अधूरे पाठ्यक्रम के साथ नौवीं से 12वीं तक अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू

त्योहारों और विलंबित प्रवेश से पढ़ाई की रफतार प्रभावित, शिक्षकों ने जताई चिंता

झाबुआ। संजय जैन-सह संपादक।  जिले के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकंडरी विद्यालयों में मंगलवार से अर्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष परीक्षा कार्यक्रम जल्दी घोषित किए जाने से विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल है। परीक्षा 3 से 13 नवंबर तक आयोजित की जा रही है। विशेष बात ये है कि इस बार पाठ्यक्रम का करीब 40 प्रतिशत भाग अभी शेष है और अधूरे पाठ्यक्रम की तैयारी के साथ ही छात्र परीक्षा दे रहे हैं।

हुई है बच्चों की समझ प्रभावित

इस सत्र में प्रवेश प्रक्रिया 14 अगस्त तक चली। इसके बाद 27 अगस्त से 9 सितंबर तक त्रैमासिक परीक्षा हुई। इसके बीच गणेशोत्सव,दशहरा और दीपावली जैसे उत्सवों के अवकाश ने कक्षाओं की संख्या घटा दी। विभाग ने 1 नवंबर तक 70 प्रतिशत सिलेबस पूरा करने का लक्ष्य तय किया था,लेकिन अधिकांश स्कूल 60 प्रतिशत तक ही पहुंच पाए हैं। शिक्षकों का कहना है कि शिक्षण के दिन कम होने से बच्चों की समझ प्रभावित हुई है। एक शिक्षक ने कहा कि जब पर्याप्त पढ़ाई के दिन ही नहीं मिले,तो केवल स्कूलों पर जिममेदारी डालना उचित नहीं। पहले स्थिति का आकलन कर परीक्षा कार्यक्रम बनाया जाना चाहिए था।

पूरा सिलेबस अभी पढ़ाया नहीं गया

विद्यार्थियों का कहना है कि गणित,विज्ञान और अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों का पूरा सिलेबस अभी पढ़ाया नहीं गया है। त्योहारों और देर से शुरू हुई कक्षाओं के कारण समय कम मिला और पढ़ाई का दबाव बढ़ गया। कई स्कूलों में केवल नोट्स रटवाकर तैयारी कराई जा रही है। एक छात्रा ने कहा कि त्योहारों की छुट्टियां, देर से एडमिशन और अचानक परीक्षा की घोषणा से हम तैयार नहीं हो पाए।

31 अक्टूबर तक के सिलेबस पर प्रश्नपत्र

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केवल 31 अक्टूबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम पर आधारित है। प्रश्नपत्र मप्र राज्य मुक्त विद्यालय शिक्षा परिषद भोपाल द्वारा भेजे गए हैं। डीईओ कार्यालय ने स्कूलों को बचा हुआ पाठ्यक्रम रेमेडियल कक्षाओं के माध्यम से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि,छात्र-शिक्षक दोनों का सवाल है कि जब परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर है,तो क्या प्रश्न पत्र में जिले की वास्तविक शिक्षण स्थिति का ध्यान रखा गया है?

बच्चों की हो सकती है पढ़ाई प्रभावित

इस वर्ष बोर्ड ने एक माह पहले परीक्षा प्रारंभ कर दी है। वहीं जिले में कई शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ सहित अन्य कार्यों में लगी है,जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि हाईस्कूल और हायर सेकंडरी शिक्षकों को निर्वाचन कार्य में न लगाया जाए। वर्तमान में 50 से 60 प्रतिशत पाठ्यक्रम ही पूरा हुआ है।

परीक्षा आयोजन और मूल्यांकन

अर्धवार्षिक परीक्षा दो सत्रों में हो रही है। 9वीं व 10वीं की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक तथा 11वीं व 12वीं की दोपहर 1.30 से शाम 4.30 बजे तक होगी। मूल्यांकन कार्य परीक्षा के साथ ही किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि 20 नवंबर तक परिणाम घोषित कर अभिभावकों को सूचित किया जाए तथा 24 नवंबर तक परिणाम विमर्श पोर्टल पर अपलोड किए जाएं।

7 फरवरी से होंगी वार्षिक परीक्षाएं
हायर सेकंडरी

-7 फरवरी-              हिंदी
-10 फरवरी-           अंग्रेजी
-13 फरवरी-           भौतिक शास्त्र,अर्थशास्त्र, विज्ञान के तत्व,इतिहास
-14 फरवरी-           बायोटेक्नोलॉजी
-16 फरवरी-           संस्कृत
-18 फरवरी-           रसायन शास्त्र,इतिहास,व्यवसाय अध्ययन
-19 फरवरी-           मनोविज्ञान
-21 फरवरी-          कृषि,होम साइंस,एकाउंटेंसी
-23 फरवरी-          बायोलॉजी
-25 फरवरी-         गणित
-26 फरवरी-        राजनीति शास्त्र
-02 मार्च-          समाजशास्त्र
-05 मार्च-          भूगोल

हाईस्कूल परीक्षा

-11 फरवरी-        हिंदी
-13 फरवरी-        उर्दू
-14 फरवरी-       आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
-17 फरवरी-       अंग्रेजी
-19 फरवरी-       संस्कृत
-24 फरवरी-       गणित स्टैंडर्ड/बेसिक
-27 फरवरी-        विज्ञान
-02 मार्च-          सामाजिक विज्ञान

(नोट-परीक्षा के टाइम टेबल में बोर्ड द्वारा संशोधन किया जा सकता है।)
(परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे तक )