निर्बाध,गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है। सिंधिया ने दावा किया है कि यह योजना आने वाली पीढ़ियों को भी सुरक्षित जल की गारंटी प्रदान करेगी।

