प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
प्रदेश की राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से
सो मत जाना पीथमपुर वालो,मेट्रो सर्वे होगा, एनएचएआई के इस पुल की सराहना तो करना ही पड़ेगी, बाइक से देश के सफर पर सोनी दंपति, दुबई से चली-आंसुओं की आग-उज्जैन पहुंची, एमसीयू के छात्र अब सीख रहे हैं पानी में तैरना, भाजपा-संघ कार्यकर्ता को एसआईआर काम
सो मत जाना पीथमपुर वालो,मेट्रो सर्वे होगा
झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक। इंदौर से उज्जैन के बाद अब इंदौर से पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए सर्वे चल रहा है। उल्लेखनीय है कि इंदौर के जनप्रतिनिधि तो समय रहते जागे नहीं थे, इसलिए मेट्रो के रूट-स्टेशन को लेकर विवाद थम ही नहीं रहा है। पीथमपुर के नागरिक अभी से नहीं जागे तो वहां भी,ऐसे ही हालात बन सकते हैं। पहले चर्चा थी कि एबी रोड से पीथमपुर की ओर मेट्रो का संचालन होगा,अब अफसरों ने अंडरग्राउंड रूट ज्यादा रखने का सुझाव दिया है। इसके तहत लव-कुश चौराहा से मरीमाता चौराहा होकर बड़ा गणपति और वहां से राजेंद्रनगर तक मेट्रो अंडरग्राउंड चलाने और राजेंद्रनगर से पीथमपुर तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का सुझाव दिया है। शासन ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सर्वे व डीपीआर बनाने का काम सौंपा है,इस काम के एवज में करीब 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाना हैं।
एनएचएआई के इस पुल की सराहना तो करना ही पड़ेगी
एनएचएआई ने भोपाल से जबलपुर तक जिस नई तकनीक से नेशनल हाईवे 45 निर्मित किया है, उसकी सराहना करनी तो चाहिए ही। यह नई तकनीक अकाल मौत रोकने के साथ ही वन्य जीवों की प्राण रक्षा में भी सहयोगी रहेगी। नौरादेही अभ्यारण्य से होकर गुजरने वाला करीब 12 किलोमीटर का हिस्सा डेंजर जोन माना जाता है। नौरादेही सेंचुरी के डेंजर जोन को कुल मिलाकर 122 करोड़ रुपये खर्च कर विकसित किया गया है। इसे फोरलेन में तब्दील करने के साथ ही हिरन से सिंदूर घाट तक के हिस्से में रेड कलर मार्किंग भी की गई है। ये रेड कलर मार्किंग सिर्फ रंग नहीं है,बल्कि उसे 5 मिमी की(मोटाई)थिकनेस दी गई है। इससे वाहन की रफ्तार तेज होने पर गद्दीदार चौकोर हिस्से, हल्के झटके के साथ वाहन चालकों को अलर्ट भी करेंगे। खासकर सड़क के बीचों बीच कलर मार्किंग के साथ रोड के साइड में वाइट कलर की पैवर शोल्डर लाइन भी 5 एमएम की (थिकनेस) मोटाई वाली है। जिससे नींद का झोंका आने से वाहन सड़क के बाहर जाने पर,हल्के झटके के साथ अलर्ट देगा और झटके लगने से ड्राइवर की नींद खुल जाएगी। एनएचआई के मुताबिक इन नए संकेतों और चिन्हों से चालकों की सतर्कता बढ़ेगी,गति सीमा का पालन सुनिश्चित होगा और घातक मोड़ तथा कठिन भू-भाग में वाहन चलाना और भी सुरक्षित होगा साथ ही अभयारण्य में वन्यजीवों की आवाजाही भी सुरक्षित होगी।
बाइक से देश के सफर पर सोनी दंपति
