प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक नोक-झोक पर अलग हट कर,संघर्ष से सिद्धि की विशेष पेशकश संजय जैन-सह संपादक की कलम से

निगमायुक्त की तेज गति में,बैठकों के स्पीड ब्रेकर-इंदौर में आखिर चल किसकी रही है-सीएम के गृहनगर में,प्रदेश में अंबानी का पहला चिड़ियाघर बनेगा-सवा लाख पेड़ कटना तय-केंद्र चाहे तो किसानों से सीधे खरीदे गेहूं-धान-बिछड़ों को मिला रहे हैं बड़वानी के अजित जैन

निगमायुक्त की तेज गति में,बैठकों के स्पीड ब्रेकर

झाबुआ/इंदौर। संजय जैन-सह संपादक।  इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव नगर निगम के ऐसे पहले आयुक्त हैं,जो चाहे जब निगम के कार्यों,सड़कों के गड्डे भरने आदि का काम देखने मौके पर पहुंच जाते हैं। उनकी इस सक्रियता की अपेक्षा तो जनप्रतिनिधियों से भी की जा सकती है। उल्लेखनीय है कि निगमायुक्त की इस शैली को पहले तो महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनाया,फिर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी आधी रात में  सड़क निर्माण देखने पहुंच गए। निगमायुक्त और महापौर के बीच चल रहे इस कोल्डवॉर पर नजर रखने वालों को यह बदलाव भी समझ आने लगा है कि अब महापौर ने नगर निगम के कार्यों को लेकर विधानसभावार पार्षदों के साथ बैठक शुरु कर दी है। इस बैठक में पार्षदों के साथ उनके प्रतिनिधि और परिवार के सदस्य भी शामिल हो रहे हैं। जाहिर है ऐसी बैठकों में निगमायुक्त से लेकर उनकी टीम के बाकी अधिकारियों पर ही गुस्सा निकलता है। एक तरह से ये बैठकें निगमायुक्त की गाड़ी की तेज गति को रोकने में,स्पीड ब्रेकर का काम ही कर रही हैं।

इंदौर में आखिर चल किसकी रही है?

इंदौर जिले के जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की समन्वय बैठक में जनप्रतिनिधियों की नाराजी रही थी कि शहर में चाहे मेट्रो के निर्माण कार्य,स्टेशन के स्थान तय करना,सड़कों की दुर्दशा हो शहर का सत्यानाश करने के लिये नगर निगम,प्रशासन और पुलिस सहित अन्य विभागों ही दोषी है। बैठक में जब जनप्रतिनिधियों के तीखे तेवर थे,तब वहां व्यवस्था में लगे कर्मचारी फुसफुसा रहे थे कि जब काम की मंजूरी से लेकर निर्माण प्रक्रिया चल रही थी,तब जनप्रतिनिधि क्या कर रहे थे? यदि जनप्रतिनिधियों की इतनी भी नहीं सुनी जा रही है,तो आखिर में इंदौर में चल किसकी रही है? समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न कार्यों की लागत में वृद्धि संबंधी प्रस्ताव तैयार हुए हैं,तो इन प्रस्तावों की मंजूरी भी अब खटाई में पड़ सकती है।

सीएम के गृहनगर में,प्रदेश में अंबानी का पहला चिड़ियाघर बनेगा

सीएम के गृहनगर में चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना के लिए विस्तृत कार्य योजना- डीपीआर रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की ग्रीन्स जूलाजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति बना रही है। तैयारियों को लेकर  रिलायंस ग्रुप की टीम ने टीम  योजना के लिए चिह्नित उज्जैन में मक्सी रोड स्थित 80 हेक्टेयर में फैली नौलखी बीड का निरीक्षण भी कर लिया है। डीएफओ अनुराग तिवारी को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही डीपीआर बनाकर प्रस्तुत भी कर देंगे। यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग 300 करोड़ रुपये से 80 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगी। इसके लिए 25 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मंजूर भी की जा चुकी है। प्रस्तावित योजना के अनुसार नौलखी बीड पर बनने वाले इस चिड़ियाघर, सफारी में बाघ,सफेद बाघ,तेंदुआ,चीता सहित बड़े जीवों के लिए 47 विशेष बाड़े होंगे। साथ ही छोटी प्रजातिया,पक्षी,प्राइमेट,सरीसृप,एक तितली गुंबद,मछली घर,बचाव केंद्र और पशु चिकित्सा अस्पताल की भी व्यवस्था रहेगी। यह परियोजना प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख वन्य जीव संरक्षण स्थलों में शुमार हो सकेगी।

