लो अब एक और अपमान इस बार तो नगर परिषद का ही अपमान कर दिया, पेटलावद सीएमओ आशा जितेन्द्र भंडारी ने.-अब तो कार्यवाही होगी या फिर से सरंक्षण तो नही मिल जाएगा? अपने कार्यालय में बैठी रही,लेकिन मेला शुभारंभ पूजन में उपस्थित तक नहीं हुई-यह अपमान नहीं तो क्या है?-जिले में कैसे और कब आएगा गुड गवर्नेंस?
लो अब एक और अपमान इस बार तो नगर परिषद का ही अपमान कर दिया, पेटलावद सीएमओ आशा जितेन्द्र भंडारी ने.-अब तो कार्यवाही होगी या फिर से सरंक्षण तो नही मिल जाएगा?
अपने कार्यालय में बैठी रही,लेकिन मेला शुभारंभ पूजन में उपस्थित तक नहीं हुई-यह अपमान नहीं तो क्या है?-जिले में कैसे और कब आएगा गुड गवर्नेंस?
झाबुआ/पेटलावद। संजय जैन-सह संपादक। पेटलावद होलकर स्टेट के पुराने शहर पेटलावद आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में वर्षों से लगाया जाने वाला भैरवनाथ मवेशी मेले के नाम से प्रसिद्ध मेले में लाखों का व्यवसाय होता है और मेले में अच्छी- अच्छी नस्लों के पशुओं का व्यापार व्यवसाय होता है। इस मेले में शहर और आसपास के व्यापारी भी अपनी दुकानें लगाकर अच्छा खासा व्यापार करते है। यह मेला अगहन वदी भैरव ग्यारस से अगहन वदी अष्टमी तक चलता है,साथ ही जनता जनार्दन का उत्साह देखते हुए और भी दो से तीन दिन मेले को बढ़ाए जाने की मनसा हर बार रहती भी है। इस बार तो क्या मालूम सरकार को शायद बदनाम करने की मंशा से इस आदिवासी बाहुल्य भव्य मेले को कलंकित करने हेतु,सीएमओ ने अपनी कोई रुचि इस मेले में दिखाई ही नहीं है।
पलीता लगाने का कार्य तो नही कर रही है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार पेटलावद सीएमओ आशा जितेन्द्र भंडारी इस वर्ष मेला न लगाने का शायद पूरा मन बना चुकी थी। अपनी तानाशाही रवैये से आदिवासियों की खुशियां व व्यवसाय को कुचलते हुय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का आदिवासियों का उत्थान करने के लिए तन,मन और धन से उत्साह वाले मेले को पलीता लगाने का कार्य तो नहीं कर रही है....? शहर की परम्परा और सांस्कृतिक मेले को समाप्त कर,उसे कुचलने का प्रयास नगर परिषद सीएमओ का साफ नजर भी आ रहा है। जो इस मेले से अपने आप को अलग-थलग करने से सिद्ध भी होता है।
शुभारंभ में न आकर अपने कार्यालय में ही बैठी रही
सीएमओ के असहयोगी रवैये को देखते हुए भी पेटलावद के नगर परिषद के सभी पार्षदों ने मिलकर उत्साह उमंग से अपने मन में परंपरा से चले आ रहे,इस भैरवनाथ मवेशी मेले को और भाजपा सरकार के आदिवासियों के प्रति उत्साह विकास उत्थान को देखते हुए,इस मेले को लगाने के साथ इस मेले को चार चांद लगाने के लिए शानदार पहल की है। सीएमओ की मंशा को दरकिनार करते हुए सभी पार्षद अपने ही दम पर मेले की जवाबदारी लेते हुए वर्षो पुरानी परंपरा को निभाने के लिए आतुर हो गए। रंगारंग