प्रदेश की प्रशासनिक हल-चल पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से

मुरैना की महापौर सुनती रहीं कर्मचारी के रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग एसआईआर में ढिलाई पर कलेक्टरों को बड़ी फटकार लगाई एसआइआर सर्वे में लापरवाही-सागर में निलंबन और नोटिस कैसे आएं,ई-अटेंडेंस लगाने?-उज्जैन शहर के हरिफाटक पुल की खुलेगी किस्मत

मुरैना की महापौर सुनती रहीं कर्मचारी के रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग
 

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।   मुरैना नगर निगम में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी चरम पर पहुंच गई है। परेशान फरियादी ने जब सीधे महापौर के सामने पहुंचकर फोन पर रिकॉर्डिंग के जरिए निगम में चल रही घूसखोरी की पोल खोली,तब तो पूरे निगम में खलबली ही मच गई। फिलहाल निगम कमिश्नर ने जांच का आश्वासन तो दिया है। यह नजारा उस वक्त सामने आया,जब एक जायज काम कराने के लिए भी अधिकारियों और बाबूओं ने रिश्वत की मांग की। हालांकि,पीड़ित युवक ने साहस दिखाते हुए सीधे महापौर के समक्ष पहुंचकर मोबाइल पर रिश्वतखोरी का खुलासा कर दिया,जिसके बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया। पैसे के लेनदेन के बावजूद भी पंकज राठौर का काम होते दिखाई नहीं दिया। परेशान फरियादी पंकज राठौर सीधे महापौर शारदा सोलंकी के पास पहुंच गया,उसने महापौर के समक्ष मोबाइल पर नगर निगम के कर्मचारियों से बात की और कर्मचारियों से पूरी बात उगलवाई कि आखिर कौन से अधिकारी को कितना पैसा रिश्वत का देना पड़ेगा?

एसआईआर में ढिलाई पर कलेक्टरों को बड़ी फटकार लगाई

मप्र में चल रहे एसआईआर के काम की धीमी प्रोग्रेस पर एक बार फिर भोपाल,इंदौर और ग्वालियर के कलेक्टरों को दिल्ली से बड़ी फटकार लगी है। चुनाव आयोग की मप्र प्रभारी और डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना और सचिव विनोद कुमार ने वर्चुअल बैठक की। इस बैठक के दौरान भोपाल,इंदौर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों के कलेक्टरों को डिजिटलाइजेशन का काम धीमी रफ्तार होने के कारण उन्हें बड़ी फटकार भी लगाई । वर्चुअल बैठक के दौरान चुनाव आयोग की डायरेक्टर शुभ्रा सक्सेना ने एसआईआर के गणना पत्रक वितरण और डिजिटलाइजेशन को लेकर बात की,तो पाया कि इन तीनों जिलों में डिजिटलाइजेशन की प्रोग्रेस काफी धीमी है और 10 प्रतिशत से कम काम हुआ है। तीनों कलेक्टरों को सक्सेना ने फटकार लगाते हुए कहा कि अगर अगली मीटिंग से पहले एसआईआर डिजिटलाइजेशन में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।

एसआइआर सर्वे में लापरवाही-सागर में निलंबन और नोटिस

मध्यप्रदेश में लापरवाह अधिकारियों,कर्मचारियों पर सख्ती का दौर जारी है। सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने इसी क्रम में 3 एसडीएम और 15 तहसीलदारों पर कड़ी कार्रवाई की है। सागर जिले में चल रहे एसआइआर सर्वे में लापरवाही पर,इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। इतना ही नहीं,3 बीएलओ को तो निलंबित ही कर दिया गया है। सागर कलेक्टर ने ये कार्रवाई की है। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि सर्वे का काम समय-सीमा में पूरा करना अनिवार्य है, इसमें कोताही नहीं चलेगी। एसडीएम,तहसीलदारों जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस और बीएलओ के निलंबन से प्रशासनिक हलकों में खलबली सी मच गई है।

कैसे आएं,ई-अटेंडेंस लगाने?

महीनों पहले दिवंगत हो चुके रीवा जिले के तीन शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने नोटिस भेजा है कि ई-अटेंडेंस में  गैरहाजिर क्यों है,जवाब दीजिये।  सरकारी स्कूलों के ऐसे करीब 1500 शिक्षकों को विभाग ने नोटिस भेजा था,जिसमें इन तीनों के नाम भी शामिल रहे। विभाग ने इन शिक्षकों को हिदायत दी कि अगर उन्होंने मोबाइल एप के जरिए हाजिरी नहीं लगाई तो उनका वेतन काट लिया जाएगा। मजेदार बात तो यह है कि जिन मृत शिक्षकों को नोटिस थमाए गए,उनमें रामगरीब दीपंकर, छोटेलाल साकेत और देवत दिन कोल का नाम भी शामिल हैं।

उज्जैन शहर के हरिफाटक पुल की खुलेगी किस्मत

उज्जैन शहर में हरिफाटक पुल शहर का इकलौता ऐसा ब्रिज है,जिस पर चौराहा और उसकी चार शाखाएं हैं। अब फिर यह ऐसी खास पहचान पाने वाला ब्रिज बनने जा रहा है,जिसकी चार में से तीन शाखाएं अलग-अलग चौड़ाई की बनायी जाएगी। इसमें दो शाखाएं सिक्स-लेन,एक फोर-लेन तो एक टू-लेन रहेगी। सिंहस्थ-28 के मद्देनजर ब्रिज का नया आकार देने के लिए टेंडर भी हो चुके हैं। सिंहस्थ-28 में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटकों के आने का आंकलन है। मेले के दौरान यातायात का सर्वाधिक दबाव भी,इसी ब्रिज पर होने की संभावना है। ऐसे में सिंहस्थ पूर्व इस ब्रिज का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसके लिए करीब 371 करोड़ रुपए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है,जिसमें हरिफाटक मन्नत गार्डन से बेगमबाग तक की दोनों शाखाओं के पास फोरलेन ब्रिज बनाकर,इसे सिक्स-लेन में तब्दील किया जाएगा। इसी तरह ब्रिज के टॉप से जयसिंहपुरा की ओर उतरने वाली शाखा के साथ एक और टू-लेन शाखा बनाई जाएगी जिससे ब्रिज का यह हिस्सा फोर-लेन हो जाएगा।