ताश पत्ती से लाखो की हार जीत का चल रहा था जुआ-अब फार्म हाउस के गुप्त मालिक और संचालन करने वालों पर क्या कार्यवाही होगी?

राणापुर में फॉर्म हाउस में चल रहे जुए के अड्डे पर पुलिस की दबिश पर भागे अनगिनत,पकड़े गए सिर्फ 8 जुआरी आखिर जब्त मोबाइल किसके,क्या पुलिस करेगी खुलासा?

झाबुआ/राणापुर। संजय जैन-सह संपादक।   विगत दिनों बुधवार की रात्रि में राणापुर थाना प्रभारी सिंघम दिनेश रावत के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए,कुंदनपुर रोड स्थित एक फार्म हाउस जिसे जुए का अड्डा भी कह सकते है। यहाँ सूत्रों की माने तो कई समय से अवैध तरीके से जुआ अड्डा चल भी रहा है। राणापुर पुलिस की टीम ने दबिश डाल कर जुआ खेलते हुए,आठ जुआरियों को गिरफ्तार किया,लेकिन कई प्रभावी फरार होने में तो कामयाब हो गए लेकिन कैसे?

फार्म हाउस किसी आदिवासी के नाम पर

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार यह फार्म हाउस ग्राम पंचायत क्षेत्र में बना हुआ है,साथ ही किसी आदिवासी के नाम पर है। इस फॉर्म हाउस में जुआ खेलते रानापुर पुलिस टीम ने 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। जुआरियों से 63 हजार 550 जब्त किए गए। जबकि सूत्रों के अनुसार उस जुए के अड्डे पर कई अलग-अलग ग्रुप बनाकर ताश पत्ती पर लाखों की हार जीत का जुआ खुले आम चल रहा था। अधिकतर जुआरी के पास 10 हजार से लगाकर एक लाख तक की राशि थी। उल्लेखनीय है कि जो जुआरी जुआ खेलने दाहोद-गुजरात से झाबुआ आया है,तो क्या वह मात्र अपने साथ 5 या 10 हजार लेकर तो नहीं आया होगा....? जो संदेह के घेरे में तो है। नगर में यह चर्चा आम है कि जुआ अड्डे पर जुआरियों के पास लाखो रुपए थे। जैसे ही पुलिस ने दबिश डाली कई जुआरी आनन-फानन में इधर-उधर भागने लगें। बताया जाता है जुआरियों की संख्या लगभग 25 से अधिक थी।

नेता और नेताओं के रिश्तेदार भी शामिल

सख्ती से पकड़े गए जुआरियों के बयान दोबरा लेना चाहिए। उनसे यह सख्ती से पूछना चाहिए कि कितने और कौन-कौन जुआरी थे? ऐसा करने से मुख्य सूत्रधार,गुप्त मालिक या कहे तो मुख्य जुए अड्डे का संचालक सहज ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएगा,ऐसा हमारा मानना है। विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आयी है कि एक नेता भी वहां मौजूद था,जो शायद सेटिंग के चलते भागने में सफल हो गया। गौरतलब है कि उसका मोबाइल जुआ अड्डे पर छूट गया,जो पुलिस के हाथ भी लग गया है। ऐसा भी सूत्रों से पता चला है कि वह नेता अपना मोबाइल लेने के लिए थाने के चक्कर भी लगा रहा था। खैर,यह तो सघन जांच का विषय है। नगर में चर्चा है कि इसमें नेता और नेताओं के रिश्तेदार भी शामिल थे। इनमें किसी नेता का पुत्र,तो एक पूर्व पार्षद का पति और एक पूर्व पार्षद का भाई भी शामिल है। पकड़े गए जुआरियों को छुड़ाने के लिए कई रसूखदारों के फोन भी आए लेकिन पुलिस ने किसी की भी नहीं सुनी। अंतत: रानापुर पुलिस ने प्रकरण बीएनएस की धारा 13 जुआ एक्ट में दर्ज कर लिया है।