छिंदवाड़ा के रानू मुकेश सोनी दंपति ने अपने पर्यटन के शौक को पूरा करने के लिए बाइक से ही पूरे देश का सफर करने की ठानी है। पत्नी साल भर पॉकेट-मनी से पैसे बचाती हैं और फिर पति-पत्नी दोनों बाइक से ही देश-दुनिया की सैर पर निकल पड़ते हैं। सबसे खास बात ये है कि इस यात्रा में जितनी बाइक पति चलाते हैं उतनी ही उनकी पत्नी भी साथ देते हुए बाइक चलाती हैं। इस दौरान उनकी जरुरत की हर चीज बाइक पर होती है। वे 100 सीसी की बाइक पर टेंट और खाना बनाने का सामान साथ ही लेकर घूमने निकलते हैं। अब तक बाइक से दोनों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब,जम्मू-कश्मीर,राजस्थान,महाराष्ट्र,बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की यात्रा में करीब 40 हजार किमी की यात्रा कर चुके हैं। यही ही नही अमरनाथ तक जैसी कठिन यात्रा भी उन्होंने बाइक से ही पूरी की है। उत्तराखंड के केदारनाथ, बद्रीनाथ,यमुनोत्री,गंगोत्री और तुंगनाथ तक तो उन्होंने लगातार दो बार यात्रा की है। इसके बाद उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर, अयोध्या,इलाहाबाद तक चार बार जा चुके हैं। नेपाल में काठमांडू पशुपतिनाथ, महाराष्ट्र के भीमाशंकर, त्रंबकेश्वर और घृष्णेश्वर तक की भी यात्रा कर दोनों चुके है।
दुबई से चली-आंसुओं की आग-उज्जैन पहुंची
उज्जैन संभाग के प्रथम और इकलौते अन्तरराष्ट्रीय शायर अहमद रईस निज़ामी की शायरी की किताब आंसुओं की आग का विमोचन तो पहले ही दुबई में हो गया था। अब संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार ने उज्जैन में भी उसका विमोचन किया है। दोनों अधिकारियों ने निज़ामी को उज्जैन संभाग का गौरव बताया है। जिन्होंने अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर उज्जैन संभाग का नाम रोशन किया है। आपको बता दे कि नगर निगम पीआरओ रहे निज़ामी 35 अन्तरराष्ट्रीय मुशायरों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
एमसीयू के छात्र अब सीख रहे हैं पानी में तैरना
भोपाल के एमसीयू में पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले छात्र कुछ समय पहले तक क्लॉस रुम में ही खबर बनाना सीखते थे,यानी सख्त जमीन पर हाथ-पैर मार कर तैरना सीखते रहते थे। जब वे अखबारों में इंटर्नशिप के लिये जाते थे,तो जमीनी स्तर पर काम करने में पसीने छूट जाते थे। कुलगुरु डॉ. विजय मनोहर तिवारी उन्हें फील्ड में काम करना सिखा रहे हैं। पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ.राखी तिवारी के मार्गदर्शन में इन छात्रों ने भोपाल के लोक परिवहन की जमीनी हकीकत विकल्प अखबार में लिखी है। विभिन्न अखबारों को भेजी गई विकल्प की प्रति को देख कर,कहने में कोई संकोच ही नहीं है कि सरकार और प्रशासन को आईना दिखाने का काम इससे पहले किसी कुलगुरु ने नहीं किया था क्योंकि वर्तमान के कुलगुरु खुद लिखने-पढ़ने वाले और फील्ड रिपोर्टिंग के माहिर हैं। विकल्प का यह विशेषांक पूरी तरह शहर के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की हकीकत पर आधारित है,जिसने सत्ता गलियारों तक हलचल मचा दी है।
भाजपा-संघ कार्यकर्ता को एसआईआर काम
दतिया ज़िले में तब बवाल मच गया,जब कथित तौर पर भाजपा और आरएसएस से जुड़े कई लोगों को मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर के लिए बूथ-लेवल ऑफिसर-बीएलओ के असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त कर लिया गया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने एसडीएम स्तर पर अनजाने में हुई गलती बताया और अब नाम हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर आधिकारिक लिस्ट की एक कॉपी शेयर करते हुए दावा किया कि नियुक्त किए लोगों में कम से कम चार भाजपा के सदस्य या पदाधिकारी हैं।

