जनजातीय कार्य विभाग का लेखापाल जाम सिंह अमलियार 14 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया

परेशान होकर आवेदक ने शिकायत लोकायुक्त इंदौर को की

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों के तहत झाबुआ जिले में कल गुरुवार  को बड़ी कार्रवाई की गई। इंदौर लोकायुक्त इकाई ने झाबुआ कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रथम तल पर ट्रैप करते हुए जनजातीय कार्य विभाग के लेखापाल जाम सिंह अमलियार को 14 हजार 500 रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय में उस समय हुई,जब आरोपी शिकायत निस्तारण के एवज में आवेदक से रिश्वत की रकम ले रहा था। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा/7 के तहत कार्रवाई जारी है।

यह है पूरा घटनाक्रम

आवेदक शांतिलाल वसुनिया-माध्यमिक शिक्षक,शासकीय माध्यमिक विद्यालय अम्बापाडा,संकुल केन्द्र बोलासा-तहसील पेटलावद,जिला झाबुआ के विरुद्ध सहायक आयुक्त कार्यालय ने 29 अक्टूबर 2025 को एक कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया था। आरोप यह था कि अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना में अनियमितता हुई है। शांतिलाल ने 30 अक्टूबर को अपना प्रति उत्तर प्रस्तुत कर दिया था। इसी शिकायत को समाप्त कराने के नाम पर विभाग में पदस्थ लेखापाल जाम सिंह अमलियार उम्र 56 वर्ष ने आवेदक से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद शांतिलाल ने यह शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (विपुस्था) राजेश सहाय,लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को कर दी,सत्यापन में आरोप सही पाए गए। सत्यापन के बाद कल  ट्रैप दल का गठन किया गया। तय योजना के मुताबिक शांतिलाल पहली किस्त 14 हजार 500 रुपये लेकर पहुंचे और जैसे ही अमलियार ने रिश्वत की रकम स्वीकार की,लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

यह हुई कार्यवाही

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी से 14 हजार 500 रुपयों  की रिश्वत राशि बरामद कर ली और आरोपी जाम सिंह अमलियार को तत्काल हिरासत में लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही कार्यालय से संबंधित दस्तावेज,फाइलें और शिकायत रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए ।

लोकायुक्त डीजी के निर्देश पर लगातार संवेदनशील विभागों में सतत चल रही कार्यवाही

घटना के बाद ट्रैप दल और वरिष्ठ लोकायुक्त अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। लोकायुक्त संगठन का कहना है कि विभागीय पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति द्वारा रिश्वत मांगने या शिकायत निस्तारण को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोकायुक्त डीजी के निर्देश पर इंदौर यूनिट लगातार संवेदनशील विभागों में कार्रवाई सतत कर रही है।

विभागीय स्तर पर सस्पेंशन की कार्रवाई की संभावना

खबर लिखे जाने तक प्रारंभिक पूछताछ और बरामद सामग्री के आधार पर प्रॉसिक्यूशन केस तैयार किया जा रहा है। फिर आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अंत मे विभागीय स्तर पर सस्पेंशन व अन्य कार्रवाई की भी संभावना है। आपको बता दे कि शिकायत से जुड़े सभी दस्तावेज और आदेश अब लोकायुक्त की जांच के दायरे में ही रहेंगे।

यह थे ट्रैप दल में

ट्रेप दल में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया,रेनू अग्रवाल, कार्यवाहक प्र.आर.विवेक मिश्रा,आरक्षक विजय कुमार,मनीष माथुर,पवन पटोरिया,आशीष नायडू शामिल थे।

14 हजार 500 रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया

आवेदक शांतिलाल वसुनिया-माध्यमिक शिक्षक,शासकीय माध्यमिक विद्यालय अम्बापाडा,संकुल केन्द्र बोलासा-तहसील पेटलावद,जिला झाबुआ की शिकायत के बाद हमने सत्यापन कर कल गुरुवार को कार्यवाही की है। कल कलेक्ट्रेट कार्यालय के प्रथम तल पर ट्रैप करते हुए आरोपी जनजातीय कार्य विभाग के लेखापाल जाम सिंह अमलियार को 14 हजार 500 रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

सचिन पटेरिया- कार्यवाहक निरीक्षक लोकायुक्त,इंदौर

परेशान होकर शिकायत लोकायुक्त इंदौर को की

मुझसे लेखापाल जाम सिंह अमलियार ने कहा कि मामला निपटाने के  25 से 50 हजार रुपये लगेंगे। मैंने उससे कहा कि मेरी गरीब आदमी हूँ, इतनी राशि मैं नहीं दे पाउँगा। इस पर उसने कहा कि काम से काम 20 हजार रूपये तो लगेंगे ही,मैं मेडम से बात करता हूँ। आखिर मैंने परेशान होकर उसकी शिकायत लोकायुक्त इंदौर को कर दी।

आवेदक-शांतिलाल वसुनिया- माध्यमिक शिक्षक, शासकीय माध्यमिक विद्यालय अम्बापाडा