विद्युत वितरण कंपनी ने जारी की अस्थाई कनेक्शन की दरें- किसान कह रहे हैं,इसे तुगलकी फरमान
विद्युत वितरण कंपनी ने जारी की अस्थाई कनेक्शन की दरें- किसान कह रहे हैं,इसे तुगलकी फरमान
रबी सीजन के लिए किसानों को लेना होगा, तीन महीने के लिए बिजली का कनेक्शन
झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। रबी सीजन की शुरुआत से पहले ही किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिजली कंपनी ने अस्थायी सिंचाई कनेक्शनों की नई दरें जारी करते हुए तीन माह की एकमुश्त राशि जमा करना अनिवार्य कर दिया है। महंगी दरें और एडवांस भुगतान की बाध्यता किसानों में नाराजगी को और भड़का रही है।
3 एचपी से 10 एचपी तक के कनेक्शनों पर बढ़ाई विद्युत दरें
इस वर्ष 3 एचपी से लेकर 10 एचपी तक सभी कनेक्शनों की दरें बढ़ाई गई हैं। उदाहरण के लिए,3 एचपी के तीन माह के कनेक्शन की दर 5503 रुपए से बढ़कर 5917 रुपए,वहीं 5 एचपी की दर 8946 से बढ़कर 9634 रुपए कर दी गई है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में अतिवृष्टि से फसलें पहले ही चौपट हुई हैं। ऐसे में भारी-भरकम बिजली शुल्क जमा करना असंभव है। अधिकांश हम एक माह का कनेक्शन भी बड़ी मुश्किल से ले पाते हैं,तीन माह का एडवांस तो और भी भारी पड़ रहा है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि एफसी,चार्ज में समय-समय पर होने वाले बदलावों के चलते टैरिफ आगे और बढ़ भी सकता है। वहीं किसानों को पंप पर उचित रेटिंग का कैपेसिटर लगाने की सलाह भी दी गई है, अन्यथा सरचार्ज देना होगा।
किसान कह रहे हैं,इसे तुगलकी फरमान
रबी सीजन में अस्थायी पंप कनेक्शन लेने वाले किसानों को इस बार अतिरिक्त बोझ उठाना होगा। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने नए टैरिफ प्लान जारी कर दिए हैं,जिनमें न केवल पिछले साल की तुलना में दरें बढ़ाई गई हैं,बल्कि कनेक्शन लेते समय तीन माह की राशि एकमुश्त जमा करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। किसान दाताराम, दिलासाराम केवट एवं सोबरन सिंह ने सामूहिक रूप से बताया कि फसलें लगातार खराब होने से,वे पहले ही आर्थिक संकट झेल रहे हैं। ऐसे में तीन माह का शुल्क एडवांस में जमा करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। पिछले साल किसानों के आंदोलन के बाद कंपनी के सीएमडी ने दो माह के कनेक्शन की छूट दी थी,मगर इस बार फिर वही स्थिति सामने आ जाने से गुस्सा बढ़ रहा है। कंपनी का दावा है कि किसान व्यावहारिक रूप से दो से तीन माह तक बिजली का उपयोग करते हैं.इसलिए एक माह का कनेक्शन देने पर चोरी के प्रकरण भी बढ़ते हैं। वहीं किसान इसे तुगलकी फरमान बताते हुए कह रहे हैं कि समायोजन के नाम पर कंपनी बिल में कटौती कभी दिखाती ही नहीं।
बिल अदा करना अनिवार्य
किसान के खेत पर लगा ट्यूबवेल,जिसके लिए कनेक्शन लेना होगा। अस्थायी कनेक्शन लेने से किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी और कंपनी को भी राजस्व प्राप्त होगा। तय दरों के अनुसार विद्युत बिल अदा करना अनिवार्य है।
डीएस राजपूत- एसी,विद्युत वितरण कंपनी- झाबुआ

