कल श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा का 90 वां जन्मोत्सव जीवदया, मानव सेवा और जप- तप के साथ मनाया गया        

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक। पुण्य सम्राट राष्ट्रसंत गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी मसा का 90वां जन्मोत्सव वर्तमान गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी मसा एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी मसा की पावन प्रेरणा से कल  मंगलवार को जीवदया, मानव सेवा और जप-तप के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सभी आयोजन परम् पूज्य साध्वीरत्ना रत्नरेखा श्रीजी मसा आदि ठाणा-3 की पावनकारी निश्रा में जैन श्वेतांबर श्री संघ एवं अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन परिषद् परिवार शाखा झाबुआ द्वारा किए गए।।                  

ऐसे हुआ सुबह से सम्पूर्ण आयोजन

झाबुआ श्री संघ क़े प्रवक्ता संजय जगावत ने बताया कि कल मंगलवार की सुबह 6.30 बजे भक्तामर स्त्रोत एवं पुण्य सम्राट पाठ का आयोजन हुआ। इस दौरान लक्की ड्रा एवं पाठ के लाभार्थी स्व. लता प्रधान की स्मृति डॉ. संतोष, पलॉश प्रधान परिवार रहा। 7 बजे शहर में प्रभात फैरी निकाली गई। जिसमें आगे विशेष जिप्सी में जयंतसेन सूरीजी की आदमकद तस्वीर विराजमान करने के साथ परिषद् परिवार के युवा सदस्य अपने हाथों में जयंतसेन सूरीजी के फोटो युक्त चित्र के साथ जयघोष लगाते हुए शामिल हुए। यह प्रभात फैरी बावन जिनालय से  शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। प्रभात फैरी पश्चात् मंदिर पर संघ पूजन का लाभ लाभार्थी परिवारों द्वारा लिया गया। 8.30 बजे सद्गुरू गौशाला लक्ष्मीनगर में गौमाताओं को आहार करवाया गया। सुबह 10 बजे से बावन जिनालय स्थित पोषधशाला भवन में गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ। गुणानुवाद सभा में पुण्य सम्राट की गुरु पूजन का लाभ मुकेश जैन ‘नाकोड़ा’ परिवार ने लिया। इस दौरान जयंतसेरी सूरजी की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं प्रतिमा के सम्मुख 90 दीप प्रज्जलवन का लाभ सुनील, अर्पित, अर्हम संघवी परिवार ने लिया।

पुण्य सम्राट के जीवन पर डाला प्रकाश

गुणानुवाद सभा में पूज्य साध्वी भगवंतों ने पुण्य सम्राट के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं गुणानुवाद सभा में डॉ. प्रदीप संघवी, अशोक कटारिया, मनोहर छाजेड, श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, सुश्राविका मांगूबेन सकलेचा, हंसा कोठारी आदि ने भी अपने विचार रखे एवं गुरू महिमा का बखान किया। गुरूदेव की सामूहिक महाआरती का लाभ अंजु-प्रमोद भंडारी परिवार ने लिया। इस बीच आकर्षक लक्की ड्रा का आयोजन लीलाबेन भंडारी,सरोज सेठिया एवं श्रुति सकलेचा की ओर से रखा गया। गुणानुवाद सभा का सफल संचालन निखिल भंडारी ने किया।

गुरूदेव की अष्टप्रकारी पूजन हुई

दोपहर 12.15 बजे से जैन धर्मशाला में साधर्मी वात्सल्य का आयोजन हुआ। जिसके मुख्य लाभार्थी स्व. लीलाबाई चंपालाल भंडारी की स्मृति में सुरेशचन्द्र, कमलेश, प्रमोद, जीवनलाल, राजेन्द्र, अतुल, अंजु, सिमरन भंडारी परिवार झाबुआ-पारा के साथ कई अन्य सह-लाभार्थी भी रहे। दोपहर 1 बजे से बावन जिनालय में पुण्य सम्राट की संगीतमय अष्टप्रकारी पूजन का लाभ स्व. चंद्रकांताबेन शैतानमल लोढ़ा की पुण्य स्मृति में अरविन्द, मुकेश, पलॉश, हर्ष लोढ़ा परिवार ने लिया। पूजन महिला परिषद् एवं बहू परिषद् द्वारा पढ़ाई गई।
निराश्रित बच्चों को भोजन करवाया गया ।