कार्यक्रम, झूला-चकरी,खाने-पीने,कॉस्मेटिक,कटलरी आदि दुकानों को परमिशन दिलाते हुये फिर से खुशियां लाने का प्रयास चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने किया है। जो मेला अगहन वदी ग्यारस को लगना था,अब यह सीएमओ की गैर जिम्मेदाराना रवैये और असहयोग के चलते शनिवार 22 नवंबर को पार्षदों ने मिलकर लगवाया। सिर्फ पार्षदों ने ही मिलकर शुभारंभ की औपचारिकता निभाई क्योंकि जिम्मेदार सीएमओ मेला स्थल पर न आकर अपने कार्यालय में ही बैठी रही थी।
वर्षों पुरानी परंपरा का कतई कत्ल नही होने देंगे
पार्षदों की सूझबूझ से वर्षों पुरानी मेला लगाने की परंपरा को नेस्तनाबूद होने से बचाया जाय,ऐसी चर्चा नगर में चल रही थी। नगर परिषद अध्यक्ष ललिता योगेश गामड़, उपाध्यक्ष किरण संजय कहार,मेला संयोजक चांदनी दीपक-कालू निमजा तथा नगर परिषद के पार्षद मुकेश परमार,इंदिरा मुकेश पडियार,कन्ना श्यामू मैडा, गौतम गेहलोत,संजय चाणोदिया, रेखा प्रदीप पटवा,जमना भूरा मुणिया,हंसा शिवा राठौड़,वंदा राजू मैडा, भाजपा कार्यालय मंत्री आशीष भाविष्कर और नगर परिषद के कर्मचारी की गुहार पर केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया,सांसद अनीता नागर सिंह चौहान,भाजपा जिलाअध्यक्ष भानु भूरिया, उपाध्यक्ष हेमंत भट्ट और भाजपा मण्डल अध्यक्ष संजय कहार ने मेले की परंपरा को कलंकित होने से बचाने के लिए इस गुहार पर उपरोक्त सभी की हिम्मत बढ़ाई और कहा कि आप लोग निडर होकर मेले की तैयारी कीजिये। इस भैरवनाथ मवेशी मेले को परंपरागत चलाने के लिए सीएमओ की हठधर्मिता को नजर अंदाज करते हुए,पार्टी का सिद्धांत व मेले की वर्षों पुरानी परंपरा का कतई कत्ल नही होने देंगे,हमारी ओर से आपको पूरा सहयोग रहेगा। उनके सहयोग से नगर परिषद अध्यक्ष पार्षदगण व छोटे कर्मचारी बेहद खुश हो उठे और मेले की परंपरा को 22 नवंबर 2025 शनिवार अगहन सुदी बीज से खुशी-खुशी और बड़े ही हर्षोउल्लास के मेले को प्रारंभ कर दिया। बाहर से आए हुए सभी छोटे-मोटे व्यापारियों के चेहरे पर मेले के उमंग की खुशी छा गई,जबकि मेले की पुरानी तारीख के भरोसे तो व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ जाता। वर्षों से पुजारी चेना पिता मंठियां मैडा द्वारा पूजा अर्चना की जाती रहती है,साथ हो हर शनिवार और मंगलवार को वहां की जात्रा व ताति डोरा भी किया जाता है।
कार्यवाही की है दरकार,सीएमओ पेटलावद पर-जिले में दो-दो मातृ शक्ति आयएएस
जिले में मातृ शक्ति दो आयएएस,एक तो कलेक्टर नेहा मीना और दूसरी पेटलावद एसडीएम तनुश्री मीना पदस्थ भी है। मजेदार बात तो पहली बार संसदीय क्षेत्र से 3 विधायक भी मंत्री तक है। आखिरकार सीएमओ को किसका संरक्षण मिल रहा है? इसी समाचार पत्र ने पेटलावद अवैध निर्माण के हादसे के बाद से लगातार सीएमओ के अक्षम्य कृत्यों की लगातार खबरें प्रकाशित कर प्रशासन को अवगत भी कराया है।