सवा लाख पेड़ कटना तय

रेलवे की महू-खंडवा आमान परिवर्तन परियोजना के महू-सनावद खंड के निर्माण के लिए इंदौर और खरगोन जिलों में फैले घने जंगलों में कुल 1.41 लाख पेड़ कटना तय है। वन मंडलाधिकारी प्रदीप मिश्रा की मानें तो इनमें से 1.24 लाख पेड़ तो कटने ही हैं,लेकिन हम अन्य पेड़ों को बचाने की पूरी कोशिश करेंगे। पहाड़ी क्षेत्र में रेल लाइन के लिए सुरंगें बनने के कारण भी कई पेड़ बच जाएंगे। पेड़ काटने के लिए केंद्र सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है और तय औपचारिकताओं के बाद इसकी अंतिम स्वीकृति जारी की जाएगी।

केंद्र चाहे तो किसानों से सीधे खरीदे गेहूं-धान

किसानों के प्रति समर्पित रहने वाली प्रदेश सरकार ने गेहूं और धान की खरीदी करने से साफ  इंकार कर दिया है। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले,खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय मंत्री प्रहलाद जोशी को लिखे इस पत्र में केंद्र से गेहूं और धान की सीधी खरीदी करने का आग्रह किया है। सीएम द्वारा लिखे गए पत्र में प्रदेश के नागरिक आपूर्ति निगम -नान के 72 हजार 177 करोड़ रुपए के कर्ज का हवाला भी दिया गया है,अब केंद्र सरकार को इस पर निर्णय लेना है। मप्र में गेहूं और धान की खरीदी की वर्तमान व्यवस्था चलती रहेगी या इसमें बदलाव होगा,अब यह केंद्र तय करेगा। अभी तक  प्रदेश का नागरिक आपूर्ति निगम किसानों से फसल खरीद कर केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य निगम को भेजता था। एमपी सरकार इस विकेंद्रीकृत व्यवस्था को बदलना चाहती है। इस व्यवस्था से राज्य सरकार इससे अलग होना चाहती है,यानी किसानों से गेहूं,धान खरीदने में प्रदेश के नागरिक आपूर्ति निगम की कोई भूमिका नहीं रहेगी।

बिछड़ों को मिला रहे हैं बड़वानी के अजित जैन

बड़वानी के अजित जैन को खोया-पाया सेंटर संचालक भी कहा जाए,तो गलत नहीं होगा। अपने  इस सेवा कार्य से अब तक वे सवा दो सौ से अधिक गुमशुदा लोगों को उनके परिजनों तक पहुंचा चुके हैं। बड़वानी के ग्राम पिछोड़ी में एक घूम रहे एक मानसिक रोगी के घूमने की सूचना मिली थी।  तब अजित जैन और रोटरी क्लब सचिव ललित जैन ने उसकी जानकारी जुटाई,तो पता  चला कि सोनू सुरेश यादव निवासी लंगर टोली पटना बिहार का है। अजित जैन ने उसकी जानकारी सोशल मीडिया पर जारी करने के साथ ही बिहार चुनाव में प्रचार के लिए गए क्षेत्रीय सांसद गजेंद्रसिंह पटेल और ग्राम तलवाड़ा डेब के रवि प्रजापत को भी दी। सोनू यादव के भाई बिहार से बड़वानी पहुंचे और उसे लेकर गए।