सभी को अपने शिकंजे में अवश्य ले लेंगे

राणापुर में जिस तरह की चर्चा चल रही उसके अनुसार कुंदनपुर रोड पर जिस फार्म हाउस पर यह जुआ घर काफी समय से चल रहा है,इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। पहली बार राणापुर थाना प्रभारी निरीक्षक सिंघम दिनेश रावत ने दबंगई दिखाते हुए कार्यवाही कर,चल रहे जुआघर का खुलासा किया है,जो काबिले तारीफ भी है। नगर की जनता को विश्वास है कि वे सभी को अपने शिकंजे में अवश्य ले लेंगे।

आपको बता दे की यह जुआ घर नगर में काफी समय से चल रहा है। यह स्थान पुलिस थाने से महज 400 मीटर दूर कुंदनपुर रोड पर स्थित है। इसके बावजूद भी ना तो पुलिस,मुखबीर और ना ही पुलिस के खुफिया तंत्र की नजर में आया,जो समझ से परे तो है। सूत्रों की माने तो पुलिस को फार्म हाउस उर्फ जुआ घर से दबिश के दौरान कुछ मोबाइल भी मिले है,जो जुआरियों ने पुलिस को देखकर, भागने की हड़बड़ाहट में छोड़ दिए। यदि वे मोबाइल पुलिस के हाथ लगे है तो क्या इन मोबाइल के आधार पर जांच कर अन्य आरोपियों का भी पुलिस खुलासा करेगी ? पुलिस ने पकड़े गए सभी जुआरियों को रात्रि में ही छोड़ दिया,जबकि इनसे अन्य जुआरियों के बारे में पूछताछ तो करना थी और सख्ती से यह भी पूछताछ करना थी कि इस फार्म हाउस पर जुआ का अड्डा कब से चल रहा है? और इसे कौन संचालित कर रहा है...? लेकिन पुलिस ने जुआ एक्ट में प्रकरण दर्ज करते सब को छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह को सम्पूर्ण घटना क्रम की वरिष्ठ अधिकारी से जांच करवाने की आवश्यकता है,जिससे स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर,जो संदेह व्यक्त किया जा रहा वह दूर हो सके।

पकड़े गए आरोपी

पकड़े गए आरोपीमें हैदर पिता करामत खान उम्र 47 साल-निवासी मस्जिद गली राणापुर,गोविंद पिता भोलाराम सिसोदिया उम्र 38 साल-निवासी एकता गली राणापुर,मानव पिता जसवंत गाहरी उम्र 19 साल-निवासी गाहरी डूंगरा राणापुर,पृथ्वीराज चौहान पिता लालचंद चौहान उम्र 19 साल-निवासी चंद्रशेखर आजाद मार्ग राणापुर,नासिर पिता शब्बीर अरब उम्र 49 साल-निवासी दाहोद,उमंग पिता दिनेशचंद्र दवे उम्र 29 साल-निवासी मंदिर गली रानापुर,नईम मोहम्मद शेख पिता शब्बीर शेख उम्र 41 साल-निवासी  कैलाश मार्ग झाबुआ,आरिफ  पिता फकीर मोहम्मद खान उम्र 30 साल-निवासी ताड़ गली राणापुर को गिरफ्तार किया गया है।

किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

बुधवार की रात्रि को हमारी टीम ने फार्म हाउस पर दबिश देकर 8 जुआरियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। फार्म हाउस ग्राम पंचायत क्षेत्र में बना हुआ है,साथ ही किसी आदिवासी के नाम पर है। बल की कमी के चलते कई फरार होने में कामयाब हो गए। सख्ती से पूछताछ की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही जुए घर के मुख्य संचालक -गुप्त मालिक को जनता के सामने भी लाएंगे,चाहे वो,जो कोई भी हो।

दिनेश रावत-थाना प्रभारी, राणापुर